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चार से टूटी पड़ी गुराना रोड
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बड़ौत के गुराना रोड पर बने गड्ढे।
- फोटो : BARAUT
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टूटी पड़ी सड़क बनी मुसीबत का सबब, ईओ बोले नो कमेंट
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। नगर की टूटी पड़ी गुराना रोड चार वर्षों से मुसीबत का सबब बनी हुई है। इसमें गड्ढों के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। इसके बावजूद नगरपालिका चेयरमैन इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे लोगों में आक्रोश पनप रहा है।
गुराना रोड नगर का मुख्य मार्ग है। इसकी लंबाई लगभग डेढ़ किलोमीटर है। इससे गुराना, हिलवाड़ी, बड़का, वाजिदपुर समेत अन्य गांव जुडे़ हैं। बीते चार साल से यह मार्ग टूटा पड़ा है। इसके बावजूद पालिका चेयरमैन व अन्य जिम्मेदार अधिकारी अनजान बने हैं।
ये बोले लोग
हलील चौधरी का कहना है कि नगर में विकास के नाम पर मात्र खानापूर्ति की जा रही है। चेयरमैन अपने कार्यकाल के चार साल बीत जाने के बाद भी गुराना रोड समेत अन्य सड़के नहीं बनवा सके हैं। वहीं, अधिकारी भी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
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नो कमेंट्स, मैं कुछ नहीं कह सकता
पालिका ईओ अनुज कौशिक ने उक्त समस्या का हल बताने की बजाए नो कमेट्स कह दिया। बोले,में इसमें कुछ नहीं कर सकता हूं। वहीं, पालिका चेयरमैन अमित राणा का कहना है कि फिलहाल आचार संहिता लगी हुई है। चुनाव के बाद तुरंत बाद मार्ग के निर्माण को लेकर प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। नगर की टूटी पड़ी गुराना रोड चार वर्षों से मुसीबत का सबब बनी हुई है। इसमें गड्ढों के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। इसके बावजूद नगरपालिका चेयरमैन इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे लोगों में आक्रोश पनप रहा है।
गुराना रोड नगर का मुख्य मार्ग है। इसकी लंबाई लगभग डेढ़ किलोमीटर है। इससे गुराना, हिलवाड़ी, बड़का, वाजिदपुर समेत अन्य गांव जुडे़ हैं। बीते चार साल से यह मार्ग टूटा पड़ा है। इसके बावजूद पालिका चेयरमैन व अन्य जिम्मेदार अधिकारी अनजान बने हैं।
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ये बोले लोग
हलील चौधरी का कहना है कि नगर में विकास के नाम पर मात्र खानापूर्ति की जा रही है। चेयरमैन अपने कार्यकाल के चार साल बीत जाने के बाद भी गुराना रोड समेत अन्य सड़के नहीं बनवा सके हैं। वहीं, अधिकारी भी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
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नो कमेंट्स, मैं कुछ नहीं कह सकता
पालिका ईओ अनुज कौशिक ने उक्त समस्या का हल बताने की बजाए नो कमेट्स कह दिया। बोले,में इसमें कुछ नहीं कर सकता हूं। वहीं, पालिका चेयरमैन अमित राणा का कहना है कि फिलहाल आचार संहिता लगी हुई है। चुनाव के बाद तुरंत बाद मार्ग के निर्माण को लेकर प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।