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हैंडलूम से मिली जिले को नई पहचान
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खेकड़ा हेडलूम में काम करते हुए फाइल फोटो
- फोटो : BAGHPAT
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अमर उजाला स्थापना दिवस
एक जिला एक उत्पाद में शामिल किया गया होम फर्नीशिंग
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। हैंडलूम जिले के लोगों के लिए रोजगार का नया साधन बनकर उभरा है। वर्तमान में ढाई हजार इकाईयां संचालित हैं। प्रदेश सरकार की ओर से एक जिला एक उत्पाद में शामिल किए जाने के बाद से हैंडलूम उद्योग को नए पंख लगे हैं। खेकड़ा, निरपुड़ा, अमीनगर सराय और बागपत नगर में इकाईयों संचालित हैं। हैंडलूम का अधिकतर कार्य अब पावरलूम में तब्दील हो गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले के उत्पादों की मांग है। खेकड़ा की फैक्ट्रियों से विदेश में सप्लाई की जाती है। उद्योग से जुड़े लोगों को अब जिले में ही कच्चा माल उपलब्ध कराए जाने की तैयारी है, ताकि उनका कम से कम खर्च हो सकें और मुनाफा बढ़ें।
बन रही चादरें, गद्दे और तौलिया
बागपत। खेकड़ा में पावरलूम की करीब 12 इकाईयां संचालित हैं। चादरें, गद्दे, तौलिए, तकिये और अन्य उत्पाद यहां पर तैयार किए जाते हैं। हैंडलूम यूनिट्स पावरलूम में परिवर्तित की जा चुकी हैं। पर्दे, किचन टावल, टेबल टावर, पिलो कुशन व अन्य फर्निशिंग उत्पाद यहां सबसे अधिक बनाए जा रहे हैं।
निरपुड़ा को मिली पहचान, बढ़ेंगी सुविधाएं
बागपत। हैंडलूम की इकाईयां निरपुड़ा में पहले सबसे ज्यादा संचालित थी, यहां पर अधिकतर पायदान बनाए जाते हैं। इसके अलावा चादर और पर्दे तैयार होते हैं। पानीपत, दिल्ली और आसपास के जिलों में सबसे ज्यादा सप्लाई है। ग्राम प्रधान मुनेश देवी कहती हैं कि हैंडलूम ने गांव को नई पहचान दी है।
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ओडीओपी में शामिल होने से रोजगार और सुविधाएं
बागपत। जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त हिमांशु गंगवार का कहना है कि हैंडलूम के एक जिला एक उत्पाद में शामिल होने से रोजगार के अवसर बढ़े हैं। लोन मिल रहा है और पहचान बन रही है। सहायक उपायुक्त अर्चना तिवारी का कहना है कि एक जिला एक उत्पाद में शामिल किए जाने से हैंडलूम इकाईयों को लाभ हुआ है। सरकार योजनाओं में शामिल किया जा रहा है।
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एक जिला एक उत्पाद में शामिल किया गया होम फर्नीशिंग
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। हैंडलूम जिले के लोगों के लिए रोजगार का नया साधन बनकर उभरा है। वर्तमान में ढाई हजार इकाईयां संचालित हैं। प्रदेश सरकार की ओर से एक जिला एक उत्पाद में शामिल किए जाने के बाद से हैंडलूम उद्योग को नए पंख लगे हैं। खेकड़ा, निरपुड़ा, अमीनगर सराय और बागपत नगर में इकाईयों संचालित हैं। हैंडलूम का अधिकतर कार्य अब पावरलूम में तब्दील हो गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले के उत्पादों की मांग है। खेकड़ा की फैक्ट्रियों से विदेश में सप्लाई की जाती है। उद्योग से जुड़े लोगों को अब जिले में ही कच्चा माल उपलब्ध कराए जाने की तैयारी है, ताकि उनका कम से कम खर्च हो सकें और मुनाफा बढ़ें।
बन रही चादरें, गद्दे और तौलिया
बागपत। खेकड़ा में पावरलूम की करीब 12 इकाईयां संचालित हैं। चादरें, गद्दे, तौलिए, तकिये और अन्य उत्पाद यहां पर तैयार किए जाते हैं। हैंडलूम यूनिट्स पावरलूम में परिवर्तित की जा चुकी हैं। पर्दे, किचन टावल, टेबल टावर, पिलो कुशन व अन्य फर्निशिंग उत्पाद यहां सबसे अधिक बनाए जा रहे हैं।
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निरपुड़ा को मिली पहचान, बढ़ेंगी सुविधाएं
बागपत। हैंडलूम की इकाईयां निरपुड़ा में पहले सबसे ज्यादा संचालित थी, यहां पर अधिकतर पायदान बनाए जाते हैं। इसके अलावा चादर और पर्दे तैयार होते हैं। पानीपत, दिल्ली और आसपास के जिलों में सबसे ज्यादा सप्लाई है। ग्राम प्रधान मुनेश देवी कहती हैं कि हैंडलूम ने गांव को नई पहचान दी है।
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ओडीओपी में शामिल होने से रोजगार और सुविधाएं
बागपत। जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त हिमांशु गंगवार का कहना है कि हैंडलूम के एक जिला एक उत्पाद में शामिल होने से रोजगार के अवसर बढ़े हैं। लोन मिल रहा है और पहचान बन रही है। सहायक उपायुक्त अर्चना तिवारी का कहना है कि एक जिला एक उत्पाद में शामिल किए जाने से हैंडलूम इकाईयों को लाभ हुआ है। सरकार योजनाओं में शामिल किया जा रहा है।