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वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई बंद नहीं हुई तो आंदोलन होगा : नरेश टिकैत
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दोघट (बागपत)। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि यदि वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई बंद नहीं होती है तो भाकियू आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि किसान-मजदूरों के पुराने वाहनों को सही दाम पर लेकर उन्हें लोन पर नए वाहनों को देना चाहिए ताकि उन पर आर्थिक भार न पड़े।
वह बृहस्पतिवार को दोघट कस्बे में पहुंचे थे। वहां प्रेसवार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि व्यक्ति मेहनत-मजदूरी कर दुकान, मकान बनाता है। मेरठ में जिस तरह से दुकान, मकान, शोरूम व हॉस्पिटल तोड़े गए, वह कार्रवाई गलत है। 50 साल पुराने मकान भी बुलडोजर चलाकर तोड़ दिए गए। प्रदेश सरकार को इस तरह की कार्रवाई नहीं करनी चाहिए, बल्कि उन पर जुर्माना लगाकर वसूली की जानी चाहिए ताकि राजस्व भी बढ़ सके। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से व्यापार भी प्रभावित हुआ है और लोग घर से बेघर हो गए हैं।
आजादी के बाद लोगों ने सोचा था कि वह अब किसी के गुलाम नहीं रहेंगे, लेकिन ऐसी आजादी का मेरठ के लोगों को कोई फायदा नहीं हो रहा है। इस सरकार में लोगों ने न्याय मिलने की उम्मीद को छोड़ दिया है। कहा कि गन्ना पेराई सत्र शुरू होने वाला है, लेकिन अभी तक गन्ना मूल्य घोषित नहीं किया गया है। किसान 600 रुपये से कम गन्ना मूल्य स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने किसानों को गन्ने पर सब्सिडी देने की मांग की है। साथ ही कहा कि यदि चीनी मिलें समय से किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान करेंगी तो वह कोल्हू पर गन्ना नहीं देंगे।
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उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर किसान व मजदूर नया वाहन खरीदने की स्थिति में नहीं हैं। सरकार को आसान किस्तों पर नई मोटर साइकिल उपलब्ध कराने के साथ पुरानी गाड़ियों को अच्छे दाम पर खरीदना चाहिए। इस मौके पर राजेंद्र चौधरी, पूर्व प्रधान धर्मेंद्र राठी, रामकुमार चेयरमैन, जीत सिंह आदि मौजूद रहे।
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वह बृहस्पतिवार को दोघट कस्बे में पहुंचे थे। वहां प्रेसवार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि व्यक्ति मेहनत-मजदूरी कर दुकान, मकान बनाता है। मेरठ में जिस तरह से दुकान, मकान, शोरूम व हॉस्पिटल तोड़े गए, वह कार्रवाई गलत है। 50 साल पुराने मकान भी बुलडोजर चलाकर तोड़ दिए गए। प्रदेश सरकार को इस तरह की कार्रवाई नहीं करनी चाहिए, बल्कि उन पर जुर्माना लगाकर वसूली की जानी चाहिए ताकि राजस्व भी बढ़ सके। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से व्यापार भी प्रभावित हुआ है और लोग घर से बेघर हो गए हैं।
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आजादी के बाद लोगों ने सोचा था कि वह अब किसी के गुलाम नहीं रहेंगे, लेकिन ऐसी आजादी का मेरठ के लोगों को कोई फायदा नहीं हो रहा है। इस सरकार में लोगों ने न्याय मिलने की उम्मीद को छोड़ दिया है। कहा कि गन्ना पेराई सत्र शुरू होने वाला है, लेकिन अभी तक गन्ना मूल्य घोषित नहीं किया गया है। किसान 600 रुपये से कम गन्ना मूल्य स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने किसानों को गन्ने पर सब्सिडी देने की मांग की है। साथ ही कहा कि यदि चीनी मिलें समय से किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान करेंगी तो वह कोल्हू पर गन्ना नहीं देंगे।
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उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर किसान व मजदूर नया वाहन खरीदने की स्थिति में नहीं हैं। सरकार को आसान किस्तों पर नई मोटर साइकिल उपलब्ध कराने के साथ पुरानी गाड़ियों को अच्छे दाम पर खरीदना चाहिए। इस मौके पर राजेंद्र चौधरी, पूर्व प्रधान धर्मेंद्र राठी, रामकुमार चेयरमैन, जीत सिंह आदि मौजूद रहे।