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Baghpat News: साफ पानी की उम्मीद में शिकायतों का सैलाब मिला
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बिनौली। अंगदपुर गांव में दो करोड़ 94 लाख रुपये की लागत से बनी पानी की टंकी के निरीक्षण में दूषित पानी की आपूर्ति का खुलासा हुआ है। जिले के नोडल अधिकारी और आयुष विभाग के प्रमुख सचिव रंजन कुमार ने मंगलवार को यह निरीक्षण किया। उन्होंने जल निगम के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए 15 दिन के भीतर दूसरा बोरिंग कराने का आदेश दिया।
जल निगम के अधिकारी प्रमुख सचिव को यह टंकी साफ पानी की आपूर्ति की उपलब्धि के तौर पर दिखाने ले गए थे। मगर मौके पर टंकी से गंदा और रेत मिला पानी निकलता देख ग्रामीण भड़क गए। गांव के संदीप और मंचवीर सहित अन्य लोगों ने अपनी समस्याओं का अंबार लगा दिया। ग्रामीणों ने बताया कि टंकी कई महीने से बनकर तैयार है, लेकिन जब इसे चलाया गया तो दूषित पानी आने लगा। प्रमुख सचिव रंजन कुमार दो दिवसीय दौरे पर बागपत आए थे और उन्होंने सबसे पहले अंगदपुर गांव का दौरा किया। उन्होंने जल निगम मेरठ के अवर अभियंता प्रशांत से जवाब-तलब किया। प्रमुख सचिव ने पूछा कि जब दूषित पानी का पता था तो दूसरी जगह बोरिंग क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि लोगों को साफ पानी देने में लापरवाही बरती जा रही है। अवर अभियंता पानी की जांच न होने का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। प्रमुख सचिव ने अवर अभियंता को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 15 दिन के अंदर दूसरी जगह बोरिंग कर ग्रामीणों को साफ पानी उपलब्ध कराया जाए। इसकी विस्तृत रिपोर्ट भी बनाकर प्रस्तुत की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने प्रमुख सचिव को एक ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने गांव के तालाब की सफाई कराने की मांग की। ग्रामीणों ने अपनी अन्य स्थानीय समस्याओं से भी प्रमुख सचिव को अवगत कराया। यह दर्शाता है कि गांव में पानी के अलावा भी कई बुनियादी समस्याएं मौजूद हैं।
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-गोशाला और पुल निर्माण का किया निरीक्षण
वहां से प्रमुख सचिव रंजन कुमार बिजवाड़ा स्थित गोशाला पहुंचे। यहां उन्होंने गोवंश की पूजा की और गुड़ खिलाया। प्रमुख सचिव ने दो गोवंश बीमार होने पर नाराजगी जताई और पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अक्षय बालियान को गोवंश का सही से उपचार करने के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव ने बरनावा के पास कृष्णा नदी पर राज्य योजना के तहत 1682.70 लाख रुपये की लागत से बनाए जा रहे पुल निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संस्था व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को हिदायत दी कि पुल के निर्माण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए।
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जल निगम के अधिकारी प्रमुख सचिव को यह टंकी साफ पानी की आपूर्ति की उपलब्धि के तौर पर दिखाने ले गए थे। मगर मौके पर टंकी से गंदा और रेत मिला पानी निकलता देख ग्रामीण भड़क गए। गांव के संदीप और मंचवीर सहित अन्य लोगों ने अपनी समस्याओं का अंबार लगा दिया। ग्रामीणों ने बताया कि टंकी कई महीने से बनकर तैयार है, लेकिन जब इसे चलाया गया तो दूषित पानी आने लगा। प्रमुख सचिव रंजन कुमार दो दिवसीय दौरे पर बागपत आए थे और उन्होंने सबसे पहले अंगदपुर गांव का दौरा किया। उन्होंने जल निगम मेरठ के अवर अभियंता प्रशांत से जवाब-तलब किया। प्रमुख सचिव ने पूछा कि जब दूषित पानी का पता था तो दूसरी जगह बोरिंग क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि लोगों को साफ पानी देने में लापरवाही बरती जा रही है। अवर अभियंता पानी की जांच न होने का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। प्रमुख सचिव ने अवर अभियंता को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 15 दिन के अंदर दूसरी जगह बोरिंग कर ग्रामीणों को साफ पानी उपलब्ध कराया जाए। इसकी विस्तृत रिपोर्ट भी बनाकर प्रस्तुत की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने प्रमुख सचिव को एक ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने गांव के तालाब की सफाई कराने की मांग की। ग्रामीणों ने अपनी अन्य स्थानीय समस्याओं से भी प्रमुख सचिव को अवगत कराया। यह दर्शाता है कि गांव में पानी के अलावा भी कई बुनियादी समस्याएं मौजूद हैं।
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-गोशाला और पुल निर्माण का किया निरीक्षण
वहां से प्रमुख सचिव रंजन कुमार बिजवाड़ा स्थित गोशाला पहुंचे। यहां उन्होंने गोवंश की पूजा की और गुड़ खिलाया। प्रमुख सचिव ने दो गोवंश बीमार होने पर नाराजगी जताई और पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अक्षय बालियान को गोवंश का सही से उपचार करने के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव ने बरनावा के पास कृष्णा नदी पर राज्य योजना के तहत 1682.70 लाख रुपये की लागत से बनाए जा रहे पुल निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संस्था व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को हिदायत दी कि पुल के निर्माण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए।