ट्रेन से टकराई JCB: इमरजेंसी ब्रेक ने बचाई चार हजार यात्रियों की जान, 60 किमी प्रति घंटा की थी रफ्तार
उत्तर प्रदेश के बड़ौत क्षेत्र में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन दौड़ रही थी। एक गांव से पहले हुए हादसे ने चार हजार यात्रियों की सांसे अटक गईं, गनीमत रही कि ट्रेन ट्रैक से नीचे उतरकर पलटी नहीं, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
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आपको बता दे कि इस रूट पर यह ट्रेन हादसा पहला नहीं है, इसी वर्ष अगस्त माह में दिल्ली से चलकर सहारनपुर जाने वाली ट्रेन नंबर 4401 के बड़का हाल्ट पर अचानक ब्रेक जाम हो गए। जिससे रेलवे ट्रैक भी कई जगहों से क्षतिग्रस्त हो गया था, क्योंकि अचानक ब्रेक जाम होने की वजह से चिंगारी के साथ ट्रेन के निचले हिस्से में आग लग गई और रेलवे ट्रैक भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था।
इससे पहले 22 दिसंबर 2018 को दिल्ली से बिजनौर जाने वाली मालगाड़ी का बड़ौत रेलवे स्टेशन के नजदीक कपलिंग टूट गया था और ट्रेन दो हिस्सों में बंट गई थी। दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रेलवे कर्मचारियोें ने ट्रेन को जोड़ा था।
बड़ौत। दिल्ली-सहारनपुर रेलवे मार्ग पर जैसे ही ट्रेन से जेसीबी मशीन टकराई, ट्रेन मेें सफर कर रहे तकरीबन 4000 से अधिक यात्रियों को भूकंप आने की तरह जोरदार झटका लगा और यात्री अपनी-अपनी सीटों से नीचे गिर गए। ट्रेन मेंं सफर कर रहे यात्रियों में लोनी निवासी सलाउदीन, नईम, हरिओम ने बताया कि टक्कर बहुत जोरदार थी, बताया जा रहा है कि लोको पायलट भी मामूली रूप से चोटिल हुए है।
बड़ौत। ट्रेन व जेसीबी मशीन की टक्कर से पायदान पर बैठा कक्षा 9 का छात्र अब्दुल रशीद पुत्र मोहम्मद निवासी बड़ौत घायल हुआ है। वह नगर में छपरौली रोड स्थित माँ सरस्वती शिक्षा निकेतन स्कूल में पढ़ाई करता है। घायल छात्र के दोस्त नईम ने बताया कि स्कूल का टूर कहीं बाहर जाना है, इसलिए कपड़े खरीदने के लिए दिल्ली जा रहे थे। पहले हमने बड़ौत रेलवे स्टेशन से टिकट लिया और फिर दिल्ली जाने वाली ट्रेन मेें सवार हो गए। रसीद गेट की बराबर में पायदान पर बैठा हुआ था। टक्कर से रसीद के पैरे के पिंजे कट गए। उन्होंने बताया कि टक्कर काफी तेज थी, यदि इमरजेसी ब्रैक न लगाते तो कम से कम 50 से अधिक यात्री की मौत हो जाती, लोको पायलट भी मामूली रूप से चोटिल होना बताया जा रहा है।
दिल्ली-सहारनपुर रेलवे मार्ग पर ट्रेन से जेसीबी मशीन के टकराने का मामला दिल्ली तक गूंज उठा। जैसे ही दिल्ली में बैठे अधिकारियों को इसकी सूचना मिली, तो उन्होंने सीनियर सेक्शन इंजीनियर सहित स्टेशन अधीक्षक समेत अन्य अधिकारियों से पूरी जानकारी जुटानी शुरू कर दी। उधर स्थानीय अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी जुटा रहे है।
बड़ौत। दिल्ली-सहारनपुर रेलवे मार्ग पर ट्रेन व जेसीबी मशीन की टक्कर लगने के बाद ट्रेन दो घंटे वहीं पर खड़ी रही। जिस कारण यात्रियों को अपने गतंव्य तक पहुंचने के लिए पहले दो से तीन किलोमीटर पैदल चलना पड़ा, फिर लिफ्ट व डग्गामार वाहनों मेें सफर कर अपने गतंव्य तक पहुंचे।
कराई जाएगी जांच, डीआरएम को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
सीनियर सेक्शन इंजीनियर मोहित ने बताया कि बड़का और बड़ौत के बीच कई जगहों से रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त हुआ है। जिनको बदल दिया गया है, पूरे मामले की जांच कर डीआरएम को रिपोर्ट भेजी जाएगी।