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खफराना का सैनिक बर्फ में दबने से हुआ शहीद
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बिनौली। लद्दाख के द्रास सेक्टर में ड्यूटी पर तैनात तैनात खफराना गांव निवासी सैनिक अनुज ठाकुर बर्फ में दबने से शहीद हो गए। रविवार को गांव में सैनिक सम्मान के साथ पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया गया।
खफराना निवासी अनुज ठाकुर (24) पुत्र अशोक ठाकुर वर्ष 2014 में भारतीय सेना में लांस नायक पद पर भर्ती हुए थे। वे फिलहाल लद्दाख के द्रास सेक्टर में तैनात थे। वह चार दिन पूर्व द्रास सेक्टर में ड्यूटी पर थे। इसी दौरान उनके ऊपर अचानक बर्फ की ढांग गिर गई। जिसके नीचे वह दब गए। वहां तैनात अन्य जवानों ने किसी तरह से उन्हें बाहर निकाला तथा चंडीगढ़ के आर्मी हॉस्पिटल में भर्ती कराया। वहां उपचार के दौरान सैनिक अनुज ठाकुर की मौत हो गई। अनुज के शहीद होने की सूचना पाकर परिजनों में कोहराम मच गया। रविवार को सेना के जवान फूल मालाओं से सजी गाड़ी में अनुज के पार्थिव शरीर को लेकर उसके पैतृक गांव खफराना पहुंचे। यहां उनके घर क्षेत्रवासियों का भारी जनसमूह जमा हो गया।
इस दौरान पिता अशोक, मां, बबीता, भाई मनीष, पत्नी आराधना का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजन उन्हें हिम्मत बंधा रहे थे। इसके बाद अनुज की शवयात्रा पूरे गांव की परिक्रमा करने के पश्चात अंत्येष्टि स्थल पहुंची। वहां पर सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। तीन वर्षीय पुत्र श्रेष्ठ ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। शहीद अनुज की शवयात्रा में ब्लॉक प्रमुख कुलदीप तोमर उर्फ चीकू, नरेंद्र चौहान, ग्राम प्रधान मंथन सिंह, विक्रांत राणा, लोकेश, दीपक, किरण, छोटेराम समेत बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग शामिल रहे।
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खफराना निवासी अनुज ठाकुर (24) पुत्र अशोक ठाकुर वर्ष 2014 में भारतीय सेना में लांस नायक पद पर भर्ती हुए थे। वे फिलहाल लद्दाख के द्रास सेक्टर में तैनात थे। वह चार दिन पूर्व द्रास सेक्टर में ड्यूटी पर थे। इसी दौरान उनके ऊपर अचानक बर्फ की ढांग गिर गई। जिसके नीचे वह दब गए। वहां तैनात अन्य जवानों ने किसी तरह से उन्हें बाहर निकाला तथा चंडीगढ़ के आर्मी हॉस्पिटल में भर्ती कराया। वहां उपचार के दौरान सैनिक अनुज ठाकुर की मौत हो गई। अनुज के शहीद होने की सूचना पाकर परिजनों में कोहराम मच गया। रविवार को सेना के जवान फूल मालाओं से सजी गाड़ी में अनुज के पार्थिव शरीर को लेकर उसके पैतृक गांव खफराना पहुंचे। यहां उनके घर क्षेत्रवासियों का भारी जनसमूह जमा हो गया।
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इस दौरान पिता अशोक, मां, बबीता, भाई मनीष, पत्नी आराधना का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजन उन्हें हिम्मत बंधा रहे थे। इसके बाद अनुज की शवयात्रा पूरे गांव की परिक्रमा करने के पश्चात अंत्येष्टि स्थल पहुंची। वहां पर सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। तीन वर्षीय पुत्र श्रेष्ठ ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। शहीद अनुज की शवयात्रा में ब्लॉक प्रमुख कुलदीप तोमर उर्फ चीकू, नरेंद्र चौहान, ग्राम प्रधान मंथन सिंह, विक्रांत राणा, लोकेश, दीपक, किरण, छोटेराम समेत बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग शामिल रहे।
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