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Baghpat News: प्रधानों की जगह कंपनी को मिला 83 गांवों की पेयजल आपूर्ति का जिम्मा
Sun, 11 May 2025 01:10 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Sun, 11 May 2025 01:10 AM IST
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बागपत। जिले के 83 गांवों में पेयजल परियोजनाओं का संचालन तथा रखरखाव अब जल निगम तथा प्रधानों की जगह आउट सोर्सिंग कंपनी करेगी। इसके लिए जल निगम ने एलसी इन्फ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड अहमदाबाद का चयन किया है। कंपनी तथा ग्राम पंचायतों के बीच अनुबंध कराया जा रहा। इन पेयजल परियोजनाओं के संचालन पर सालाना करीब चार करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इस समय 78 पेयजल परियोजनाओं का संचालन ग्राम पंचायतें तथा पांच का संचालन जल निगम करा रहा है। मगर अब 10 साल तक इन पेयजल परियोजनाओं का संचालन आउट सोर्सिंग पर कराने के लिए जल निगम ने एलसी इन्फ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड अहमदाबाद को ठेका दिया है।
जल निगम के अधिकारियों के अनुसार एक परियोजना के संचालन पर एक साल में करीब पांच लाख रुपये खर्च होंगे। इस तरह साल में सभी 83 पेयजल परियोजनाओं का संचालन कराने पर करीब चार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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कंपनी ही पेयजल परियोजनाओं के संचालन के लिए ऑपरेटर के मानदेय, अनुरक्षण आदि का खर्च वहन करेगी। जल निगम के एक्सईएन ने डीएम, सीडीओ तथा डीपीआरओ को निविदा के जरिए कंपनी के चयन की जानकारी दी।
डीपीआरओ से ग्राम पंचायत सचिवों को अनुबंध करने के लिए निर्देश देने का अनुरोध किया है। यह अनुबंध जल निगम के अधिशासी अभियंता, पंचायत सचिव तथा कंपनी के के बीच होगा। nइस कंपनी ने ग्रामीणों को पहले खूब किया परेशान : जिस कंपनी को पुरानी 83 गांवों में पेयजल परियोजनाओं के संचालन का जिम्मा मिला, उसने जल जीवन मिशन के तहत बाकी ग्राम पंचायतों में पेयजल टंकी का निर्माण कराया और पाइपलाइन बिछाई है। पेयजल परियोजनाओं के निर्माण के नाम पर अधिकतर गांवों की सड़कों को तोड़कर कई महीनों तक छोड़ दिया जाता है।
जिसको लेकर कई बार किसानों ने किसान दिवस में हंगामा भी किया था। हालांकि जल निगम अधिकारियों की दावा है कि तोड़े गई सड़क या सीसी रोड की सभी जगह मरम्मत हो चुकी हैं।
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इस समय 78 पेयजल परियोजनाओं का संचालन ग्राम पंचायतें तथा पांच का संचालन जल निगम करा रहा है। मगर अब 10 साल तक इन पेयजल परियोजनाओं का संचालन आउट सोर्सिंग पर कराने के लिए जल निगम ने एलसी इन्फ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड अहमदाबाद को ठेका दिया है।
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जल निगम के अधिकारियों के अनुसार एक परियोजना के संचालन पर एक साल में करीब पांच लाख रुपये खर्च होंगे। इस तरह साल में सभी 83 पेयजल परियोजनाओं का संचालन कराने पर करीब चार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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कंपनी ही पेयजल परियोजनाओं के संचालन के लिए ऑपरेटर के मानदेय, अनुरक्षण आदि का खर्च वहन करेगी। जल निगम के एक्सईएन ने डीएम, सीडीओ तथा डीपीआरओ को निविदा के जरिए कंपनी के चयन की जानकारी दी।
डीपीआरओ से ग्राम पंचायत सचिवों को अनुबंध करने के लिए निर्देश देने का अनुरोध किया है। यह अनुबंध जल निगम के अधिशासी अभियंता, पंचायत सचिव तथा कंपनी के के बीच होगा। nइस कंपनी ने ग्रामीणों को पहले खूब किया परेशान : जिस कंपनी को पुरानी 83 गांवों में पेयजल परियोजनाओं के संचालन का जिम्मा मिला, उसने जल जीवन मिशन के तहत बाकी ग्राम पंचायतों में पेयजल टंकी का निर्माण कराया और पाइपलाइन बिछाई है। पेयजल परियोजनाओं के निर्माण के नाम पर अधिकतर गांवों की सड़कों को तोड़कर कई महीनों तक छोड़ दिया जाता है।
जिसको लेकर कई बार किसानों ने किसान दिवस में हंगामा भी किया था। हालांकि जल निगम अधिकारियों की दावा है कि तोड़े गई सड़क या सीसी रोड की सभी जगह मरम्मत हो चुकी हैं।