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जूनियर और मुंशी कचहरी में कोट पहनकर न आए: अध्यक्ष
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- लखनऊ में न्यायालय में अधिवक्ता की ड्रेस में संजीव जीवा की हत्या के बाद जिला बार एसोसिएशन की बैठक में हुआ निर्णय
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। लखनऊ में न्यायालय में अधिवक्ता की ड्रेस में कुख्यात संजीव जीवा की हत्या होने के बाद जिला बार एसोसिएशन की बैठक हुई। जहां फैसला लिया गया कि जूनियर अधिवक्ता और मुंशी कचहरी में कोट पहनकर न आये। साथ ही अधिवक्ताओं के कार्ड जारी करने की बात कही गई।
जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक में कचहरी में सुरक्षा बढ़ाने पर चर्चा की गई। जिसके लिए अधिकारियों से मिलने का निर्णय लिया गया। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि न्यायालय में संजीव जीवा की हत्या, मुजफ्फरनगर में विक्की त्यागी हत्याकांड समेत इस तरह की कई घटनाएं हो चुकी है। जिससे अधिवक्ता भी दहशत में आ गए है।
उन्होंने कहा कि न्यायालय परिसर की सुरक्षा बढ़ाई जाने की जरूरत है। जिससे अधिवक्ता न्यायिक कार्य करते समय न डरे। उन्होंने कहा कि न्यायालय परिसर में आने वाले अधिवक्ताओं के कार्ड जारी किये जाएंगे। इसके अलावा सीनियर अधिवक्ता ही कोट पहनकर कचहरी आएंगे, जबकि जूनियर अधिवक्ता और मुंशी कोर्ट न पहनें। बैठक में साथी अधिवक्ताओं ने अन्य सुझाव भी दिये। उधर कचहरी में निरीक्षण करने आये डीएम और एसपी से भी मिलकर सुरक्षा बढ़ाने की मांग की।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। लखनऊ में न्यायालय में अधिवक्ता की ड्रेस में कुख्यात संजीव जीवा की हत्या होने के बाद जिला बार एसोसिएशन की बैठक हुई। जहां फैसला लिया गया कि जूनियर अधिवक्ता और मुंशी कचहरी में कोट पहनकर न आये। साथ ही अधिवक्ताओं के कार्ड जारी करने की बात कही गई।
जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक में कचहरी में सुरक्षा बढ़ाने पर चर्चा की गई। जिसके लिए अधिकारियों से मिलने का निर्णय लिया गया। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि न्यायालय में संजीव जीवा की हत्या, मुजफ्फरनगर में विक्की त्यागी हत्याकांड समेत इस तरह की कई घटनाएं हो चुकी है। जिससे अधिवक्ता भी दहशत में आ गए है।
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उन्होंने कहा कि न्यायालय परिसर की सुरक्षा बढ़ाई जाने की जरूरत है। जिससे अधिवक्ता न्यायिक कार्य करते समय न डरे। उन्होंने कहा कि न्यायालय परिसर में आने वाले अधिवक्ताओं के कार्ड जारी किये जाएंगे। इसके अलावा सीनियर अधिवक्ता ही कोट पहनकर कचहरी आएंगे, जबकि जूनियर अधिवक्ता और मुंशी कोर्ट न पहनें। बैठक में साथी अधिवक्ताओं ने अन्य सुझाव भी दिये। उधर कचहरी में निरीक्षण करने आये डीएम और एसपी से भी मिलकर सुरक्षा बढ़ाने की मांग की।
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