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किसान आंदोलन को पश्चिमी यूपी से मिला बल, खाप पंचायतों ने भांपा सियासी मिजाज
Sun, 20 Dec 2020 12:42 PM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 20 Dec 2020 12:42 PM IST
सार
- देशखाप ने एलान किया कि माहौल खराब करने वालों को नहीं करेंगे बर्दाश्त
- धरने पर सिर्फ किसान बिरादरी, किसान बनकर आए तो होगा सबका सम्मान
- लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगी सरकार से कृषि कानूनों की लड़ाई
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बड़ौत में मौजूद खाप चौधरी व थांबा चौधरी ।
- फोटो : BARAUT
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के बड़ौत में कृषि कानून के मुद्दे पर पश्चिम उत्तर प्रदेश की खाप पंचायतें सड़कों पर उतर आई हैं। बड़ौत में ताकत का अहसास कराया। दाहा में धरना शुरू किया गया और यूपी गेट के धरने पर भी खाप पंचायतों की भूमिका है।
किसानों की भीड़ सड़क पर है, ऐसे में विपक्षी दल भी सियासत के मूड में नजर आने लगे हैं। लेकिन खाप पंचायतों ने इसे भांप लिया है। देशखाप ने एलान किया कि अगर किसी ने माहौल खराब करने की कोशिश की तो कान पकड़कर धरने से उठाकर घर भेज देंगे। किसान बनकर आए, किसान बनकर रहें तो किसी से कोई आपत्ति नहीं है।
देशखाप के आह्वान पर बड़ौत में हाईवे पर तंबू गाड़ दिया गया है। अनिश्चितकालीन धरने का एलान किया गया। समर्थन में छपरौली की चौबीसी खाप के चौधरी सुभाष पहुंचे।
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शामली की सबसे बड़ी गठवाला खाप के प्रतिनिधि बनकर राजेंद्र मलिक और थांबेदार बहावड़ी श्याम सिंह आए। राठी खाप के वयोवृद्ध बाबा ब्रह्म सिंह की मौजूदगी ने किसानों के बीच जोश भरने का काम किया। दांगी, पंवार खाप समेत जिले की अन्य खाप पंचायतें शामिल हुई तो अनिश्चितकालीन धरने में जोश भर गया।
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किसानों की भीड़ सड़क पर है, ऐसे में विपक्षी दल भी सियासत के मूड में नजर आने लगे हैं। लेकिन खाप पंचायतों ने इसे भांप लिया है। देशखाप ने एलान किया कि अगर किसी ने माहौल खराब करने की कोशिश की तो कान पकड़कर धरने से उठाकर घर भेज देंगे। किसान बनकर आए, किसान बनकर रहें तो किसी से कोई आपत्ति नहीं है।
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देशखाप के आह्वान पर बड़ौत में हाईवे पर तंबू गाड़ दिया गया है। अनिश्चितकालीन धरने का एलान किया गया। समर्थन में छपरौली की चौबीसी खाप के चौधरी सुभाष पहुंचे।
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शामली की सबसे बड़ी गठवाला खाप के प्रतिनिधि बनकर राजेंद्र मलिक और थांबेदार बहावड़ी श्याम सिंह आए। राठी खाप के वयोवृद्ध बाबा ब्रह्म सिंह की मौजूदगी ने किसानों के बीच जोश भरने का काम किया। दांगी, पंवार खाप समेत जिले की अन्य खाप पंचायतें शामिल हुई तो अनिश्चितकालीन धरने में जोश भर गया।
संचालक अशोक भूत ने पंचायत शुरू होते ही कहा कि किसान बनकर आएं, कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। किसी को माहौल खराब करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। खुद देशखाप के चौधरी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि पंचायती व्यवस्था सदियों पुरानी हैं। सबका अभिनंदन है, लेकिन किसी को भी माहौल नहीं बिगाड़ने दिया जाएगा। किसान के सामने समस्या है। लोकतांत्रिक तरीके से सरकार से मांग की जाएगी, बातचीत से समस्या का समाधान होगा।
दाहा में चौगामा खाप के चौधरी कृषिपाल राणा ने कहा कि किसान की अपनी पीड़ा है। सरकार से बातचीत होगी और समाधान भी निकलेगा। लेकिन किसी को किसानों की आड़ में माहौल खराब नहीं करने दिया जाएगा। किसान जागरूक है और हर बात को समझता है।
यूपी गेट जाते हुए बालियान खाप के चौधरी एवं भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने भी यही बात दोहराई थी। किसानों की ओट लेकर कोई राजनीति नहीं होगी। कृषि कानून पर सरकार से लड़ाई जारी रहेगी। मुद्दों और कानून पर मतभेद है, लेकिन व्यवस्था लोकतांत्रिक रहेगी। खाप चौधरियों के मूड और मिजाज को देखकर समर्थन में उतरे विपक्षी दलों में भी बेचैनी होने लगी है।
इतिहास जाने, पंचायत व्यवस्था सीखें युवा
देशखाप के चौधरी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि खाप पंचायत व्यवस्था अमूल्य है, बुजुर्गों से मिली है और अब इसे भविष्य की पीढ़ियों को सौंपा जाएगा। युवा सीखें, समझें और पालन करें। आचरण में अपनी परंपराओं को ढालने का काम करें। दुनिया ने खाप पंचायतों पर शोध कर सीखने का काम किया है। बेहतर शिक्षा हासिल करें और अपना और अपने बुजुर्गों का इतिहास पढ़ने का काम करें।
दाहा में चौगामा खाप के चौधरी कृषिपाल राणा ने कहा कि किसान की अपनी पीड़ा है। सरकार से बातचीत होगी और समाधान भी निकलेगा। लेकिन किसी को किसानों की आड़ में माहौल खराब नहीं करने दिया जाएगा। किसान जागरूक है और हर बात को समझता है।
यूपी गेट जाते हुए बालियान खाप के चौधरी एवं भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने भी यही बात दोहराई थी। किसानों की ओट लेकर कोई राजनीति नहीं होगी। कृषि कानून पर सरकार से लड़ाई जारी रहेगी। मुद्दों और कानून पर मतभेद है, लेकिन व्यवस्था लोकतांत्रिक रहेगी। खाप चौधरियों के मूड और मिजाज को देखकर समर्थन में उतरे विपक्षी दलों में भी बेचैनी होने लगी है।
इतिहास जाने, पंचायत व्यवस्था सीखें युवा
देशखाप के चौधरी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि खाप पंचायत व्यवस्था अमूल्य है, बुजुर्गों से मिली है और अब इसे भविष्य की पीढ़ियों को सौंपा जाएगा। युवा सीखें, समझें और पालन करें। आचरण में अपनी परंपराओं को ढालने का काम करें। दुनिया ने खाप पंचायतों पर शोध कर सीखने का काम किया है। बेहतर शिक्षा हासिल करें और अपना और अपने बुजुर्गों का इतिहास पढ़ने का काम करें।