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Baghpat News: यहां पहले भी मिले तेंदुए, वन विभाग तब भी नकारता रहा और अब भी नकार रहा

Tue, 12 Sep 2023 01:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 12 Sep 2023 01:00 AM IST
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Leopards were found here earlier also, the forest department was denying it then and is denying it even now.
- निरपुड़ा के जंगल में वर्ष 2016 में मृत मिली थी मादा तेंदुआ
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-एक कुएं में गिरा तो दूसरा शिकारियों के जाल में भी फंसा था
संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट। बागपत जिले में इस समय तेंदुए दिखाई देने से लोगों में दहशत का माहौल है, लेकिन वन विभाग किसी भी गांव में तेंदुए होने की पुष्टि नहीं कर रहा है। यहां पहले भी कई बार जंगलों में तेंदुए मिल चुके है, लेकिन इसके बावजूद वन विभाग तब भी नकारता रहा था और अब भी नकार रहा है।
किसान जान जोखिम में डालकर तेंदुए की वीडियो बनाकर वन विभाग के अधिकारियों को भेज रहे हैं। वन विभाग के अफसरों की तेंदुआ की ना ने किसानों की जान आफत में डाल रखी है। वीडियो में तेंदुआ दिखाई देने के बाद भी अफसर पुष्टि से इंकार कर रहे है और न ही कोई कदम उठा रहे। जबकि पिछले कुछ साल जिले में तीन जगह तेंदुए मिल चुके हैं। जिनमें से दो तेंदुओं की मौत हो चुकी है और एक शिवालिक के जंगल में छोड़ा गया है।
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निरपुड़ा में मृत मिली थी मादा तेंदुआ
निरपुड़ा गांव में 26 मई 2016 को टीकरी मार्ग पर किसान जसवंत के खेत में आम के पेड़ के नीचे किसानों को मृत मादा तेंदुए का शव मिला था। इसके कुछ बाद किसानों को मृत मादा तेंदुए के दो शावक भी जंगल में दिखाई दिए थे।
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छपरौली में शिकारियों के शिकंजे में फंस गया था तेंदुआ
छपरौली क्षेत्र के ककौर गांव के यमुना खादर में 22 अक्तूबर 2018 को शिकारी के लगाये शिकंजे में तेंदुए का पैर फंस गया था। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मदद से चार घंटे तक रेस्क्यू कर उसे पकड़ लिया था, लेकिन उसकी मौत हो गई थी। तेंदुए की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गले की हड्डी टूटने से मौत होना आया था।
रंछाड़ में कुएं में गिर गया था तेंदुआ
रंछाड गांव के जंगल में 12 दिसंबर 2022 को रणवीर के खराब पड़े कुंए में तेंदुआ गिर गया था। वन विभाग ने रेस्क्यू कर उसे जिंदा पकड़ लिया था और उसे उत्तराखंड के शिवालिक के जंगल में छोड़ दिया गया था।
तेंदुए की दहशत में काम करते है किसान
गांव के जंगल में वर्ष 2016 में मृत मादा तेंदुआ मिला था। जिसके शव को वन विभाग की टीम ले गई थी। तभी से जंगल में तेंदुए घूम रहे है। गांव के किसान तेंदुए की दहशत में खेत में काम करते है। निश्चय राणा, निरपुड़ा
किसानों की जान का खतरा बना
पिछले कुछ सालों से तेंदुए बार-बार देखने को मिल रहे है। जिससे जंगल में जाने वाले किसानों की जान पर खतरा बना हुआ है। वन विभाग भले ही तेंदुए की पुष्टि न करें, लेकिन सभी को तेंदुआ होने का पता है। रविंद्र हट्टी, रंछाड़

वर्जन-जिले में पहले तेंदुए मिलने की बात से इंकार नहीं कर रहे है, लेकिन वर्तमान में खेतों में गन्ना खड़ा है। अभी तक जहां भी तेंदुआ होने की सूचना मिली, वहां जाकर पंजों के निशान देखे गये। जिसमें ज्यादातर जंगली बिल्ली, लकड़बग्घा, कुत्ते के पंजों के निशान मिल रहे है। अगर कहीं भी पुष्टि होती है तो पकड़ने के लिए कार्रवाई की जाएगी। हेमंत कुमार सेठ, डीएफओ।
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