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Baghpat News: अनैतिक संबंधों में बाधक बनने पर हुई थी लेखपाल की हत्या
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दोघट। टीकरी कस्बे में दो माह पहले लेखपाल प्रवीण राठी की हत्या अनैतिक संबंध में बाधक बनने पर हुई थी। पुलिस ने युवती समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया है। घटना में प्रयुक्त डंडा और बाइक बरामद की गई है।
टीकरी कस्बे के रहने वाले बुढ़ाना तसहील के लेखपाल प्रवीण राठी 14 मई की रात को लापता हो गए थे और 19 मई को जंगल में शव ईंख के खेत में पड़ा मिला था। घटना के खुलासे के लिए दो टीमें लगी हुई थीं। एसपी अर्पित विजयवर्गीय के अनुसार पुलिस ने लेखपाल के करीबियों को पूछताछ के लिए बुलाना शुरू किया तो नगर पंचायत अध्यक्ष पद का कई बार प्रत्याशी रहा धीरज राठी थाने नहीं पहुंचा और दिल्ली चला गया। उसने मोबाइल भी स्विच ऑफ कर लिया। पुलिस ने शक के आधार पर उसके मोबाइल की डिटेल खंगाली तो उससे कई अहम जानकारी मिलीं। पुलिस ने धीरज राठी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने घटना का खुलासा कर दिया। धीरज के अपने ही परिवार की चचेरी बहन के साथ छह साल से अनैतिक संबंध थे। दोनों लेखपाल प्रवीण के घर के सामने एक घेर में रात को मिलने आते थे, जिन्हें लेखपाल प्रवीण राठी ने देख लिया था और इस बारे में कई जगह लोगों को बता दिया था। इस पर धीरज ने चचेरी बहन के साथ मिलाकर लेखपाल की हत्या की योजना बनाई। युवती ने पहले लेखपाल को लगातार बातचीत करके फंसाया और 14 मई की रात को उसे घेर में मिलने के लिए बुला लिया। जहां करीब साढ़े ग्यारह बजे धीरज राठी पीछे से आया और लेखपाल के सिर में डंडा मारकर गिरा दिया। जहां युवती व धीरज दोनों ने उसकी पीटकर हत्या कर दी। धीरज उसका शव नहीं उठा सके तो उसने युवती के भाई सचिन को बुलाया और दोनों बाइक पर लेखपाल के शव को जंगल में फेंककर लौट आए। पुलिस ने धीरज राठी, सचिन व शिवानी को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया। उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त डंडा, बाइक बरामद की है। तीनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।
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पुलिस के सामने युवती ने धीरज को जड़ा थप्पड़
दोघट थाने में जिस समय धीरज राठी समेत तीनों आरोपियों को पुलिस न्यायालय में पेश करने के लिए लेकर जा रही थी तो युवती ने धीरज राठी को पुलिस के सामने जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। युवती का कहना था कि उसे झूठा फंसाया गया है, उसका धीरज से कोई संबंध नहीं है।
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लेखपाल के अंतिम संस्कार तक साथ रहा धीरज
पुलिस ने बताया कि जिस दिन लेखपाल प्रवीण राठी का शव मिला था, तब धीरज राठी वहीं पर था। वह उसके अंतिम संस्कार में भी शामिल हुआ, लेकिन उस पर किसी को शक नहीं हुआ। जब धीरज की कॉल डिटेल खंगाली तो पता चला कि धीरज और शिवानी कई घंटे मोबाइल पर बात करते थे, लेकिन जब से लेखपाल गायब हुआ तो उन्होंने मात्र दो बार ही फोन पर बात की। दोनों के बीच 14 मई को बात हुई। इसके बाद 19 मई को जिस दिन शव मिला तब बात हुई। इसके बाद उनकी कोई बात नहीं हुई। पुलिस ने बताया कि लेखपाल प्रवीण राठी की हत्या करने के बाद आरोपी उसके शव को एक चादर में लपेटकर ले गए थे। शव जंगल में फेंकने के बाद चादर को चेयरपर्सन सरिता देवी के पति उपेंद्र राठी के नलकूप पर जला दिया था।
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टीकरी कस्बे के रहने वाले बुढ़ाना तसहील के लेखपाल प्रवीण राठी 14 मई की रात को लापता हो गए थे और 19 मई को जंगल में शव ईंख के खेत में पड़ा मिला था। घटना के खुलासे के लिए दो टीमें लगी हुई थीं। एसपी अर्पित विजयवर्गीय के अनुसार पुलिस ने लेखपाल के करीबियों को पूछताछ के लिए बुलाना शुरू किया तो नगर पंचायत अध्यक्ष पद का कई बार प्रत्याशी रहा धीरज राठी थाने नहीं पहुंचा और दिल्ली चला गया। उसने मोबाइल भी स्विच ऑफ कर लिया। पुलिस ने शक के आधार पर उसके मोबाइल की डिटेल खंगाली तो उससे कई अहम जानकारी मिलीं। पुलिस ने धीरज राठी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने घटना का खुलासा कर दिया। धीरज के अपने ही परिवार की चचेरी बहन के साथ छह साल से अनैतिक संबंध थे। दोनों लेखपाल प्रवीण के घर के सामने एक घेर में रात को मिलने आते थे, जिन्हें लेखपाल प्रवीण राठी ने देख लिया था और इस बारे में कई जगह लोगों को बता दिया था। इस पर धीरज ने चचेरी बहन के साथ मिलाकर लेखपाल की हत्या की योजना बनाई। युवती ने पहले लेखपाल को लगातार बातचीत करके फंसाया और 14 मई की रात को उसे घेर में मिलने के लिए बुला लिया। जहां करीब साढ़े ग्यारह बजे धीरज राठी पीछे से आया और लेखपाल के सिर में डंडा मारकर गिरा दिया। जहां युवती व धीरज दोनों ने उसकी पीटकर हत्या कर दी। धीरज उसका शव नहीं उठा सके तो उसने युवती के भाई सचिन को बुलाया और दोनों बाइक पर लेखपाल के शव को जंगल में फेंककर लौट आए। पुलिस ने धीरज राठी, सचिन व शिवानी को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया। उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त डंडा, बाइक बरामद की है। तीनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।
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पुलिस के सामने युवती ने धीरज को जड़ा थप्पड़
दोघट थाने में जिस समय धीरज राठी समेत तीनों आरोपियों को पुलिस न्यायालय में पेश करने के लिए लेकर जा रही थी तो युवती ने धीरज राठी को पुलिस के सामने जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। युवती का कहना था कि उसे झूठा फंसाया गया है, उसका धीरज से कोई संबंध नहीं है।
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लेखपाल के अंतिम संस्कार तक साथ रहा धीरज
पुलिस ने बताया कि जिस दिन लेखपाल प्रवीण राठी का शव मिला था, तब धीरज राठी वहीं पर था। वह उसके अंतिम संस्कार में भी शामिल हुआ, लेकिन उस पर किसी को शक नहीं हुआ। जब धीरज की कॉल डिटेल खंगाली तो पता चला कि धीरज और शिवानी कई घंटे मोबाइल पर बात करते थे, लेकिन जब से लेखपाल गायब हुआ तो उन्होंने मात्र दो बार ही फोन पर बात की। दोनों के बीच 14 मई को बात हुई। इसके बाद 19 मई को जिस दिन शव मिला तब बात हुई। इसके बाद उनकी कोई बात नहीं हुई। पुलिस ने बताया कि लेखपाल प्रवीण राठी की हत्या करने के बाद आरोपी उसके शव को एक चादर में लपेटकर ले गए थे। शव जंगल में फेंकने के बाद चादर को चेयरपर्सन सरिता देवी के पति उपेंद्र राठी के नलकूप पर जला दिया था।