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भूमि अधिग्रहण के विरोध में एनएचएआई कार्यालय पर भूख हड़ताल
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बागपत के एनएचएआई कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करते भाकियू कार्यकर्ता
- फोटो : BAGHPAT
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- भाकियू कार्यकर्ताओं और व्यापारियों ने कहा कि 10 मीटर से ज्यादा नहीं देंगे जमीन
- निर्माण कर रही ठेकेदार कंपनी 13 मीटर अधिग्रहण पर लगाया है निशान
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। बागपत-मेरठ हाईवे निर्माण के लिए अग्रवाल मंडी टटीरी में भूमि अधिग्रहण का विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। कस्बे में 13 मीटर अधिग्रहण के लिए निशानदेही से नाराज भाकियू कार्यकर्ताओं और व्यापारियों ने एनएचएआई कार्यालय पर एक दिन की भूख हड़ताल की। चेतावनी दी है कि अगर भूलेख के अनुसार अधिग्रहण नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की जाएगी।
शनिवार को भाकियू की युवा इकाई के जिलाध्यक्ष चौधरी हिम्मत सिंह के नेतृत्व में अग्रवाल मंडी टटीरी के दुकानदार और मकान मालिक सुबह 11 बजे एनएचएआई कार्यालय पहुंचे। डॉ सुनील अग्रवाल, संजय कुमार, नौरंग सिंह, राकेश और प्रदीप सिंह भूख हड़ताल पर बैठ गए। हिम्मत सिंह ने बताया कि शांतिपूर्ण तरीके से शाम चार बजे तक भूख हड़ताल और धरना प्रदर्शन किया गया है। कस्बे के लोगों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। विजय मानव, प्रदीप कुमार, धर्मपाल सिंह, राकेश, सत्यपाल सिंह, महिपाल और मुकेश मौजूद रहे। उधर, एडीएम अमित कुमार सिंह का कहना है कि एनएचएआई अधिकारियों से बात कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।
ये है विवाद
बागपत। हाईवे निर्माण कर रही कंपनी ने सड़क के दोनों ओर 13-13 मीटर अधिग्रहण के लिए निशानदेही की है। कस्बे के लोगों का कहना है कि सरकारी जमीन 10-10 मीटर ही है। वर्ष 1963-64 में चकबंदी के अभिलेख मौजूद हैं। भूलेख के अनुसार व्यापारी दस-दस मीटर जमीन देंगे। अगर 13 मीटर जमीन ली जाती है तो व्यापारियों को मुआवजा देना चाहिए। ठेकेदार कंपनी मुआवजा देने से बच रही है। इससे कस्बे के करीब 250 लोग प्रभावित होंगे।
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निर्माण कार्य रुकवा चुके है दुकानदार
बागपत। अग्रवाल मंडी टटीरी के नागरिक लगातार अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि नियमानुसार अधिग्रहण होना चाहिए। व्यापारी बर्बाद हो जाएंगे। जनप्रतिनिधियों के समक्ष भी वह समस्या रख चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। निर्माण कार्य भी रुकवा चुके है।
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- निर्माण कर रही ठेकेदार कंपनी 13 मीटर अधिग्रहण पर लगाया है निशान
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। बागपत-मेरठ हाईवे निर्माण के लिए अग्रवाल मंडी टटीरी में भूमि अधिग्रहण का विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। कस्बे में 13 मीटर अधिग्रहण के लिए निशानदेही से नाराज भाकियू कार्यकर्ताओं और व्यापारियों ने एनएचएआई कार्यालय पर एक दिन की भूख हड़ताल की। चेतावनी दी है कि अगर भूलेख के अनुसार अधिग्रहण नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की जाएगी।
शनिवार को भाकियू की युवा इकाई के जिलाध्यक्ष चौधरी हिम्मत सिंह के नेतृत्व में अग्रवाल मंडी टटीरी के दुकानदार और मकान मालिक सुबह 11 बजे एनएचएआई कार्यालय पहुंचे। डॉ सुनील अग्रवाल, संजय कुमार, नौरंग सिंह, राकेश और प्रदीप सिंह भूख हड़ताल पर बैठ गए। हिम्मत सिंह ने बताया कि शांतिपूर्ण तरीके से शाम चार बजे तक भूख हड़ताल और धरना प्रदर्शन किया गया है। कस्बे के लोगों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। विजय मानव, प्रदीप कुमार, धर्मपाल सिंह, राकेश, सत्यपाल सिंह, महिपाल और मुकेश मौजूद रहे। उधर, एडीएम अमित कुमार सिंह का कहना है कि एनएचएआई अधिकारियों से बात कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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ये है विवाद
बागपत। हाईवे निर्माण कर रही कंपनी ने सड़क के दोनों ओर 13-13 मीटर अधिग्रहण के लिए निशानदेही की है। कस्बे के लोगों का कहना है कि सरकारी जमीन 10-10 मीटर ही है। वर्ष 1963-64 में चकबंदी के अभिलेख मौजूद हैं। भूलेख के अनुसार व्यापारी दस-दस मीटर जमीन देंगे। अगर 13 मीटर जमीन ली जाती है तो व्यापारियों को मुआवजा देना चाहिए। ठेकेदार कंपनी मुआवजा देने से बच रही है। इससे कस्बे के करीब 250 लोग प्रभावित होंगे।
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निर्माण कार्य रुकवा चुके है दुकानदार
बागपत। अग्रवाल मंडी टटीरी के नागरिक लगातार अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि नियमानुसार अधिग्रहण होना चाहिए। व्यापारी बर्बाद हो जाएंगे। जनप्रतिनिधियों के समक्ष भी वह समस्या रख चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। निर्माण कार्य भी रुकवा चुके है।