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आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों को मिले शहीद का दर्जा
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बड़ौत। किसान यूनियन के पदाधिकारियों की बैठक सोमवार को कोताना रोड के समीप आयोजित की गई। इसमें प्रधानमंत्री द्वारा नए कृषि कानून को वापस लिए जाने पर खुशी जताई। इसे किसानों की जीत करार दिया। उन्होंने आंदोलन में मारे गए किसानों को शहीद का दर्जा दिलाए जाने की मांग की तथा आगामी 26 नवंबर को तहसील मुख्यालय पर होने वाली महापंचायत को सफल बनाने का आह्वान किया।
किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी ब्रजपाल के आवास पर किसान नेता बलजोर सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें वक्ताओं ने कहा कि आखिरकार प्रधानमंत्री को एक साल बाद समझ आ ही गई, तभी उन्होंने नए कृषि कानूनों को वापस ले लिया। उन्होंने आंदोलन में मारे गए किसानों को शहीद का दर्जा दिलाए जाने, पीड़ित परिवार को एक करोड़ मुआवजा दिलाए जाने व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की।
इस अवसर पर विक्रम आर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश को छोड़कर अन्य प्रदेशों में बिजली के रेट काफी कम हैं। प्रदेश में बिजली के रेट ज्यादा हैं जिसे कम किया जाना चाहिए। बताया कि तहसील में 26 नवंबर को होने वाली महापंचायत में इन सभी मुद्दों पर विचार-विमर्श कर आंदोलन की रणनीति तैयार होगी। बैठक में चौधरी पुष्पेद्र सिंह, तेजपाल सिंह, धीर सिंह तोमर, धर्मपाल सिंह, नरेश, वीरेंद्र सिंह, डॉ. कृपाल सिंह, धर्मेंद्र, सूबे सिंह शामिल रहे।
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किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी ब्रजपाल के आवास पर किसान नेता बलजोर सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें वक्ताओं ने कहा कि आखिरकार प्रधानमंत्री को एक साल बाद समझ आ ही गई, तभी उन्होंने नए कृषि कानूनों को वापस ले लिया। उन्होंने आंदोलन में मारे गए किसानों को शहीद का दर्जा दिलाए जाने, पीड़ित परिवार को एक करोड़ मुआवजा दिलाए जाने व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की।
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इस अवसर पर विक्रम आर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश को छोड़कर अन्य प्रदेशों में बिजली के रेट काफी कम हैं। प्रदेश में बिजली के रेट ज्यादा हैं जिसे कम किया जाना चाहिए। बताया कि तहसील में 26 नवंबर को होने वाली महापंचायत में इन सभी मुद्दों पर विचार-विमर्श कर आंदोलन की रणनीति तैयार होगी। बैठक में चौधरी पुष्पेद्र सिंह, तेजपाल सिंह, धीर सिंह तोमर, धर्मपाल सिंह, नरेश, वीरेंद्र सिंह, डॉ. कृपाल सिंह, धर्मेंद्र, सूबे सिंह शामिल रहे।
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