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संकल्प से बदल गई पुरा के लोगों की जिंदगी
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Mon, 17 Apr 2017 01:29 AM IST
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ग्राम प्रधान शरणवीर सिंह।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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हिंडन नदी के किनारे बसे पुरा गांव की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान श्री परशुरामेश्वर महादेव मंदिर के कारण है। लाखों कांवड़ियों की आस्था का सैलाब यहां उमड़ता है। स्वच्छता के संकल्प ने गांव को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
पंचायती राज विभाग ने गांव को राष्ट्रीय पंचायती राज सशक्तिकरण पुरस्कार के लिए चुना है। 24 अप्रैल को पंचायती राज लखनऊ पर दिल्ली में होने जा रहे समारोह में यह पुरस्कार दिया जाएगा। मुख्यमंत्री महंत आदित्य नाथ मुख्य अतिथि होंगे, जबकि केंद्रीय पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर अध्यक्षता करेंगे।
समारोह की मेजबानी उत्तर प्रदेश करेगा। डीएम ह्दय शंकर तिवारी ने कहापुरा गांव को पुरस्कार मिलने से अन्य गांवों के लोगों को प्रेरणा मिलेगा। दिसंबर माह तक पूरे जिले को ओडीएफ घोषित कराने का लक्ष्य है। पुरा पहला ओडीएफ गांव है।
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कुछ दर्द भी है सीने में
साल में दो बार पुरा गांव में लाखों लोगों का आना जाना होता है। वीआईपी भी आते रहते हैं, लेकिन ग्रामीणों की टीस है कि परिवहन व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। मेरठ या अन्य किसी स्थान पर जाने के लिए सीधे गांव से बस सेवा नहीं है। पहले साढ़े चार किलोमीटर दूर बालैनी स्टैंड पर जाना पड़ता है।
छात्र-छात्रा को सुबह-शाम परेशानी का सामना करना पड़ता है। लखनऊ के लिए चलेंगे, सीतापुर रुकेंगे ःबागपत। लखनऊ में पुरस्कार वितरण समारोह होगा, इसमें जिले से 18 ग्राम प्रधान शामिल होंगे। इसकी तैयारियां शुरू हो गई है। पुरा के अलावा जिले के अन्य ग्राम पंचायतों के 18 प्रधान भी समारोह में शामिल होंगी, इनमें महिलाओं की संख्या छह है। बागपत से रवाना होने वाले लोगों को एक दिन पहले सीतापुर में रोका जाएगा।
ब्लाक और गांव को मिलेगी धनराशि
पुरा गांव को पुरस्कार के तौर पर विकास कार्यों के लिए करीब आठ लाख रुपये की धनराशि दी जाएगी। इसी तरह सूची में पिलाना ब्लाक का नाम है, पूरे ब्लॉक के लिए करीब 20 लाख रुपये की धनराशि दी जाएगी, इससे विकास कार्य कराएं जाएंगे।
जिले का पहला ओडीएफ गांव है पुरा
पुरा गांव जिले का पहला खुले में शौच मुक्त गांव घोषित किया जा चुका है। ग्राम प्रधान शरणवीर सिंह और ग्राम सचिव रूपेश राठी बताते हैं कि यहां 115 शौचालयों का निर्माण कराया। ग्रामीणों ने सहयोग किया।
संकल्प लिया वह खुले में शौच नहीं करेंगे, जिस कारण यह गांव खुले में शौच मुक्त हो सका। ग्रामीणों के सहयोग के चलते ही यहां सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर तरीके से हो पाता है।
महापुरुषों के नाम पर हैं गलियां
गांव की प्रत्येक गली को नाम दिया। इनमें पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह, सर छोटूराम, डॉ. भीम राव अंबेडकर के नाम पर गांव की गलियों के नाम रखे हैं। ग्रामीण चौधरी योगेंद्र, पंडित जयभगवान शर्मा, अनीता कश्यप ने कहा गांव में काफी विकास कार्य कराए जा रहे हैं। पुरस्कार मिलने से हम लोग खुश हैं।
जानिए क्यों सबसे अलग है पुरा
पुरा गांव बेहद खास है। आबादी 3018 है। इसमें पुरुषों की संख्या 1396 और महिलाओं की संख्या 1622 है। गलियों से गुजरें तो लगता है जैसे आप किसी छोटे से कस्बे में है। इंटरलॉकिंग और सीसी रोड का जाल बिछा है।
नालियों में पानी रुका हुआ नहीं दिखता। एक भी सड़क कच्ची नहीं है। अधिकतर सड़कें चौड़ी है, यहां नियमित रूप से सफाई कराई जाती है। ग्राम सचिव रूपेश राठी कहते हैं कि जलनिकासी की व्यवस्था बेहतर है।
स्वच्छता के पैमाने पर यह सबसे अलग है। ग्रामीणों की सुविधा के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, स्वास्थ्य उपकेंद्र, पंचायत घर, पेयजल टंकी, प्राथमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, दो आंगनबाड़ी केंद्र है। गांव में चार सोलर हाई मास्क, 45 सोलर लाइट और 29 स्ट्रीट लाइट लगवाई। वहीं यहां श्मशान स्थल का निर्माण भी कराया।
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पंचायती राज विभाग ने गांव को राष्ट्रीय पंचायती राज सशक्तिकरण पुरस्कार के लिए चुना है। 24 अप्रैल को पंचायती राज लखनऊ पर दिल्ली में होने जा रहे समारोह में यह पुरस्कार दिया जाएगा। मुख्यमंत्री महंत आदित्य नाथ मुख्य अतिथि होंगे, जबकि केंद्रीय पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर अध्यक्षता करेंगे।
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समारोह की मेजबानी उत्तर प्रदेश करेगा। डीएम ह्दय शंकर तिवारी ने कहापुरा गांव को पुरस्कार मिलने से अन्य गांवों के लोगों को प्रेरणा मिलेगा। दिसंबर माह तक पूरे जिले को ओडीएफ घोषित कराने का लक्ष्य है। पुरा पहला ओडीएफ गांव है।
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कुछ दर्द भी है सीने में
साल में दो बार पुरा गांव में लाखों लोगों का आना जाना होता है। वीआईपी भी आते रहते हैं, लेकिन ग्रामीणों की टीस है कि परिवहन व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। मेरठ या अन्य किसी स्थान पर जाने के लिए सीधे गांव से बस सेवा नहीं है। पहले साढ़े चार किलोमीटर दूर बालैनी स्टैंड पर जाना पड़ता है।
छात्र-छात्रा को सुबह-शाम परेशानी का सामना करना पड़ता है। लखनऊ के लिए चलेंगे, सीतापुर रुकेंगे ःबागपत। लखनऊ में पुरस्कार वितरण समारोह होगा, इसमें जिले से 18 ग्राम प्रधान शामिल होंगे। इसकी तैयारियां शुरू हो गई है। पुरा के अलावा जिले के अन्य ग्राम पंचायतों के 18 प्रधान भी समारोह में शामिल होंगी, इनमें महिलाओं की संख्या छह है। बागपत से रवाना होने वाले लोगों को एक दिन पहले सीतापुर में रोका जाएगा।
ब्लाक और गांव को मिलेगी धनराशि
पुरा गांव को पुरस्कार के तौर पर विकास कार्यों के लिए करीब आठ लाख रुपये की धनराशि दी जाएगी। इसी तरह सूची में पिलाना ब्लाक का नाम है, पूरे ब्लॉक के लिए करीब 20 लाख रुपये की धनराशि दी जाएगी, इससे विकास कार्य कराएं जाएंगे।
जिले का पहला ओडीएफ गांव है पुरा
पुरा गांव जिले का पहला खुले में शौच मुक्त गांव घोषित किया जा चुका है। ग्राम प्रधान शरणवीर सिंह और ग्राम सचिव रूपेश राठी बताते हैं कि यहां 115 शौचालयों का निर्माण कराया। ग्रामीणों ने सहयोग किया।
संकल्प लिया वह खुले में शौच नहीं करेंगे, जिस कारण यह गांव खुले में शौच मुक्त हो सका। ग्रामीणों के सहयोग के चलते ही यहां सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर तरीके से हो पाता है।
महापुरुषों के नाम पर हैं गलियां
गांव की प्रत्येक गली को नाम दिया। इनमें पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह, सर छोटूराम, डॉ. भीम राव अंबेडकर के नाम पर गांव की गलियों के नाम रखे हैं। ग्रामीण चौधरी योगेंद्र, पंडित जयभगवान शर्मा, अनीता कश्यप ने कहा गांव में काफी विकास कार्य कराए जा रहे हैं। पुरस्कार मिलने से हम लोग खुश हैं।
जानिए क्यों सबसे अलग है पुरा
पुरा गांव बेहद खास है। आबादी 3018 है। इसमें पुरुषों की संख्या 1396 और महिलाओं की संख्या 1622 है। गलियों से गुजरें तो लगता है जैसे आप किसी छोटे से कस्बे में है। इंटरलॉकिंग और सीसी रोड का जाल बिछा है।
नालियों में पानी रुका हुआ नहीं दिखता। एक भी सड़क कच्ची नहीं है। अधिकतर सड़कें चौड़ी है, यहां नियमित रूप से सफाई कराई जाती है। ग्राम सचिव रूपेश राठी कहते हैं कि जलनिकासी की व्यवस्था बेहतर है।
स्वच्छता के पैमाने पर यह सबसे अलग है। ग्रामीणों की सुविधा के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, स्वास्थ्य उपकेंद्र, पंचायत घर, पेयजल टंकी, प्राथमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, दो आंगनबाड़ी केंद्र है। गांव में चार सोलर हाई मास्क, 45 सोलर लाइट और 29 स्ट्रीट लाइट लगवाई। वहीं यहां श्मशान स्थल का निर्माण भी कराया।