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कैसे रुके दाल की कालाबाजारी, नहीं मारा एक भी छापा
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- दाल की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए गठित की गई थी टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। दाल की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन के दावे कागजी साबित हो गए हैं। कालाबाजारी रोकने की जिम्मेदारी जिन अफसरों के कंधों पर डाली गई थी, उन्होंने अब तक भी छापा नहीं मारा है। अब तक सिर्फ एक बैठक ही की गई है।
कोरोना कर्फ्यू के दौरान से ही खाद्य तेल के साथ दाल के दाम आसमान छू रहे हैं। निगरानी न होने से दाल मिलर्स और थोक कारोबारी मनमाने तरीके से स्टॉक कर बाजार में दाल की कमी बना मुनाफा कमा रहे थे। यहीं कारण है कि चने, मसूर, मूंग, उड़द सहित अन्य दालों के दाक 90 रुपये से लेकर 130 रुपये तक बढ़ गए थे। इसे देखते हुए बीते दिनों सरकार की ओर से पोर्टल बना कर सभी दाल मिलर्स और थोक कारोबारियों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए थे। कारोबारियों को अपने स्टॉक का ब्यौरा प्रतिदिन पोर्टल पर अपलोड करना था। पोर्टल की निगरानी के साथ मौके पर छापा मार कर स्टॉक का मिलान करने के निर्देश भी दिए गए थे। इसके लिए टीम का गठन भी किया गया था। टीम में एसडीएम दुर्गेश मिश्र और खाद्य विभाग के खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुरेंद्र चौरसिया को भी शामिल किया गया था। गठन के बाद से अब तक टीम ने एक भी जगह छापा नहीं मारा है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर फिलहाल व्यस्त थे, अब चुनाव समाप्त हो गए है, जल्द ही छापा मार कार्रवाई की जाएगी। - दुुर्गेश मिश्र, एसडीएम।
टीम का गठन किया जा चुका है। दाल मूल्य पर नजर बनाई हुई है। कालाबाजारी कर दाम बढ़ाने की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। - सुरेंद्र चौरासिया, खाद्य सुरक्षा अधिकारी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। दाल की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन के दावे कागजी साबित हो गए हैं। कालाबाजारी रोकने की जिम्मेदारी जिन अफसरों के कंधों पर डाली गई थी, उन्होंने अब तक भी छापा नहीं मारा है। अब तक सिर्फ एक बैठक ही की गई है।
कोरोना कर्फ्यू के दौरान से ही खाद्य तेल के साथ दाल के दाम आसमान छू रहे हैं। निगरानी न होने से दाल मिलर्स और थोक कारोबारी मनमाने तरीके से स्टॉक कर बाजार में दाल की कमी बना मुनाफा कमा रहे थे। यहीं कारण है कि चने, मसूर, मूंग, उड़द सहित अन्य दालों के दाक 90 रुपये से लेकर 130 रुपये तक बढ़ गए थे। इसे देखते हुए बीते दिनों सरकार की ओर से पोर्टल बना कर सभी दाल मिलर्स और थोक कारोबारियों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए थे। कारोबारियों को अपने स्टॉक का ब्यौरा प्रतिदिन पोर्टल पर अपलोड करना था। पोर्टल की निगरानी के साथ मौके पर छापा मार कर स्टॉक का मिलान करने के निर्देश भी दिए गए थे। इसके लिए टीम का गठन भी किया गया था। टीम में एसडीएम दुर्गेश मिश्र और खाद्य विभाग के खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुरेंद्र चौरसिया को भी शामिल किया गया था। गठन के बाद से अब तक टीम ने एक भी जगह छापा नहीं मारा है।
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर फिलहाल व्यस्त थे, अब चुनाव समाप्त हो गए है, जल्द ही छापा मार कार्रवाई की जाएगी। - दुुर्गेश मिश्र, एसडीएम।
टीम का गठन किया जा चुका है। दाल मूल्य पर नजर बनाई हुई है। कालाबाजारी कर दाम बढ़ाने की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। - सुरेंद्र चौरासिया, खाद्य सुरक्षा अधिकारी।
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