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चकबंदी में गई जमीन, चक्कर काट रहा किसान
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चकबंदी में गई जमीन, चक्कर काट रहा किसान
बिनौली। बरनावा गांव निवासी किसान दिनेश कुमार शर्मा पुत्र जगमोहन शर्मा ने चकबंदी अधिकारियों पर जमीन छीनने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी को प्रार्थना पत्र भेजा है। न्याय की मांग करते हुए परिवार सहित सामूहिक आत्महत्या करने की चेतावनी दी है। दिनेश शर्मा ने बताया कि बरनावा में 40 वर्षों से चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। वर्ष 2014 में उच्च न्यायालय के आदेश से ग्राम का कब्जा परिवर्तन हो चुका है। मगर, उसे आज तक कृषि भूमि नहीं मिली। भूमि को लेने के लिए वह छह वर्षों से चकबंदी अधिकारियों व न्यायालयों के चक्कर काट रहा है। न्यायिक परिक्रिया का हवाला देकर चकबंदी अधिकारियों ने उसे भूमिहीन कर दिया है। जमीन के अलावा बच्चों के भरण पोषण और कोई दूसरा कार्य उसके पास नही है। उसका परिवार भूखमरी के कगार आ गया है।
उसने 10 दिन का अल्टीमेटम देते हुए धरना प्रदर्शन, क्रमिक अनशन, भूख हड़ताल शुरू करने का निर्णय लिया है। भूमि वापस न मिलने पर जिला मुख्यालय पर परिवार सहित सामूहिक आत्महत्या करने की चेतावनी दी है। किसान ने प्रार्थना पत्र के माध्यम से यह सूचना जनपद के प्रशासनिक अधिकारियों को भी दे दी है।
बच्चों की पढ़ाई पर भी आया संकट
बिनौली। किसान दिनेश ने बताया कि जमीन के चक्कर में परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। वह और उसकी पत्नी गीता मजदूरी करने को मजबूर हो गए है। पुत्री दीपाली, शिवानी, साक्षी, पुत्र दुष्यंत की पढ़ाई लिखाई पर भी संकट आ गया है।
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बिनौली। बरनावा गांव निवासी किसान दिनेश कुमार शर्मा पुत्र जगमोहन शर्मा ने चकबंदी अधिकारियों पर जमीन छीनने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी को प्रार्थना पत्र भेजा है। न्याय की मांग करते हुए परिवार सहित सामूहिक आत्महत्या करने की चेतावनी दी है। दिनेश शर्मा ने बताया कि बरनावा में 40 वर्षों से चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। वर्ष 2014 में उच्च न्यायालय के आदेश से ग्राम का कब्जा परिवर्तन हो चुका है। मगर, उसे आज तक कृषि भूमि नहीं मिली। भूमि को लेने के लिए वह छह वर्षों से चकबंदी अधिकारियों व न्यायालयों के चक्कर काट रहा है। न्यायिक परिक्रिया का हवाला देकर चकबंदी अधिकारियों ने उसे भूमिहीन कर दिया है। जमीन के अलावा बच्चों के भरण पोषण और कोई दूसरा कार्य उसके पास नही है। उसका परिवार भूखमरी के कगार आ गया है।
उसने 10 दिन का अल्टीमेटम देते हुए धरना प्रदर्शन, क्रमिक अनशन, भूख हड़ताल शुरू करने का निर्णय लिया है। भूमि वापस न मिलने पर जिला मुख्यालय पर परिवार सहित सामूहिक आत्महत्या करने की चेतावनी दी है। किसान ने प्रार्थना पत्र के माध्यम से यह सूचना जनपद के प्रशासनिक अधिकारियों को भी दे दी है।
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बच्चों की पढ़ाई पर भी आया संकट
बिनौली। किसान दिनेश ने बताया कि जमीन के चक्कर में परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। वह और उसकी पत्नी गीता मजदूरी करने को मजबूर हो गए है। पुत्री दीपाली, शिवानी, साक्षी, पुत्र दुष्यंत की पढ़ाई लिखाई पर भी संकट आ गया है।
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