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Baghpat News: कागजों में बना दी सेहत, टीबी से कराहते रहे 25 गांव
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जिला अस्पताल की खबर से संबंधित फोटो। जिला अस्पताल स्थित टी.बी. विभाग
- फोटो : संवाद
बागपत। एक महीने पहले जिन 38 गांव को कागजों में टीबी मुक्त किया गया था, अब वहां खूब मरीज मिल रहे हैं। यह कोई और नहीं कह रहा है, बल्कि स्वास्थ्य विभाग के सर्वे के दौरान ही यह मरीज मिले हैं। सर्वे में अभी तक 25 से अधिक गांवों में टीबी के करीब 90 मरीज मिल चुके हैं जो कागजों में टीबी मुक्त थे।
स्वास्थ्य विभाग ने एक माह पहले 38 गांवों को टीबी मुक्त होने का दावा किया था। इसके बाद जिलेभर के गांवों में टीबी के मरीजों को खोजने के लिए आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व वर्करों से सर्वे शुरू कराया गया। यहां सौ से अधिक गांवों का सर्वे करने के बाद 231 मरीजों में टीबी की पुष्टि हो चुकी हैं और 700 से अधिक मरीजों में लक्षण मिलने पर जांच कराई जा रही है। सर्वे में टीबी मुक्त बताए गए करीब 25 गांवों में मरीज मिले हैं।
किसी गांव में पांच तो किसी में तीन मरीज मिले हैं। इस तरह स्वास्थ्य विभाग के खुद के सर्वे में टीबी मुक्त अभियान की पोल खुल गई। (संवाद)
- टीबी मुक्त श्रेणी से बाहर होंगे गांव
जिन गांवों को टीबी मुक्त किया गया है और वहां मरीज मिल गए हैं। उन 25 गांवों को टीबी मुक्त श्रेणी से बाहर किया जाएगा। अभी तक सर्वे चल रहा है और अन्य टीबी मुक्त गांवों में अभी संदिग्ध मरीज मिले हैं। इन मरीजों की जांच कराने के बाद बीमारी की पुष्टि होती है तो इन सभी 38 गांवों को श्रेणी से बाहर कर दिया जाएगा।
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- जिले में सक्रिय है एक हजार टीबी मरीज
जिले में पहले ही एक हजार से अधिक टीबी के मरीजों का उपचार चल रहा है। यहां पहले सभी गांवों में टीबी के मरीज थे, मगर 38 गांवों में मरीज नहीं होने की बात कहकर उनको टीबी मुक्त किया गया था। अब फिर से मरीज मिलने के बाद उपचार किया जाएगा।
- ये गांव हुए थे टीबी मुक्त
बिहारीपुर, खेड़की, खेड़ा हटाना, संतोषपुर, सूजरा, अहमदपुर गठीना, कर्मअलीपुर गढ़ी, नंगला जाफराबाद, खड़खड़ी, फतेहपुर चक, चौबली, अंगदपुर, आरिफपुर खेड़ी, हेवा, सिलाना, चांदनहेड़ी, माखर, चंदायन, दादरी, माल माजरा, कान्हड़, नंगला कनवाड़ा, धनौरा टीकरी, बंदपुर, निरोजपुर, सैदपुर, महरमपुर, मंसूरपुर, फुलैरा, खैला, घटौली, हरियाखेड़ा, सिखेड़ा, मुकंदपुर औगटी, मतानतनगर, तितरौदा, पूठड़ गांव को टीबी मुक्त किया गया था।
- इस तरह मिले टीबी मरीज
ब्लॉक- मरीज
बागपत- 49
बड़ौत- 54
खेकड़ा- 31
पिलाना- 35
छपरौली- 29
बिनौली- 33
-
यह है कुछ उदाहरण
- सूजरा के व्यक्ति ने बताया कि दो माह से खांसी, जुकाम हो रहा था और खांसी सही नहीं हो रही थी। सर्वे में टीम ने सैंपल लेकर जांच कराई तो टीबी की पुष्टि हुई। इसके बाद टीबी विभाग से दवाई शुरू कर दी गई है। कोर्स करीब आठ माह चलेगा और कोर्स पूरा होने के बाद फिर से जांच की जाएगी।
- हरियाखेड़ा के युवक ने बताया कि टीबी के लक्षण एक माह से आ रहे थे, लेकिन वह जांच कराने से बच रहा था। अब जांच कराने के बाद टीबी की पुष्टि हुई है। इससे पहले टीम ने गांव में आकर सर्वे नहीं किया था, जिससे वह जांच नहीं करा सका था।
- वर्जन
- जिन गांवों को टीबी मुक्त किया गया था और उनमें दोबारा से मरीज मिले हैं तो उनको टीबी मुक्त श्रेणी से बाहर किया जाएगा। सर्वे में अभी तक 231 मरीज मिले चुके हैं और पूर्व में जिले में एक हजार से अधिक सक्रिय मरीज है। - डाॅ. तीरथलाल, सीएमओ
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स्वास्थ्य विभाग ने एक माह पहले 38 गांवों को टीबी मुक्त होने का दावा किया था। इसके बाद जिलेभर के गांवों में टीबी के मरीजों को खोजने के लिए आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व वर्करों से सर्वे शुरू कराया गया। यहां सौ से अधिक गांवों का सर्वे करने के बाद 231 मरीजों में टीबी की पुष्टि हो चुकी हैं और 700 से अधिक मरीजों में लक्षण मिलने पर जांच कराई जा रही है। सर्वे में टीबी मुक्त बताए गए करीब 25 गांवों में मरीज मिले हैं।
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किसी गांव में पांच तो किसी में तीन मरीज मिले हैं। इस तरह स्वास्थ्य विभाग के खुद के सर्वे में टीबी मुक्त अभियान की पोल खुल गई। (संवाद)
- टीबी मुक्त श्रेणी से बाहर होंगे गांव
जिन गांवों को टीबी मुक्त किया गया है और वहां मरीज मिल गए हैं। उन 25 गांवों को टीबी मुक्त श्रेणी से बाहर किया जाएगा। अभी तक सर्वे चल रहा है और अन्य टीबी मुक्त गांवों में अभी संदिग्ध मरीज मिले हैं। इन मरीजों की जांच कराने के बाद बीमारी की पुष्टि होती है तो इन सभी 38 गांवों को श्रेणी से बाहर कर दिया जाएगा।
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- जिले में सक्रिय है एक हजार टीबी मरीज
जिले में पहले ही एक हजार से अधिक टीबी के मरीजों का उपचार चल रहा है। यहां पहले सभी गांवों में टीबी के मरीज थे, मगर 38 गांवों में मरीज नहीं होने की बात कहकर उनको टीबी मुक्त किया गया था। अब फिर से मरीज मिलने के बाद उपचार किया जाएगा।
- ये गांव हुए थे टीबी मुक्त
बिहारीपुर, खेड़की, खेड़ा हटाना, संतोषपुर, सूजरा, अहमदपुर गठीना, कर्मअलीपुर गढ़ी, नंगला जाफराबाद, खड़खड़ी, फतेहपुर चक, चौबली, अंगदपुर, आरिफपुर खेड़ी, हेवा, सिलाना, चांदनहेड़ी, माखर, चंदायन, दादरी, माल माजरा, कान्हड़, नंगला कनवाड़ा, धनौरा टीकरी, बंदपुर, निरोजपुर, सैदपुर, महरमपुर, मंसूरपुर, फुलैरा, खैला, घटौली, हरियाखेड़ा, सिखेड़ा, मुकंदपुर औगटी, मतानतनगर, तितरौदा, पूठड़ गांव को टीबी मुक्त किया गया था।
- इस तरह मिले टीबी मरीज
ब्लॉक- मरीज
बागपत- 49
बड़ौत- 54
खेकड़ा- 31
पिलाना- 35
छपरौली- 29
बिनौली- 33
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यह है कुछ उदाहरण
- सूजरा के व्यक्ति ने बताया कि दो माह से खांसी, जुकाम हो रहा था और खांसी सही नहीं हो रही थी। सर्वे में टीम ने सैंपल लेकर जांच कराई तो टीबी की पुष्टि हुई। इसके बाद टीबी विभाग से दवाई शुरू कर दी गई है। कोर्स करीब आठ माह चलेगा और कोर्स पूरा होने के बाद फिर से जांच की जाएगी।
- हरियाखेड़ा के युवक ने बताया कि टीबी के लक्षण एक माह से आ रहे थे, लेकिन वह जांच कराने से बच रहा था। अब जांच कराने के बाद टीबी की पुष्टि हुई है। इससे पहले टीम ने गांव में आकर सर्वे नहीं किया था, जिससे वह जांच नहीं करा सका था।
- वर्जन
- जिन गांवों को टीबी मुक्त किया गया था और उनमें दोबारा से मरीज मिले हैं तो उनको टीबी मुक्त श्रेणी से बाहर किया जाएगा। सर्वे में अभी तक 231 मरीज मिले चुके हैं और पूर्व में जिले में एक हजार से अधिक सक्रिय मरीज है। - डाॅ. तीरथलाल, सीएमओ