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190 गांवों में मनरेगा का काम ठप
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Sun, 04 Oct 2015 11:58 PM IST
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बागपत में पंचायत चुनावों में व्यस्तता के चलते अधिकारियों का ध्यान हटते ही गांवों में मनरेगा का काम पूरी तरह से ठप हो गया। सितंबर की आई मनरेगा की रिपोर्ट में 190 गांवों की प्रति शून्य पाई गई। सबसे अधिक गांव बागपत ब्लाक के हैं। सभी विकास खंड अधिकारियों को नोटिस जारी कर दिया गया है और एक सप्ताह में जवाब मांगा है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की प्रक्रिया शुरू होते ही सभी अधिकारी चुनाव कार्यक्रमों में व्यस्त हो गए। गांवों की ओर से ध्यान हटा तो ग्राम एवं ब्लाक स्तर के अधिकारियों ने भी चुनावी बहाना बनाकर काम की ओर से पूरी तरह ध्यान हटा लिया। नतीजा यह हुआ कि सितंबर में जिले के 190 गांवों में मनरेगा का कोई भी काम नहीं हो पाया।
जिनमें बागपत ब्लाक के 38 गांवों में, बड़ौत के 23 गांवों में, बिनौली के 34 गांवों में, छपरौली के 21 गांवों में, खेकड़ा के 19 गांवों में तथा पिलाना ब्लाक के 34 गांव शामिल हैं। काम न कराए जाने पर गांव के गरीब मजदूरों को भी काम नहीं मिल पाया। ग्राम प्रधान अपनी प्रधानी के चुनाव में व्यस्त हो गए।
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जिले के अधिकांश गांवों में मनरेगा की प्रगति शून्य आने पर अधिकारियों का पारा चढ़ गया। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक एमएल पटेल ने सभी छह विकास खंड अधिकारियों को नोटिस भेजकर एक सप्ताह में जवाब तलब किया है। संतोषजनक जवाब न देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की प्रक्रिया शुरू होते ही सभी अधिकारी चुनाव कार्यक्रमों में व्यस्त हो गए। गांवों की ओर से ध्यान हटा तो ग्राम एवं ब्लाक स्तर के अधिकारियों ने भी चुनावी बहाना बनाकर काम की ओर से पूरी तरह ध्यान हटा लिया। नतीजा यह हुआ कि सितंबर में जिले के 190 गांवों में मनरेगा का कोई भी काम नहीं हो पाया।
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जिनमें बागपत ब्लाक के 38 गांवों में, बड़ौत के 23 गांवों में, बिनौली के 34 गांवों में, छपरौली के 21 गांवों में, खेकड़ा के 19 गांवों में तथा पिलाना ब्लाक के 34 गांव शामिल हैं। काम न कराए जाने पर गांव के गरीब मजदूरों को भी काम नहीं मिल पाया। ग्राम प्रधान अपनी प्रधानी के चुनाव में व्यस्त हो गए।
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जिले के अधिकांश गांवों में मनरेगा की प्रगति शून्य आने पर अधिकारियों का पारा चढ़ गया। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक एमएल पटेल ने सभी छह विकास खंड अधिकारियों को नोटिस भेजकर एक सप्ताह में जवाब तलब किया है। संतोषजनक जवाब न देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।