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सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न
ब्यूरो/अमर उजाला, छपरौली
Updated Tue, 15 Dec 2015 01:09 AM IST
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क्षेत्र के ककौर गांव में रजवाहे की पटरी टूटने से किसानों की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई। हलकान किसानों ने प्रशासन से मुुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
ककौर गांव में रविवार को सवेरे करीब आठ बजे पानी आने पर पटरी कई जगह से टूट गई और उसका पानी खेतों में घुस गया। फसल पानी के साथ बह गई। 33 केवीए बिजलीघर की दीवार में भी दरारें आ गई।
ओम सिंह, नीरज, प्रवीण, अंकित, अमित, प्रकाश, बबलू, सन्नी, इरफान, हासिम और संजय आदि ने पानी रोकने का भरसक प्रयास किया और निर्माणाधीन बिजलीघर से लोहे की प्लेटें, बल्ली और गाटर आदि अवरोधक बनाए ,लेकिन पानी का बहाव तेज होने से वे भी पानी के साथ बहकर मिट्टी में धंस गए।
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जलमग्न खेत गहराई पर होने के कारण उसमें बोई गई गेहूं की फसल भी बर्बाद हो गई। किसान धर्मपाल, नरेश, देशपाल, किरना, प्रकाश, सुरजू और रामा आदि की फसल बर्बाद हो गई हैं। किसानों ने प्रशासन से मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
किसानों ने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज होगा। किसानों ने कहा कि अधिकारी समय रहते समय का निदान करने में दिलचस्पी नहीं लेते। इस वजह से किसानों को दिक्कत होती है।
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ककौर गांव में रविवार को सवेरे करीब आठ बजे पानी आने पर पटरी कई जगह से टूट गई और उसका पानी खेतों में घुस गया। फसल पानी के साथ बह गई। 33 केवीए बिजलीघर की दीवार में भी दरारें आ गई।
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ओम सिंह, नीरज, प्रवीण, अंकित, अमित, प्रकाश, बबलू, सन्नी, इरफान, हासिम और संजय आदि ने पानी रोकने का भरसक प्रयास किया और निर्माणाधीन बिजलीघर से लोहे की प्लेटें, बल्ली और गाटर आदि अवरोधक बनाए ,लेकिन पानी का बहाव तेज होने से वे भी पानी के साथ बहकर मिट्टी में धंस गए।
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जलमग्न खेत गहराई पर होने के कारण उसमें बोई गई गेहूं की फसल भी बर्बाद हो गई। किसान धर्मपाल, नरेश, देशपाल, किरना, प्रकाश, सुरजू और रामा आदि की फसल बर्बाद हो गई हैं। किसानों ने प्रशासन से मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
किसानों ने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज होगा। किसानों ने कहा कि अधिकारी समय रहते समय का निदान करने में दिलचस्पी नहीं लेते। इस वजह से किसानों को दिक्कत होती है।