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मां के अंतिम संस्कार में पहुंचने को जोड़े हाथ, बीमार बेटे को गोद में लेकर पैदल चली महिला

Mon, 27 Sep 2021 11:33 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 27 Sep 2021 11:33 PM IST
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Join hands to reach mother's funeral, woman walks with sick son in her lap
बागपत। कृषि कानूनों के विरोध में भारत बंद के दौरान सड़क जाम करने से वाहन भी फंस गए। किसी को मां के अंतिम संस्कार में पहुंचने के लिए हाथ जोड़कर पीड़ा बतानी पड़ी तो किसी महिला को अपने बीमार बेटे को दिवाई दिलाने के बाद वापस जाने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। बागपत के राष्ट्र वंदना चौक पर दूल्हे की गाड़ी भी जाम में फंस गई तो उसे वापस जाकर दूसरे रास्ते से निकलना पड़ा। बुखार में नौ महीने की बच्ची की हालत बिगड़ी तो वाहन नहीं निकलने से दंपति पैदल ही चल दिया। जब तक जाम लगा रहा, लोगों को इसी तरह की परेशानियां उठानी पड़ी।
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मां की मौत होने पर अंतिम संस्कार में पहुंचने को हाथ जोड़कर निकाला टेंपो
रोहतक में नया बस अड्डा के पास रहने वाला राजू लोहे का सामान बेचता है और वह कई दिन से अपनी बेटी के साथ सामान बेचने के लिए हापुड़ गया हुआ था। उसको पता चला कि रविवार रात को उसकी मां रामदयी की मौत हो गई। वह सोमवार सुबह हापुड़ से टेंपो किराए पर लेकर रोहतक के लिए निकला। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे पर कुंडली में दिन निकलते ही जाम लगा दिया गया था तो वापस आकर बागपत से जाने लगा। तब तक यहां भी जाम लग गया था। उसने भाकियू नेताओं के सामने हाथ जोड़कर अपनी पीड़ा बताई तो उसका टेंपो निकलने दिया गया।
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बेटे को दवाई दिलाने के बाद महिला को चलना पड़ा पैदल
अहैड़ा गांव की किसमती के बेटे शिवा को दौरे पड़ते है तो वह उसे दवाई दिलाने के लिए मुजफ्फरनगर लेकर गई थी। दवाई दिलाने के बाद सोमवार सुबह वापस आने लगी तो रास्ते में कई जगह जाम मिला। इससे उसे पांच-छह जगह पैदल ही चलना पड़ा और आगे जाकर ई-रिक्शा व वैन पकड़नी पड़ी। उसने बताया कि इस तरह वह करीब पांच किमी तक पैदल चली थी।
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नौ माह की बेटी की हालत बिगड़ी तो पैदल ही लेकर दौड़े
हरचंदपुर के सलमान व उसकी पत्नी गुलशन अपनी नौ महीने की बेटी इशरत को पैदल ही अस्पताल लेकर पहुुंच गए। सलमान ने बताया कि उसकी बेटी को बुखार है और उसकी हालत अचानक बिगड़ने लगी। बागपत में जाम लगा होने के कारण जल्दी में वह पैदल ही अस्पताल पहुंच गए और डाक्टर को बेटी को दिखाने के बाद दवाई दिलवाई। इसके बाद बेटी की हालत में सुधार हुआ।
बीमार महिला को लेकर आए तो टेंपो को निकलवाया
रटौल की गुलिस्ता की हालत अचानक खराब होने पर परिजन उसे टेंपो में बागपत सीएचसी लेकर आने लगे। राष्ट्र वंदना चौक पर जाम लगा होने के कारण टेंपो फंस गया। टेंपो में बीमार महिला को देखकर कई भाकियू कार्यकर्ता आगे आए और उनको वहां से निकलवाया गया।

दूल्हे की गाड़ी फंसी तो वापस जाकर दूसरे रास्ते से निकले
बागपत के पुराने कस्बे का रहने वाले साकिब का सोमवार को मेरठ में निकाह था। वह गाड़ी में अन्य परिजनों के साथ मेरठ जाने के लिए निकला तो राष्ट्र वंदना चौक पर जाम लगा होने के कारण गाड़ी नहीं निकल सकी। उसको गाड़ी वापस लेकर जाना पड़ा और उसके बाद दूसरे रास्ते से निकलकर मेरठ के लिए गया।
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