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Baghpat News: तीन हाईवे, लेकिन ट्रॉमा सेंटर नहीं
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शामली। जिले में तीन हाईवे चल रहे हैं और दो एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य जारी है, लेकिन ट्रॉमा सेंटर की सुविधा नहीं है। सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर घायलों को उपचार की सुविधा न मिलने से हायर सेंटर रेफर किया जाता है।
शामली जनपद में मेरठ-करनाल, पानीपत-खटीमा हाईवे और दिल्ली-सहारनपुर हैं। इनके अलावा दिल्ली-देहरादून और अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे निर्माणाधीन है। तीनों हाईवे पर बड़ी संख्या में हल्के व भारी वाहनों का आवागमन होने के कारण दुर्घटनाएं होती रहती है, लेकिन ट्रॉमा सेंटर की सुविधा न होने के कारण मरीजों को समुचित उपचार की सुविधा नहीं मिल पाती।
जिला अस्पताल में भी विशेषज्ञ चिकित्सकों के न होने के कारण गंभीर घायलों को मेरठ मेडिकल रेफर करना पड़ता है। जिले में एक जनवरी से 30 सितंबर तक 216 हादसे दर्ज किए गए। इन हादसों में 105 लोगों की मौत हुई और 190 लोग घायल हुए हैं।
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शामली जनपद में मेरठ-करनाल, पानीपत-खटीमा हाईवे और दिल्ली-सहारनपुर हैं। इनके अलावा दिल्ली-देहरादून और अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे निर्माणाधीन है। तीनों हाईवे पर बड़ी संख्या में हल्के व भारी वाहनों का आवागमन होने के कारण दुर्घटनाएं होती रहती है, लेकिन ट्रॉमा सेंटर की सुविधा न होने के कारण मरीजों को समुचित उपचार की सुविधा नहीं मिल पाती।
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जिला अस्पताल में भी विशेषज्ञ चिकित्सकों के न होने के कारण गंभीर घायलों को मेरठ मेडिकल रेफर करना पड़ता है। जिले में एक जनवरी से 30 सितंबर तक 216 हादसे दर्ज किए गए। इन हादसों में 105 लोगों की मौत हुई और 190 लोग घायल हुए हैं।
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