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Baghpat News: दस करोड़ का बजट मिला, प्रधानों ने बहुत कम बताया
Thu, 02 Mar 2023 11:45 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Thu, 02 Mar 2023 11:45 PM IST
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बागपत। गांवों में विकास कार्य कराने के लिए दस करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। मगर 244 गांवों में बंटने से औसतन केवल 4 लाख 16 हजार ही एक गांव के लिए मिलेंगे। जिससे प्रधानों ने बजट को काफी कम बताया है और इससे सभी समस्याएं दूर नहीं होने की बात कही है।
गांवों के लिए 15वें वित्त आयोग के बजट की पहली किस्त 15 दिन पहले जारी की गई थी, जिसमें जिले के लिए करीब साढ़े करोड़ रुपये मिले थे। जब वह 244 गांवों को बांटकर दिया गया तो किसी के पास दो लाख और किसी के पास चार लाख रुपये ही पहुंचे। वह अधिकतर बजट सहायक, प्रधान, शौचालय के केयरटेकर, स्कूल के बिजली बिल, ग्राम पंचायत के बिजली बिल के लिए खर्च किया गया।
इस तरह गांव में विकास कार्यों के लिए बजट ही नहीं बच रहा है। जिससे अधिकतर गांवों के प्रधान बजट की तुरंत ही दोबारा जारी करने की मांग कर रहे थे, जिससे गांवों में समस्याओं का निस्तारण कराया जा सके। अब 15वें वित्त आयोग के बजट की दूसरी किस्त के दस करोड़ 15 लाख रुपये जारी किए गए।
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यह भी अब 244 ग्राम पंचायतों को भेजी जाएगी तो औसतन चार लाख 15 हजार रुपये उनको मिलेंगे। अगर छोटी पंचायत को कम रुपये दिए जाएंगे तो किसी को तीन लाख रुपये मिलेंगे और बड़ी पंचायत को छह लाख रुपये तक मिल सकते हैं।
इसके बावजूद प्रधान इस बजट को काफी कम बता रहे हैं। उनका कहना है कि किसी भी ग्राम पंचायत में जरूरी कार्य भी इतने कम बजट में नहीं कराए जा सकते हैं।
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जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायतों के लिए दो करोड़ 17 लाख मिले
जिला पंचायत के लिए भी 15वें वित्त आयोग के बजट से दो करोड़ 17 लाख रुपये की किस्त मिली है। इस तरह ही छह क्षेत्र पंचायतों के लिए भी दो करोड़ 17 लाख रुपये मिले है जो छह क्षेत्र पंचायतों में बांटकर करीब 36 लाख 16 हजार रुपये दिए जाएंगे। हालांकि यह रुपया भी गांवों से जुड़े विकास कार्यों में खर्च किया जाएगा।
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पहले काफी बजट आने से विकास कार्य भी खूब हुए। लेकिन इसबार बजट नाममात्र का मिल रहा है। ग्राम पंचायतों के बजट में सबसे ज्यादा कटौती की गई है, जिससे गांवों की समस्याएं ही दूर नहीं हो रही है। इससे प्रधान काफी नाराज है और सरकार को बजट बढ़ाना चाहिए। - राजीव कुमार, प्रधान ब्राह्मणपुट्ठी
बजट काफी कम मिलने के कारण कार्य नहीं हो रहे हैं। गांवों में समस्याएं काफी होती है, ऐसे में बिना बजट के उनका समाधान कैसे कराया जाए। गांवों के लिए बजट बढ़ाया जाना चाहिए। प्रीति धनकड़, प्रधान फैजपुर निनाना
गांवों के लिए करीब दस करोड़ रुपये का बजट जारी हुआ है। वह ग्राम पंचायतों के खाते में जल्द भेजा जाएगा। जिस तरह से बजट आता है, उसे उसी आधार पर पंचायतों के हिसाब से बांटकर जारी कर दिया जाता है। - अमित त्यागी, डीपीआरओ
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गांवों के लिए 15वें वित्त आयोग के बजट की पहली किस्त 15 दिन पहले जारी की गई थी, जिसमें जिले के लिए करीब साढ़े करोड़ रुपये मिले थे। जब वह 244 गांवों को बांटकर दिया गया तो किसी के पास दो लाख और किसी के पास चार लाख रुपये ही पहुंचे। वह अधिकतर बजट सहायक, प्रधान, शौचालय के केयरटेकर, स्कूल के बिजली बिल, ग्राम पंचायत के बिजली बिल के लिए खर्च किया गया।
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इस तरह गांव में विकास कार्यों के लिए बजट ही नहीं बच रहा है। जिससे अधिकतर गांवों के प्रधान बजट की तुरंत ही दोबारा जारी करने की मांग कर रहे थे, जिससे गांवों में समस्याओं का निस्तारण कराया जा सके। अब 15वें वित्त आयोग के बजट की दूसरी किस्त के दस करोड़ 15 लाख रुपये जारी किए गए।
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यह भी अब 244 ग्राम पंचायतों को भेजी जाएगी तो औसतन चार लाख 15 हजार रुपये उनको मिलेंगे। अगर छोटी पंचायत को कम रुपये दिए जाएंगे तो किसी को तीन लाख रुपये मिलेंगे और बड़ी पंचायत को छह लाख रुपये तक मिल सकते हैं।
इसके बावजूद प्रधान इस बजट को काफी कम बता रहे हैं। उनका कहना है कि किसी भी ग्राम पंचायत में जरूरी कार्य भी इतने कम बजट में नहीं कराए जा सकते हैं।
जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायतों के लिए दो करोड़ 17 लाख मिले
जिला पंचायत के लिए भी 15वें वित्त आयोग के बजट से दो करोड़ 17 लाख रुपये की किस्त मिली है। इस तरह ही छह क्षेत्र पंचायतों के लिए भी दो करोड़ 17 लाख रुपये मिले है जो छह क्षेत्र पंचायतों में बांटकर करीब 36 लाख 16 हजार रुपये दिए जाएंगे। हालांकि यह रुपया भी गांवों से जुड़े विकास कार्यों में खर्च किया जाएगा।
पहले काफी बजट आने से विकास कार्य भी खूब हुए। लेकिन इसबार बजट नाममात्र का मिल रहा है। ग्राम पंचायतों के बजट में सबसे ज्यादा कटौती की गई है, जिससे गांवों की समस्याएं ही दूर नहीं हो रही है। इससे प्रधान काफी नाराज है और सरकार को बजट बढ़ाना चाहिए। - राजीव कुमार, प्रधान ब्राह्मणपुट्ठी
बजट काफी कम मिलने के कारण कार्य नहीं हो रहे हैं। गांवों में समस्याएं काफी होती है, ऐसे में बिना बजट के उनका समाधान कैसे कराया जाए। गांवों के लिए बजट बढ़ाया जाना चाहिए। प्रीति धनकड़, प्रधान फैजपुर निनाना
गांवों के लिए करीब दस करोड़ रुपये का बजट जारी हुआ है। वह ग्राम पंचायतों के खाते में जल्द भेजा जाएगा। जिस तरह से बजट आता है, उसे उसी आधार पर पंचायतों के हिसाब से बांटकर जारी कर दिया जाता है। - अमित त्यागी, डीपीआरओ