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Baghpat News: दादा और पिता के बाद तीसरी पीढ़ी में जयंत के मंत्री बनने पर बढ़ेगा कद

Fri, 07 Jun 2024 02:22 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 07 Jun 2024 02:22 AM IST
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Jayant's stature will increase when he becomes a minister in the third generation after his grandfather and father
बागपत। एनडीए सरकार में रालोद अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह का मंत्री बनना तय माना जा रहा है। अगर ऐसा होता है तो दादा चौधरी चरण सिंह व पिता चौधरी अजित सिंह के बाद चौधरी परिवार में तीसरी पीढ़ी को मंत्री पद मिलेगा। इसके साथ ही उनका कद भी बढ़ जाएगा। अब सभी को एनडीए सरकार के शपथ ग्रहण का इंतजार है, जिससे मंत्रियों को लेकर भी स्थिति पूरी तरह साफ हो सके।
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भाजपा पिछली बार की तरह पूर्ण बहुमत के आंकड़े को नहीं छू सकी और एनडीए की साथी पार्टियों के सहारे सरकार बनाई जाएगी। इससे उन सभी पार्टियों का रुतबा कायम रहेगा। इस तरह की स्थिति के साथ ही गठबंधन के वक्त हुई बातचीत को देखते हुए रालोद को एक मंत्री पद मिलना तय माना जा रहा है। यह कहा जा रहा है कि चौधरी जयंत सिंह खुद मंत्री बनेंगे। ऐसा होता है तो चौधरी परिवार की तीसरी पीढ़ी भी केंद्रीय मंत्री बन जाएगी और उनका कद काफी बढ़ जाएगा।
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-अजित सिंह वर्ष 2011 में बने थे मंत्री
चौधरी परिवार में चौधरी चरण सिंह सबसे पहले वर्ष 1977 में गृहमंत्री बने थे। इसके बाद 24 जनवरी से 16 जुलाई 1979 तक वित्त मंत्री रहे और उप प्रधानमंत्री भी रहे। बाद में 28 जुलाई से 20 अगस्त तक 1979 तक प्रधानमंत्री भी रहे। बेटे चौधरी अजित सिंह वर्ष 1989 में पहली बार वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री बने। वह वर्ष 1995 में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री रहे तो वर्ष 2001 में कृषि मंत्री रहे। इसके बाद वह वर्ष 2009 में भाजपा के साथ चुनाव लड़कर सांसद बने तो तभी चौधरी जयंत सिंह भी मथुरा से सांसद बने थे। मगर वर्ष 2011 में भाजपा का साथ छोड़कर कांग्रेस के साथ गए और चौधरी अजित सिंह नागरिक उड्डयन मंत्री बने, जो 2014 में चुनाव होने तक मंत्री पद पर बने रहे।
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-अब दस साल बाद विरासत मिलने के साथ ही मंत्री बनने की उम्मीद
बागपत को चौधरी परिवार की विरासत कहा जाता है, क्योंकि यहां से कई बार लगातार चौधरी चरण सिंह और चौधरी अजित सिंह सांसद रहे। मगर वर्ष 2014 में भाजपा के डा. सत्यपाल सिंह ने चौधरी अजित सिंह को हराकर यह सीट छीन ली थी। अब रालोद के डा. राजकुमार सांगवान के यहां से जीत दर्ज करने पर चौधरी परिवार को विरासत वापस मिल गई है। इसके सहारे केंद्र में मंत्री बनने की काफी उम्मीद है।
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