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आरक्षण लेकर रहेंगे जाट
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Fri, 17 Jun 2016 01:17 AM IST
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दोघट । अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा केंद्र में जाट आरक्षण लेकर रहेंगे। जब तक जाटों को आरक्षण नहीं मिल जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
पुसार गांव में बस स्टैंड पर समिति के तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय सांकेतिक धरने में उन्होंने कहा देश का जाट समाज का पिछले 20 साल से केंद्रीय स्तर और जिन राज्यों में प्रदेश स्तर पर अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी में आरक्षण नहीं है, समाज के लोग आरक्षण के लिए लगातार आंदोलनरत है। उच्चतम न्यायालय द्वारा 17 मार्च 2015 को दिए फैलने में इसको रद्द कर दिया। इससे जाट समाज में आक्रोश है। केंद्र में जाट आरक्षण लेकर रहेंगे। चाहे इसके लिए उन्हें कोई भी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े।
धरना स्थल पर एसडीएम यशवर्धन श्रीवास्तव पहुंचे और उनसे वार्ता की। इस दौरान समिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को संबोधित नौ सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। ज्ञापन में कहा केंद्रीय स्तर पर जाट एवं अन्य जातियों जिनका प्रदेश स्तर पर तो आरक्षण मिला है, लेकिन केंद्र स्तर में नहीं, उसके लिए संसद में लंबित सांसद पीपी चौधरी के निजी बिल राष्ट्रीय पिछड़ता वर्ग आयोग संशोधन बिल 2015 को केंद्र सरकारी बिल मानते हुए शीघ्र अतिशीघ्र पास कराए। हरियाणा विधानसभा द्वारा पारित आरक्षण बिल की उच्च न्यायालय में पैरवी कर संविधान की 9वीं सूची में शामिल करने की प्रक्रिया पूर्ण की जाए।
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हरियाणा में जाटों पर हो रहे जातीय और अमानवीय अत्याचार जैसे निर्दोषों को जेलों में डालना फर्जी मुकदमे दर्ज कर प्रताड़ित करना आदि पर अविलंब रोक लगाई जाए और जेलों में बंद लोगों को तुरंत रिहा किया जाए। पिछले एक वर्ष के दौरान सांसद राज कुमार सैनी द्वारा फैलाए जातीय जहर के मामले की संसद की एथिक्स कमेटी से जांच करा कर उसकी संसद सदस्यता रद्द की जाए। जाट समाज पर आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस हो और हाल ही में जींद में राष्ट्रीय अध्यक्ष व अन्य 130 लोगों पर दर्ज झूठा देशद्रोह का मुकदमा तुरंत खारिज किए जाए आदि मांगे प्रमुख थी।
इस धरने की अध्यक्षता अजीत सिंह ककड़ीपुर ने की। संचालन मास्टर राज कुमार ने किया। इस दौरान बीएस अहलावत, जिला जाट सभा के सचिव नगेंद्र सिंह, वीरपाल राणा, बीएस पंवार प्रधानाचार्य, राजेंद्र चौधरी, प्रमोद कुमार, रामनाथ, नरेंद्र पंवार, राजपाल शास्त्री, सुरेश पंवार, सुरेश पाल आदि उपस्थित रहे।
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पुसार गांव में बस स्टैंड पर समिति के तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय सांकेतिक धरने में उन्होंने कहा देश का जाट समाज का पिछले 20 साल से केंद्रीय स्तर और जिन राज्यों में प्रदेश स्तर पर अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी में आरक्षण नहीं है, समाज के लोग आरक्षण के लिए लगातार आंदोलनरत है। उच्चतम न्यायालय द्वारा 17 मार्च 2015 को दिए फैलने में इसको रद्द कर दिया। इससे जाट समाज में आक्रोश है। केंद्र में जाट आरक्षण लेकर रहेंगे। चाहे इसके लिए उन्हें कोई भी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े।
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धरना स्थल पर एसडीएम यशवर्धन श्रीवास्तव पहुंचे और उनसे वार्ता की। इस दौरान समिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को संबोधित नौ सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। ज्ञापन में कहा केंद्रीय स्तर पर जाट एवं अन्य जातियों जिनका प्रदेश स्तर पर तो आरक्षण मिला है, लेकिन केंद्र स्तर में नहीं, उसके लिए संसद में लंबित सांसद पीपी चौधरी के निजी बिल राष्ट्रीय पिछड़ता वर्ग आयोग संशोधन बिल 2015 को केंद्र सरकारी बिल मानते हुए शीघ्र अतिशीघ्र पास कराए। हरियाणा विधानसभा द्वारा पारित आरक्षण बिल की उच्च न्यायालय में पैरवी कर संविधान की 9वीं सूची में शामिल करने की प्रक्रिया पूर्ण की जाए।
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हरियाणा में जाटों पर हो रहे जातीय और अमानवीय अत्याचार जैसे निर्दोषों को जेलों में डालना फर्जी मुकदमे दर्ज कर प्रताड़ित करना आदि पर अविलंब रोक लगाई जाए और जेलों में बंद लोगों को तुरंत रिहा किया जाए। पिछले एक वर्ष के दौरान सांसद राज कुमार सैनी द्वारा फैलाए जातीय जहर के मामले की संसद की एथिक्स कमेटी से जांच करा कर उसकी संसद सदस्यता रद्द की जाए। जाट समाज पर आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस हो और हाल ही में जींद में राष्ट्रीय अध्यक्ष व अन्य 130 लोगों पर दर्ज झूठा देशद्रोह का मुकदमा तुरंत खारिज किए जाए आदि मांगे प्रमुख थी।
इस धरने की अध्यक्षता अजीत सिंह ककड़ीपुर ने की। संचालन मास्टर राज कुमार ने किया। इस दौरान बीएस अहलावत, जिला जाट सभा के सचिव नगेंद्र सिंह, वीरपाल राणा, बीएस पंवार प्रधानाचार्य, राजेंद्र चौधरी, प्रमोद कुमार, रामनाथ, नरेंद्र पंवार, राजपाल शास्त्री, सुरेश पंवार, सुरेश पाल आदि उपस्थित रहे।