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13 साल पहले लापता हुए जवान को मिला शहीद का दर्जा
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बागपत जिले के गांव सिंघावली अहीर निवासी बीएसएफ के जवान संजय कुमार को 13 साल बाद शहीद का दर्जा मिलने
- फोटो : BAGHPAT
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अमीनगर सराय (बागपत)। सिंघावली अहीर गांव निवासी सीमा सुरक्षा बल के जवान को लापता होने के 13 साल बाद शहीद का दर्जा मिला है। सीमा सुरक्षा बल के अधिकारी सोमवार को उसके घर पहुंचे तथा शहीद का दर्जा दिए जाने का पत्र उनकी पत्नी को सौंपा। इस तरह 13 साल बाद पति को शहीद का दर्जा मिलने पर पत्नी भावुक हो गई।
सिंघवाली अहीर निवासी संजय कुमार पुत्र स्वर्गीय मांगेराम शर्मा का 15 जनवरी 2003 को सीमा सुरक्षा बल में आरक्षी के पद पर चयन हुआ था। वर्ष 2009 में संजय ड्यूटी के दौरान पशु तस्करों का पीछा करते हुए नदी में गिर गए थे। इसके बाद से वह लापता थे। जवान की पत्नी पूनम अपने दो वर्ष के बेटे को लेकर कई साल तक दिल्ली में सीमा सुरक्षा बल के कार्यालय और अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काटती रही, मगर संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्हें किसी से मदद नहीं मिली तो थक हार कर बैठ गईं। सोमवार को सीमा सुरक्षा बल के अधिकारी सिंघावली अहीर गांव में संजय के घर पहुंचे। उन्होंने संजय को शहीद का दर्जा दिए जाने की जानकारी दी। संजय की पत्नी पूनम शर्मा को इससे संबंधित प्रमाण पत्र सौंपा। जिसके पाकर पूनम भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि पति को शहीद का दर्जा मिलने पर वह गर्व महसूस कर रही हैं।
नाव से गिरकर लापता हुए थे संजय
संजय कुमार 22 अक्टूबर 2009 को बांग्लादेश सीमा पर सीमा सुरक्षा बल की 151 बटालियन की चौकी वजीतपुर पर तैनात थे। वहां वे पशु तस्करों को पकड़ रहे थे तो उस दौरान वह नदी में गिर गए थे। काफी तलाश करने के बाद भी उनका सुराग नहीं मिल सका था। इसके बाद से पत्नी उनकी सकुशल बरामदगी की गुहार लगा रही थीं। संजय कुमार भले ही नहीं मिल सके परंतु अब उन्हें शहीद का दर्जा मिलने से पत्नी को कुछ सकून जरूर मिला है।
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सिंघवाली अहीर निवासी संजय कुमार पुत्र स्वर्गीय मांगेराम शर्मा का 15 जनवरी 2003 को सीमा सुरक्षा बल में आरक्षी के पद पर चयन हुआ था। वर्ष 2009 में संजय ड्यूटी के दौरान पशु तस्करों का पीछा करते हुए नदी में गिर गए थे। इसके बाद से वह लापता थे। जवान की पत्नी पूनम अपने दो वर्ष के बेटे को लेकर कई साल तक दिल्ली में सीमा सुरक्षा बल के कार्यालय और अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काटती रही, मगर संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्हें किसी से मदद नहीं मिली तो थक हार कर बैठ गईं। सोमवार को सीमा सुरक्षा बल के अधिकारी सिंघावली अहीर गांव में संजय के घर पहुंचे। उन्होंने संजय को शहीद का दर्जा दिए जाने की जानकारी दी। संजय की पत्नी पूनम शर्मा को इससे संबंधित प्रमाण पत्र सौंपा। जिसके पाकर पूनम भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि पति को शहीद का दर्जा मिलने पर वह गर्व महसूस कर रही हैं।
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नाव से गिरकर लापता हुए थे संजय
संजय कुमार 22 अक्टूबर 2009 को बांग्लादेश सीमा पर सीमा सुरक्षा बल की 151 बटालियन की चौकी वजीतपुर पर तैनात थे। वहां वे पशु तस्करों को पकड़ रहे थे तो उस दौरान वह नदी में गिर गए थे। काफी तलाश करने के बाद भी उनका सुराग नहीं मिल सका था। इसके बाद से पत्नी उनकी सकुशल बरामदगी की गुहार लगा रही थीं। संजय कुमार भले ही नहीं मिल सके परंतु अब उन्हें शहीद का दर्जा मिलने से पत्नी को कुछ सकून जरूर मिला है।
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