Baghpat News: बेटों की अर्थियों के बोझ से झुके हरिकिशन के कंधे, हादसे से परिवार पर टूटा गम का पहाड़
उत्तर प्रदेश के बागपत में दो बेटों की मौत के बाद पिता के कंधे पर दो पुत्रवधू और तीन बच्चों की जिम्मेदारी आ गई। कुछ साल पहले भंवर सिंह की पुत्रवधू की भी बीमारी के चलते मौत हो गई।
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बड़ौत के सिनौली गांव के हरिकिशन के परिवार में एक माह पहले तक खुशियां थीं। मगर उन्हें क्या पता था कि उनके ऊपर गमों का पहाड़ टूट पड़ेगा। बेटों की अर्थियां को कंधा देने के बाद हरिकिशन (80) के कंधे झुक गए। उनके कंधे पर दो पुत्रवधू और तीन बच्चों की जिम्मेदारी आ गई। परिवार का रोते हुए बुरा हाल हो रहा था। इसी गांव के भंवर सिंह के परिवार का भी ये हाल था। कुछ साल पहले पुत्रवधू का निधन और अब बेटे की मौत का सदमा।
सेवानिवृत्त हरिकिशन के दो बेटे प्रवीण और देवेंद्र थे। प्रवीण घर पर रहकर खेती कर परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। दूसरा बेटा देवेंद्र उर्फ काला यूपी पुलिस में था। ऐसा लग रहा था कि मानो हरिकिशन की भगवान ने सारी प्रार्थना सुन ली। शायद उन्हें नहीं पता था कि उनके ऊपर गमों का पहाड़ टूट जाएगा और एक झटके में परिवार बिखर जाएगा।
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लगभग एक माह पूर्व हार्ट अटैक आने से देवेंद्र की मौत हो गई। अभी इस गम से परिवार उभरा भी नहीं था कि उनके दूसरे बेटे प्रवीण हादसे में मौत हो गई। एक माह के अंदर दो मौत हो जाने से पूरा परिवार अंदर से टूट गया।
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जिस उम्र में हरिकिशन की सेवा होनी चाहिए थी, अब बेटों की अर्थियों को कंधा देने के बाद हरिकिशन के कंधे झुक गए। उधर परिवार में मृतक देवेंद्र की बेटी व मृतक प्रवीण के दोनों लड़कों के अलावा विधवा पत्नियां व बूढे़ बाप का रोते हुए बुरा हाल हो रहा था।
ऐसा ही हाल इस गांव के बुजुर्ग भंवर के परिवार का भी था। कुछ साल पहले भंवर सिंह की पुत्रवधू का बीमारी के चलते निधन हो गया था। अब पुत्र प्रदीप उर्फ सतीश की मौत से पूरा परिवार टूट गया। प्रदीप की मौत से दो पुत्रों, एक पुत्री, भाई अभिमन्यु, बालेश्वर व पिता भंवर सिंह का रोते हुए बुरा हाल हो रहा था।