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मानव की पहचान होती है वाणी से
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Wed, 03 Aug 2016 02:25 AM IST
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विहर्ष सागर महाराज का पद विहार के दौरान आरती उतारते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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बड़ौत। राष्ट्र संत विहर्ष सागर महाराज दिल्ली रोड पर स्थित आचार्य धर्म सागर साधुवृत्ति आश्रम से पद विहार कर अतिथि भवन पहुंचे, वहां आयोजित धर्मसभा में उन्होंने कहा मानव की वास्तविक पहचान वाणी से होती है।
मुनि विहर्ष सागर महाराज को बैंडबाजों के साथ संसघ आचार्य धर्मसागर साधुवृत्ति आश्रम दिल्ली रोड से पद विहार करते कोताना रोड, फूंस वाली मस्जिद, नेहरू मूर्ति, अतिथि भवन बाजार होते हुए अतिथि भवन लाया गया। उन्होंने कहा कि मानव की पहचान वाणी से होती है। धर्मसभा का शुभारंभ मंगलाचरण से डॉ. आरके जैन ने किया। संचालन श्रेयांस जैन ने किया। इसमें अर्पित जैन, पंकज जैन आदि रहे।
सुनील जैन, अशोक जैन, धनपाल जैन, सुदेश जैन, राकेश जैन, बालकिशन जैन, नरेश जैन, संदीप जैन, नेहा, प्रियंका, रीना, नीतू, इंद्राणी, गीता, अंजू आदि रहे।
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मुनि विहर्ष सागर महाराज को बैंडबाजों के साथ संसघ आचार्य धर्मसागर साधुवृत्ति आश्रम दिल्ली रोड से पद विहार करते कोताना रोड, फूंस वाली मस्जिद, नेहरू मूर्ति, अतिथि भवन बाजार होते हुए अतिथि भवन लाया गया। उन्होंने कहा कि मानव की पहचान वाणी से होती है। धर्मसभा का शुभारंभ मंगलाचरण से डॉ. आरके जैन ने किया। संचालन श्रेयांस जैन ने किया। इसमें अर्पित जैन, पंकज जैन आदि रहे।
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सुनील जैन, अशोक जैन, धनपाल जैन, सुदेश जैन, राकेश जैन, बालकिशन जैन, नरेश जैन, संदीप जैन, नेहा, प्रियंका, रीना, नीतू, इंद्राणी, गीता, अंजू आदि रहे।
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