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तीन दौर में हुई पुलिस-प्रशासन से बातचीत, मान-मनौव्वल पर हाईवे से हट गए किसान
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बड़ौत में दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर खड़े ट्रैक्टर-ट्रौली की लम्बी लाइन का दृश्य।
- फोटो : BARAUT
दोबारा जाम लगाने की जिद पर अड़ गए थे नाराज किसान
बड़ौत (बागपत)। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे जाम करने के बाद पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों से खाप चौधरियों की तीन दौर में बातचीत हुई। दबाव बनाने से नाराज किसानों ने दोबारा जाम लगाने का एलान कर दिया। मान-मनौव्वल पर किसान मान गए तो अधिकारी लौट गए। किसानों ने कहा कि हाईवे पर अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
औद्योगिक पुलिस चौकी पर जाम लगाए जाने के बाद पुलिस को रूट डायवर्ट करना पड़ा। किसानों के बीच पहले एसडीएम बड़ौत दुर्गेश मिश्र और सीओ बड़ौत आलोक कुमार पहुंचे। किसानों ने जाम खोलने से इंकार कर दिया। इसके बाद एडीएम अमित कुमार सिंह, एएसपी मनीष मिश्रा किसानों के बीच पहुंचकर पंचायत में बैठ गए। आमजन की परेशानी का हवाला दिया गया। दूसरे दौर की बातचीत भी फेल हो गई। खाप चौधरियों ने जाम खोलने से इंकार कर दिया। किसानों ने आरोप लगाया कि पुलिस-प्रशासन दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है, जाम नहीं खोला जाएगा। देशखाप चौधरी सुरेंद्र सिंह, थांबेदार चौधरी यशपाल सिंह, चौबीसी चौधरी सुभाष सिंह, बिल्लू प्रधान, बृजपाल चौधरी, रोहित जाखड़ समेत अन्य लोगों के साथ फिर एडीएम और एएसपी की बातचीत हुई। मान-मनौव्वल के बाद किसान मान गए।
बैकफुट पर पुलिस, आरआरएफ ने की निगरानी
बड़ौत। किसानों के धरने प्रदर्शन और हंगामे के बीच पुलिस पूरी तरह बैकफुट पर रही। किसानों से पुलिस दूर ही रही। पुलिस-प्रशासन के अधिकारी और खुफिया विभाग के अधिकारी भी जमे रहे। निगरानी की जिम्मेदारी आरआरएफ ने संभाली।
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देशखाप के हर गांव को दी अलग जिम्मेदारी
बड़ौत। औद्योगिक पुलिस चौकी पर धरने के अनिश्चितकालीन धरने के संचालन की जिम्मेदारी देशखाप के गांवों में बांटी गई है। शनिवार को बड़ौली गांव ने खाने की व्यवस्था संभाली। बड़ौली के बिल्लू प्रधान ने रात में धरने पर रहे लोगों के लिए खाने की व्यवस्था संभाली। माइक की व्यवस्था पट्टी चौधरान ने की।
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बड़ौत (बागपत)। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे जाम करने के बाद पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों से खाप चौधरियों की तीन दौर में बातचीत हुई। दबाव बनाने से नाराज किसानों ने दोबारा जाम लगाने का एलान कर दिया। मान-मनौव्वल पर किसान मान गए तो अधिकारी लौट गए। किसानों ने कहा कि हाईवे पर अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
औद्योगिक पुलिस चौकी पर जाम लगाए जाने के बाद पुलिस को रूट डायवर्ट करना पड़ा। किसानों के बीच पहले एसडीएम बड़ौत दुर्गेश मिश्र और सीओ बड़ौत आलोक कुमार पहुंचे। किसानों ने जाम खोलने से इंकार कर दिया। इसके बाद एडीएम अमित कुमार सिंह, एएसपी मनीष मिश्रा किसानों के बीच पहुंचकर पंचायत में बैठ गए। आमजन की परेशानी का हवाला दिया गया। दूसरे दौर की बातचीत भी फेल हो गई। खाप चौधरियों ने जाम खोलने से इंकार कर दिया। किसानों ने आरोप लगाया कि पुलिस-प्रशासन दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है, जाम नहीं खोला जाएगा। देशखाप चौधरी सुरेंद्र सिंह, थांबेदार चौधरी यशपाल सिंह, चौबीसी चौधरी सुभाष सिंह, बिल्लू प्रधान, बृजपाल चौधरी, रोहित जाखड़ समेत अन्य लोगों के साथ फिर एडीएम और एएसपी की बातचीत हुई। मान-मनौव्वल के बाद किसान मान गए।
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बैकफुट पर पुलिस, आरआरएफ ने की निगरानी
बड़ौत। किसानों के धरने प्रदर्शन और हंगामे के बीच पुलिस पूरी तरह बैकफुट पर रही। किसानों से पुलिस दूर ही रही। पुलिस-प्रशासन के अधिकारी और खुफिया विभाग के अधिकारी भी जमे रहे। निगरानी की जिम्मेदारी आरआरएफ ने संभाली।
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देशखाप के हर गांव को दी अलग जिम्मेदारी
बड़ौत। औद्योगिक पुलिस चौकी पर धरने के अनिश्चितकालीन धरने के संचालन की जिम्मेदारी देशखाप के गांवों में बांटी गई है। शनिवार को बड़ौली गांव ने खाने की व्यवस्था संभाली। बड़ौली के बिल्लू प्रधान ने रात में धरने पर रहे लोगों के लिए खाने की व्यवस्था संभाली। माइक की व्यवस्था पट्टी चौधरान ने की।