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महंगाई पर लगाम, बाजार में बूम की उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 20 May 2017 12:38 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। देश भर में एक समान टैक्स लागू होने की चर्चा के बीच अब जीएसटी को लेकर सहारनपुर में भी कयासों का दौर शुरू हो गया है। उधर, वाणिज्य कर विभाग भी इसे लागू कराने को लेेकर पूरी तैयारी में जुटा है। अब तक करीब 75 फीसदी व्यापारियों का पंजीकरण भी कराया जा चुका है।
खाद्यान्न और दूध जैसी वस्तुओं को टैक्स के दायरे बाहर करने के निर्णय से जहां अनाज, गेहूं, चावल जैसी वस्तुओं के दामों में गिरावट आएगी। वहीं दूध से बने उत्पादों पर 5 प्रतिशत जीएसटी लागू होगा। व्यापारी संगठनों का मानना है कि देश में एक समान कर व्यापार बढे़गा। रोजमर्रा की वस्तुओं पर टैक्स की दर कम होने से बाजार में उछाल आने की संभावना है।
देश में एक जुलाई से लागू होने वाले जीएसटी की दरों पर व्यापारी गहरी निगाह रखे हुए हैं। जीएसटी कौंसिल ने टैक्स के लिए 5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत के स्लैब बनाए हैं। व्यापारियों का मानना है कि अनाज और दूध को टैक्स से मुक्त करने से प्रोसेस्ड फूड भी सस्ते हो जाएंगे। जीएसटी में रोजमर्रा के इस्तेमाल होने वाले वस्तुओं पर टैक्स स्लैब सबसे निचले स्तर 5 प्रतिशत पर रखा गया है।
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इन वस्तुओं में क्रीम, मिल्क पाउडर, ब्रांडेड पनीर, फ्रोजन सब्जियां, कॉफी, चाय, मसाले, पिज्जा, ब्रेड, रस, साबूदाना, केरोसिन, कोयला, दवाएं जैसी वस्तुओं को टैक्स की सबसे कम दर 5 प्रतिशत में रखा गया है। इसका बाजार पर अच्छा प्रभाव पडे़गा। वाणिज्यकर विभाग के एडिश्नल कमिश्नर ग्रेड-1 कमलेश प्रकाश ने बताया कि सहारनपुर जोन में 34929 एक्टिव डीलर हैं। इनमें से अब तक 32638 डीलर के पासवर्ड और प्रोविजनल आईडी प्राप्त हुई थी। जिनमें से 246 39 डीलरों ने प्राविजनल आईडी और पासवर्ड का प्रयोग करते हुए एक्टीवेशन की कार्रवाई कर ली है।
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने से प्रत्येक वर्ग के लोगों को राहत मिलेगी। प्रत्येक राज्य में एक समान कर और एक समान दाम होने से आम जन को लाभ होगा। रोजमर्रा की जरूरत की चीजों को लेकर इधर-उधर भागना नहीं पड़ेगा, यही नहीं इन पर महंगाई की मार भी कम हो जाएगी। रसोई के सामान के अलावा बिजली और लोहा के दाम भी कम हो जाएंगे।
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बागपत। देश भर में एक समान टैक्स लागू होने की चर्चा के बीच अब जीएसटी को लेकर सहारनपुर में भी कयासों का दौर शुरू हो गया है। उधर, वाणिज्य कर विभाग भी इसे लागू कराने को लेेकर पूरी तैयारी में जुटा है। अब तक करीब 75 फीसदी व्यापारियों का पंजीकरण भी कराया जा चुका है।
खाद्यान्न और दूध जैसी वस्तुओं को टैक्स के दायरे बाहर करने के निर्णय से जहां अनाज, गेहूं, चावल जैसी वस्तुओं के दामों में गिरावट आएगी। वहीं दूध से बने उत्पादों पर 5 प्रतिशत जीएसटी लागू होगा। व्यापारी संगठनों का मानना है कि देश में एक समान कर व्यापार बढे़गा। रोजमर्रा की वस्तुओं पर टैक्स की दर कम होने से बाजार में उछाल आने की संभावना है।
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देश में एक जुलाई से लागू होने वाले जीएसटी की दरों पर व्यापारी गहरी निगाह रखे हुए हैं। जीएसटी कौंसिल ने टैक्स के लिए 5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत के स्लैब बनाए हैं। व्यापारियों का मानना है कि अनाज और दूध को टैक्स से मुक्त करने से प्रोसेस्ड फूड भी सस्ते हो जाएंगे। जीएसटी में रोजमर्रा के इस्तेमाल होने वाले वस्तुओं पर टैक्स स्लैब सबसे निचले स्तर 5 प्रतिशत पर रखा गया है।
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इन वस्तुओं में क्रीम, मिल्क पाउडर, ब्रांडेड पनीर, फ्रोजन सब्जियां, कॉफी, चाय, मसाले, पिज्जा, ब्रेड, रस, साबूदाना, केरोसिन, कोयला, दवाएं जैसी वस्तुओं को टैक्स की सबसे कम दर 5 प्रतिशत में रखा गया है। इसका बाजार पर अच्छा प्रभाव पडे़गा। वाणिज्यकर विभाग के एडिश्नल कमिश्नर ग्रेड-1 कमलेश प्रकाश ने बताया कि सहारनपुर जोन में 34929 एक्टिव डीलर हैं। इनमें से अब तक 32638 डीलर के पासवर्ड और प्रोविजनल आईडी प्राप्त हुई थी। जिनमें से 246 39 डीलरों ने प्राविजनल आईडी और पासवर्ड का प्रयोग करते हुए एक्टीवेशन की कार्रवाई कर ली है।
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने से प्रत्येक वर्ग के लोगों को राहत मिलेगी। प्रत्येक राज्य में एक समान कर और एक समान दाम होने से आम जन को लाभ होगा। रोजमर्रा की जरूरत की चीजों को लेकर इधर-उधर भागना नहीं पड़ेगा, यही नहीं इन पर महंगाई की मार भी कम हो जाएगी। रसोई के सामान के अलावा बिजली और लोहा के दाम भी कम हो जाएंगे।