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होम आइसोलेशन के सहारे रहा स्वास्थ्य विभाग, अब बढ़ाए बेड
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- पीकू (पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट), नीकू (नियोनेटल इंटेसिव केयर यूनिट) और अस्पतालों में कराई गई वेंटिलेटर की व्यवस्था
- कोरोना की दूसरी लहर में बेड के अभाव में ज्यादातर मरीजों को करना पड़ा था होम आइसोलेट
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। कोरोना की दूसरी लहर में स्वास्थ्य विभाग होम आइसोलेशन के सहारे था। ज्यादातर मरीजों को होमआइसोलेट किया गया था। मगर, तीसरी लहर से निपटने के लिए अस्पतालों में 50 बेड बढ़ाए है। अधिकारी दावा कर रहे है कि जिला अस्पताल में पीकू (पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट), नीकू (नियोनेटल इंटेसिव केयर यूनिट) सेंटर के अलावा अस्पतालों में वेंटिलेटरों की भी व्यवस्था कराई गई है। जिला अस्पताल के अलावा खेकड़ा के एल-2 व सरुरपुर में वेंटिलेटर की व्यवस्था कराई गई है।
कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है। जिला अस्पताल में पीकू (पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट यानि बाल चिकित्सा गहन देखभाल इकाई) और नीकू (नियोनेटल इंटेसिव केयर यूनिट यानि नवजात गहन देखभाल इकाई) सेंटर तैयार कराए गए है। इसके अलावा खेकड़ा एल-2, सरूरपुर कलां पीएचसी, जिला अस्पताल और आर्यभट्ट कॉलेज में 420 बेड की व्यवस्था कराई गई है। खेकड़ा और सरूरपुर में 75-85 बेड, जिला अस्पताल में 40 बेड और आर्यभट्ट में 230 बेड तैयार कराए गए है। जिला अस्पताल में दस, खेकड़ा में चार और सरूरपुर कलां में दो वेंटिलेटर की व्यवस्था कराई गई है। संक्रमण के दौरान ऑक्सीजन की कमी न हो, इसके लिए 600 कंसंट्रेटर बडे़ और छोटे सिलिंडर बढ़ाए गए है। जांच के लिए बागपत व बड़ौत सीएचसी में एक-एक ट्रूूनेट मशीन की व्यवस्था कराई गई है।
बिना लक्षण वाले मरीजे आर्यभट्ट में किए जाएंगे भर्ती
संक्रमण फैलने पर बिना लक्षण वाले मरीजों के लिए आर्यभट्ट कालेज में 230 बेड की व्यवस्था कराई गई है। आरटीपीआर लैब खुलने से जांच रिपोर्ट जल्द मिलेगी, जिससे लोगों को समय पर उपचार मिलेगा।
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कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर विभाग की तैयारी पूरी है। इस बार जिले में 50 बेड और ऑक्सीजन के लिए अतिरिक्त सिलिंडर की व्यवस्था की गई है। जिले में रोजाना एक हजार मरीजों को उपचार देने की व्यवस्था कराई गई है। - डॉ यशवीर सिंह, डिप्टी सीएमओ
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- कोरोना की दूसरी लहर में बेड के अभाव में ज्यादातर मरीजों को करना पड़ा था होम आइसोलेट
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। कोरोना की दूसरी लहर में स्वास्थ्य विभाग होम आइसोलेशन के सहारे था। ज्यादातर मरीजों को होमआइसोलेट किया गया था। मगर, तीसरी लहर से निपटने के लिए अस्पतालों में 50 बेड बढ़ाए है। अधिकारी दावा कर रहे है कि जिला अस्पताल में पीकू (पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट), नीकू (नियोनेटल इंटेसिव केयर यूनिट) सेंटर के अलावा अस्पतालों में वेंटिलेटरों की भी व्यवस्था कराई गई है। जिला अस्पताल के अलावा खेकड़ा के एल-2 व सरुरपुर में वेंटिलेटर की व्यवस्था कराई गई है।
कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है। जिला अस्पताल में पीकू (पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट यानि बाल चिकित्सा गहन देखभाल इकाई) और नीकू (नियोनेटल इंटेसिव केयर यूनिट यानि नवजात गहन देखभाल इकाई) सेंटर तैयार कराए गए है। इसके अलावा खेकड़ा एल-2, सरूरपुर कलां पीएचसी, जिला अस्पताल और आर्यभट्ट कॉलेज में 420 बेड की व्यवस्था कराई गई है। खेकड़ा और सरूरपुर में 75-85 बेड, जिला अस्पताल में 40 बेड और आर्यभट्ट में 230 बेड तैयार कराए गए है। जिला अस्पताल में दस, खेकड़ा में चार और सरूरपुर कलां में दो वेंटिलेटर की व्यवस्था कराई गई है। संक्रमण के दौरान ऑक्सीजन की कमी न हो, इसके लिए 600 कंसंट्रेटर बडे़ और छोटे सिलिंडर बढ़ाए गए है। जांच के लिए बागपत व बड़ौत सीएचसी में एक-एक ट्रूूनेट मशीन की व्यवस्था कराई गई है।
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बिना लक्षण वाले मरीजे आर्यभट्ट में किए जाएंगे भर्ती
संक्रमण फैलने पर बिना लक्षण वाले मरीजों के लिए आर्यभट्ट कालेज में 230 बेड की व्यवस्था कराई गई है। आरटीपीआर लैब खुलने से जांच रिपोर्ट जल्द मिलेगी, जिससे लोगों को समय पर उपचार मिलेगा।
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कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर विभाग की तैयारी पूरी है। इस बार जिले में 50 बेड और ऑक्सीजन के लिए अतिरिक्त सिलिंडर की व्यवस्था की गई है। जिले में रोजाना एक हजार मरीजों को उपचार देने की व्यवस्था कराई गई है। - डॉ यशवीर सिंह, डिप्टी सीएमओ