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निर्दलीयों ने बिगाड़ा भाजपा का गणित
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Sat, 02 Dec 2017 12:22 AM IST
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बागपत के सम्राट पृथ्वीराज डिग्री कालेज में वोट की गिनती करते कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शहर सीट पर राजूद्दीन एडवोकेट तीसरी बार चेयरमैन बनें। भाजपा के प्रत्याशी रणवीर चौहान को 2435 वोटों से हार का सामना करना पड़ा। भाजपा की हार की सबसे बड़ी वजह निर्दलीय उम्मीदवारों का बेहतर प्रदर्शन रहा। अकेले अन्नु जैन ने ही 2129 वोट हासिल किए।
बागपत सीट पर विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद भाजपा ने शहर में सिंबल पर चुनाव लड़ा। नतीजे बता रहे हैं कि राजूद्दीन एडवोकेट की सधी हुई राजनीति से कमल को खिलने का मौका ही नहीं मिला।
राजूद्दीन यूं तो सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष हैं, लेकिन निकाय चुनाव के मैदान में वह निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरे आैर भाजपा के रणवीर चौहान को 2435 वोट के अंतर से हराया। निर्दलीय प्रत्याशी अन्नु जैन 2129, अब्दुल वाहिद 1870, शराफत 1832 वोटों के अलावा संजय कुमार 906, मनोज वर्मा 567 को मिले।
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वोटों ने दूसरे प्रत्याशियों का गणित खूब बिगाड़ा। इसका खामियाजा भाजपा उम्मीदवार को भुगतान पड़ा। सपा की उम्मीदवार बबली देवी 650, कांग्रेस के वकील अहमद 704, बसपा के राजेंद्र प्रसाद 674 वोट ही हासिल कर सके। मैदान में 15 प्रत्याशी थे।
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बागपत सीट पर विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद भाजपा ने शहर में सिंबल पर चुनाव लड़ा। नतीजे बता रहे हैं कि राजूद्दीन एडवोकेट की सधी हुई राजनीति से कमल को खिलने का मौका ही नहीं मिला।
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राजूद्दीन यूं तो सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष हैं, लेकिन निकाय चुनाव के मैदान में वह निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरे आैर भाजपा के रणवीर चौहान को 2435 वोट के अंतर से हराया। निर्दलीय प्रत्याशी अन्नु जैन 2129, अब्दुल वाहिद 1870, शराफत 1832 वोटों के अलावा संजय कुमार 906, मनोज वर्मा 567 को मिले।
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वोटों ने दूसरे प्रत्याशियों का गणित खूब बिगाड़ा। इसका खामियाजा भाजपा उम्मीदवार को भुगतान पड़ा। सपा की उम्मीदवार बबली देवी 650, कांग्रेस के वकील अहमद 704, बसपा के राजेंद्र प्रसाद 674 वोट ही हासिल कर सके। मैदान में 15 प्रत्याशी थे।