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घर-घर जाकर टीवी की जांच करेगें स्वास्थ्य कर्मी, हरी झंडी दिखाकर रवाना किया
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बड़ौत/खेकड़ा। सीएचसी पर तैनात डिप्टी सीएमओ डॉॅ. विजय कुमार ने बुधवार को हरी झंडी दिखाकर परिसर से स्वास्थ्यकर्मियों को रवाना किया। डॉ. विजय कुमार ने बताया कि ये स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर टीबी संबंधी जांच करेंगे। बताया कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से ज्यादा खांसी, बलगम आना, बलगम में खून, वजन में कमी, भूख कम लगना व बुखार आदि समस्या है तो मुफ्त जांचकर उपचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम दस दिन तक चलेगा। इस दौरान सचिन मलिक, गौरव जैन, सुखवीर सिंह, सचिन शर्मा व अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
खेकड़ा में भी टीबी रोगी खोज अभियान शुरू किया गया। पीएचसी प्रभारी डॉ. सतीश कुमार ने 20 टीमों को झंडी दिखाकर रवाना किया। टीमों ने दिनभर घर-घर पहुंचकर सर्वे किया। उन्होंने संदिग्धों के नमूने लेकर लैब में जमा कराए। उप जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अजेन्द्र मलिक ने टीमों के कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि 22 मार्च तक चलने वाले सर्वे के लिए नगर में 20 टीमें कार्य करेंगी। शासन ने पोस्ट कोविड मरीजों की स्क्रीनिंग के भी निर्देश दिए हैं। यदि किसी व्यक्ति में टीबी से मिलते जुलते लक्षण होंगे तो जांच कराई जाएगी। अभियान में आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और पोलियो वालिंटियर का सहयोग लिया गया है। जांच में पुष्टि होने पर मरीज को 48 घंटे में उपचार शुरू कराने के साथ निक्षय पोषण योजना से लिंक कराया जाएगा। उसमें शासन की ओर से 500 रुपये का भुगतान किया जाएगा।
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खेकड़ा में भी टीबी रोगी खोज अभियान शुरू किया गया। पीएचसी प्रभारी डॉ. सतीश कुमार ने 20 टीमों को झंडी दिखाकर रवाना किया। टीमों ने दिनभर घर-घर पहुंचकर सर्वे किया। उन्होंने संदिग्धों के नमूने लेकर लैब में जमा कराए। उप जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अजेन्द्र मलिक ने टीमों के कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि 22 मार्च तक चलने वाले सर्वे के लिए नगर में 20 टीमें कार्य करेंगी। शासन ने पोस्ट कोविड मरीजों की स्क्रीनिंग के भी निर्देश दिए हैं। यदि किसी व्यक्ति में टीबी से मिलते जुलते लक्षण होंगे तो जांच कराई जाएगी। अभियान में आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और पोलियो वालिंटियर का सहयोग लिया गया है। जांच में पुष्टि होने पर मरीज को 48 घंटे में उपचार शुरू कराने के साथ निक्षय पोषण योजना से लिंक कराया जाएगा। उसमें शासन की ओर से 500 रुपये का भुगतान किया जाएगा।
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