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स्कूल शुरू हो तो बेटियों को फिर से मिलेगी शिक्षा
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छपरौली (बागपत)। आदर्श नंगला गांव के लोगों की मंशा है कि राजकीय कन्या विद्यालय शुरू किया जाए ताकि बेटियों को गांव में ही शिक्षा के अवसर मिल सकें। बेटियों को फिर से वहीं सुविधाएं मिले जो पूर्व में मिलती थी। इसी को देखते हुए बीएसए ने संयुक्त शिक्षा निदेशक मेरठ को शिक्षकों की नियुक्ति के संबंध में पत्र भेजा है।
गांव की पूर्व प्रधान संगीता देवी का कहना है कि विद्यालय में बेटियों को पढ़ने में आसानी रहती थी और आवासीय होने के कारण दूरस्थ गांव से आने वाली लड़कियों को इसका लाभ मिलता था। सुभाष मान का कहना है कि सरकार बेटी की शिक्षा को बढ़ावा दे रही है, मगर विद्यालय शुरू न होने के कारण बेटियों को परेशानी हो रही हैै। पूर्व प्रधान हरेंद्र सिंह का कहना है कि पांच साल पहले राजकीय कन्या विद्यालय में एक शिक्षिका थी, वह भी सेवानिवृत्त हो गई। सुरेंद्र कुमार का कहना है कि स्कूल बंद होने से लड़कियों के साथ अभिभावकों को भी परेशानी हो रही है। गांव में स्कूल होने के बावजूद भी बेटियों को शिक्षा के लिए दूसरे स्थानों पर भेजना पड़ता है।
विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति संयुक्त शिक्षा निदेशक के अधिकार क्षेत्र में है। संयुक्त शिक्षा निदेशक द्वारा डिमांड शासन को भेजी जाएं, तब विद्यालय में शिक्षक नियुक्त हो सकते है। पूर्व में संयुक्त शिक्षा निदेशक मेरठ को इस संबंध में पत्र भेजा था और अब फिर से रिमांडर भेजा गया है। जिला स्तर से बिल्कुल भी ढील नहीं बरती जा रही है। - राजीव रंजन मिश्रा, बीएसए।
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गांव की पूर्व प्रधान संगीता देवी का कहना है कि विद्यालय में बेटियों को पढ़ने में आसानी रहती थी और आवासीय होने के कारण दूरस्थ गांव से आने वाली लड़कियों को इसका लाभ मिलता था। सुभाष मान का कहना है कि सरकार बेटी की शिक्षा को बढ़ावा दे रही है, मगर विद्यालय शुरू न होने के कारण बेटियों को परेशानी हो रही हैै। पूर्व प्रधान हरेंद्र सिंह का कहना है कि पांच साल पहले राजकीय कन्या विद्यालय में एक शिक्षिका थी, वह भी सेवानिवृत्त हो गई। सुरेंद्र कुमार का कहना है कि स्कूल बंद होने से लड़कियों के साथ अभिभावकों को भी परेशानी हो रही है। गांव में स्कूल होने के बावजूद भी बेटियों को शिक्षा के लिए दूसरे स्थानों पर भेजना पड़ता है।
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विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति संयुक्त शिक्षा निदेशक के अधिकार क्षेत्र में है। संयुक्त शिक्षा निदेशक द्वारा डिमांड शासन को भेजी जाएं, तब विद्यालय में शिक्षक नियुक्त हो सकते है। पूर्व में संयुक्त शिक्षा निदेशक मेरठ को इस संबंध में पत्र भेजा था और अब फिर से रिमांडर भेजा गया है। जिला स्तर से बिल्कुल भी ढील नहीं बरती जा रही है। - राजीव रंजन मिश्रा, बीएसए।
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