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कैसे फैलेगी हरियाली, सड़क पर फेंक दिए पौधे
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छपरौली के सिनौली गांव के पास सड़क किनारे पड़े पौधे
- फोटो : BAGHPAT
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छपरौली (बागपत)। आखिर हरियाली कैसे फैलेगी? वन महोत्सव के आखिरी दिन सैकड़ों पौधे सिनौली गांव में नहर के पास सड़क पर पड़े मिले। पौधे किसने फेंक और कहां से लाए गए थे? इसकी वन विभाग ने जांच शुरू करा दी है।
जिले को हराभरा करने के लिए एक से सात जुलाई तक वन महोत्सव मनाया गया। जिले में दस लाख 40 हजार पौधे रोपे गए। पौधरोपण के लिए ब्लॉक कार्यालय से ग्रामीणों को आधार कार्ड पर नि:शुल्क पौधे दिए गए। वन महोत्सव के समापन पर मंगलवार को छपरौली के सिनौली गांव में सैकड़ों पौधे सड़क पर फेंक दिए गए। ग्रामीण ओमदत्त शर्मा और रामअवतार शर्मा का कहना है कि पर्यावरण का शुद्ध बनाने के लिए पौधरोपण जरूरी है। मगर, लोगों ने सड़क के किनारे सैकड़ों पौधे फेंक दिए हैं। पंकज व सुरेंद्र का कहना है कि शासन और प्रशासन पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के लिए पुरजोर प्रयास कर रहा है। लोगों को पौधे लगाने के लिए जागरूक किया जा रहा है, इसके बावजूद भी पौधों को सड़क पर फेंक दिया गया है। शिवम व जगमोहन ने प्रशासन से पौधे फेंकने की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है।
क्या कहते हैं अधिकारी
वन क्षेत्राधिकारी राजपाल सिंह का कहना है कि सिनौली क्षेत्र में इस बार वन विभाग की ओर से पौधरोपण नहीं किया गया है। वन विभाग से पौध ले जाते वक्त किसी ने पौध गिरा दी हो। सूचना मिली है, जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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वन दरोगा रविकांत चौधरी का कहना है कि पौधे फेंकने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। सड़क पर फेंके गए पौधों की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। पौधों को उठवाकर उनका रोपण कराया जाएगा।
पुलिस लाइन में रोपण का इंतजार कर रहे पौधे
बागपत। पांच जुलाई को विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रशासन ने पुलिस लाइन में पौधरोपण कर पर्यावरण को स्वच्छ बनाने की पहल की थी। नोडल अधिकारी ऊर्जा सचिव एम देवराज ने पौधरोपण कर अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया था। तीन दिन बीतने के बाद भी पुलिस लाइन में कुछ पौधे धूप में पड़े पौधे रोपे जाने की बांट जोह रहे है। रोपण न होने के कारण पौधों की जड़े सूखने लगी है। वन क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि इस मामले की जांच कराई जाएगी।
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जिले को हराभरा करने के लिए एक से सात जुलाई तक वन महोत्सव मनाया गया। जिले में दस लाख 40 हजार पौधे रोपे गए। पौधरोपण के लिए ब्लॉक कार्यालय से ग्रामीणों को आधार कार्ड पर नि:शुल्क पौधे दिए गए। वन महोत्सव के समापन पर मंगलवार को छपरौली के सिनौली गांव में सैकड़ों पौधे सड़क पर फेंक दिए गए। ग्रामीण ओमदत्त शर्मा और रामअवतार शर्मा का कहना है कि पर्यावरण का शुद्ध बनाने के लिए पौधरोपण जरूरी है। मगर, लोगों ने सड़क के किनारे सैकड़ों पौधे फेंक दिए हैं। पंकज व सुरेंद्र का कहना है कि शासन और प्रशासन पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के लिए पुरजोर प्रयास कर रहा है। लोगों को पौधे लगाने के लिए जागरूक किया जा रहा है, इसके बावजूद भी पौधों को सड़क पर फेंक दिया गया है। शिवम व जगमोहन ने प्रशासन से पौधे फेंकने की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
वन क्षेत्राधिकारी राजपाल सिंह का कहना है कि सिनौली क्षेत्र में इस बार वन विभाग की ओर से पौधरोपण नहीं किया गया है। वन विभाग से पौध ले जाते वक्त किसी ने पौध गिरा दी हो। सूचना मिली है, जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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वन दरोगा रविकांत चौधरी का कहना है कि पौधे फेंकने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। सड़क पर फेंके गए पौधों की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। पौधों को उठवाकर उनका रोपण कराया जाएगा।
पुलिस लाइन में रोपण का इंतजार कर रहे पौधे
बागपत। पांच जुलाई को विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रशासन ने पुलिस लाइन में पौधरोपण कर पर्यावरण को स्वच्छ बनाने की पहल की थी। नोडल अधिकारी ऊर्जा सचिव एम देवराज ने पौधरोपण कर अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया था। तीन दिन बीतने के बाद भी पुलिस लाइन में कुछ पौधे धूप में पड़े पौधे रोपे जाने की बांट जोह रहे है। रोपण न होने के कारण पौधों की जड़े सूखने लगी है। वन क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि इस मामले की जांच कराई जाएगी।