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तप करते साधु के सामने आकर खड़ा हुआ तेंदुआ
ब्यूरो/अमर उजाला, दोघट
Updated Wed, 08 Jun 2016 01:05 AM IST
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पुसार गांव में तपस्या कर रहे साधु के सामने सोमवार रात तेंदुआ और उसके दो शावक आकर खड़े हो गए। साधु और उनके चेले ने कमरे में घुसकर जान बचाई।
गांव के जंगल में तेंदुआ दो शावकों के साथ घूम रहा है। कई किसानों पर उन्होंने हमले का भी प्रयास किया, लेकिन वे किसी तरह बच गए। किसान सुक्रमपाल, ओमकार, रविंद्र कश्यप, ब्रहमपाल कश्यप आदि का तेंदए से आमना-सामना हो चुका है। यह तेंदुआ पुसार, आदमपुर, कान्हड़ आदि गांवों के जंगल में घूम रहा है। भय से किसानों ने खेतों में भी जाना बंद कर दिया।
पुसार गांव के बाहर प्रमोद प्रधान के नलकूप पर साधु इंद्रराज तपस्या कर रहे हैं। सोमवार रात में साधु तपस्या कर रहे थे और चेला पास बैठा हुआ था। तभी तेंदुआ दो शावकों के साथ उनके सामने आ खड़ा हुआ। यह देख उनके होश उड़ गए।
तेंदुआ जैसे ही उनकी ओर लपका दोनों नलकूप के कमरे में घुस गए। भयभीत साधु और उसका चेला पूरी रात कमरे में बंद रहे। मंगलवार सुबह वे कमरे से बाहर निकले और ग्रामीणों को खबर दी। ग्राम प्रधान प्रमोद कुमार ने बताया 2003 में गांव के लोगों ने तेंदुआ को मार गिराया था। इसमें गांव के 11 लोग को जेल जाना पड़ा था।
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गांव के जंगल में तेंदुआ दो शावकों के साथ घूम रहा है। कई किसानों पर उन्होंने हमले का भी प्रयास किया, लेकिन वे किसी तरह बच गए। किसान सुक्रमपाल, ओमकार, रविंद्र कश्यप, ब्रहमपाल कश्यप आदि का तेंदए से आमना-सामना हो चुका है। यह तेंदुआ पुसार, आदमपुर, कान्हड़ आदि गांवों के जंगल में घूम रहा है। भय से किसानों ने खेतों में भी जाना बंद कर दिया।
पुसार गांव के बाहर प्रमोद प्रधान के नलकूप पर साधु इंद्रराज तपस्या कर रहे हैं। सोमवार रात में साधु तपस्या कर रहे थे और चेला पास बैठा हुआ था। तभी तेंदुआ दो शावकों के साथ उनके सामने आ खड़ा हुआ। यह देख उनके होश उड़ गए।
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तेंदुआ जैसे ही उनकी ओर लपका दोनों नलकूप के कमरे में घुस गए। भयभीत साधु और उसका चेला पूरी रात कमरे में बंद रहे। मंगलवार सुबह वे कमरे से बाहर निकले और ग्रामीणों को खबर दी। ग्राम प्रधान प्रमोद कुमार ने बताया 2003 में गांव के लोगों ने तेंदुआ को मार गिराया था। इसमें गांव के 11 लोग को जेल जाना पड़ा था।
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