{"_id":"65785dd39bc1d1eeca062466","slug":"jainacharyas-auspicious-entry-into-the-city-welcomed-baghpat-news-c-31-1-smrt1003-4722-2023-12-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat News: जैनाचार्य का नगर में मंगल प्रवेश, स्वागत किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat News: जैनाचार्य का नगर में मंगल प्रवेश, स्वागत किया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो संख्या 1
बड़ौत। आचार्य सुनील सागर महाराज ने 35 मुनि आर्यिकाओं संग विहार कर नगर में मंगल प्रवेश किया। इस दौरान जैनाचार्य का जैन समाज के लोगों ने स्वागत किया।
आचार्य संघ की मंगल प्रवेश यात्रा मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन मंदिर, दिल्ली रोड से प्रारंभ होकर कोताना रोड, महावीर मार्ग होते हुए अजितनाथ सभागार मंडी पहुंची। यात्रा के साथ धार्मिक भजन मंडली और बैंड धार्मिक धुन बजाते चल रहे थे। साथ ही सैकड़ों जैन श्रद्धालु महावीर भगवान के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। रास्ते में जगह-जगह आचार्य संघ की आरती हुई और पाद प्रक्षालन हुआ। विमर्श जागृति मंच परिवार द्वारा भव्य रूप से आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन किया गया। इसके बाद अजितनाथ सभागार में धर्मसभा हुई, जिसमें आचार्य सुनील सागर ने कहा कि जब तक तुम देव शास्त्र और गुरु से जुड़े रहोगे, उनकी आराधना करोगे, तुम्हारे जीवन में सदा मंगल रहेगा। आचार्य श्री ने कहा कि लोग तो दौलत और शोहरत पर नाज करते हैं, पर दिगंबर गुरु वीतराग धर्म पर नाज करते हैं। जैन धर्म का इतिहास काफी पुराना है। जैन तीर्थों पर आये दिन कब्जे होते रहते हैं, जिन पर सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिएं। जहां से भगवान नेमिनाथ मोक्ष गए है, वह भी अत्यंत पुण्यभूमि है। सभा का संचालन वरदान जैन और संजय जैन ने किया। पाद प्रक्षालन और दीप प्रज्ज्वलन का सौभाग्य बिजेंद्र कुमार, वीरेन्द्र जैन को प्राप्त हुआ। सभा में सुभाष जैन, राजकुमार जैन, अशोक जैन, हंस कुमार जैन, ललित जैन, नवीन जैन बब्बल, सुरेंद्र जैन, अनिल जैन, पंकज जैन शामिल रहे।
विज्ञापन
बड़ौत। आचार्य सुनील सागर महाराज ने 35 मुनि आर्यिकाओं संग विहार कर नगर में मंगल प्रवेश किया। इस दौरान जैनाचार्य का जैन समाज के लोगों ने स्वागत किया।
आचार्य संघ की मंगल प्रवेश यात्रा मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन मंदिर, दिल्ली रोड से प्रारंभ होकर कोताना रोड, महावीर मार्ग होते हुए अजितनाथ सभागार मंडी पहुंची। यात्रा के साथ धार्मिक भजन मंडली और बैंड धार्मिक धुन बजाते चल रहे थे। साथ ही सैकड़ों जैन श्रद्धालु महावीर भगवान के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। रास्ते में जगह-जगह आचार्य संघ की आरती हुई और पाद प्रक्षालन हुआ। विमर्श जागृति मंच परिवार द्वारा भव्य रूप से आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन किया गया। इसके बाद अजितनाथ सभागार में धर्मसभा हुई, जिसमें आचार्य सुनील सागर ने कहा कि जब तक तुम देव शास्त्र और गुरु से जुड़े रहोगे, उनकी आराधना करोगे, तुम्हारे जीवन में सदा मंगल रहेगा। आचार्य श्री ने कहा कि लोग तो दौलत और शोहरत पर नाज करते हैं, पर दिगंबर गुरु वीतराग धर्म पर नाज करते हैं। जैन धर्म का इतिहास काफी पुराना है। जैन तीर्थों पर आये दिन कब्जे होते रहते हैं, जिन पर सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिएं। जहां से भगवान नेमिनाथ मोक्ष गए है, वह भी अत्यंत पुण्यभूमि है। सभा का संचालन वरदान जैन और संजय जैन ने किया। पाद प्रक्षालन और दीप प्रज्ज्वलन का सौभाग्य बिजेंद्र कुमार, वीरेन्द्र जैन को प्राप्त हुआ। सभा में सुभाष जैन, राजकुमार जैन, अशोक जैन, हंस कुमार जैन, ललित जैन, नवीन जैन बब्बल, सुरेंद्र जैन, अनिल जैन, पंकज जैन शामिल रहे।