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छात्राएं बोली, हिंदी हमारी राजभाषा, इससे ही हमारी पहचान
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बड़ौत के सैंट आरवी कॉन्वेंट स्कूल में बच्चों को हिन्दी के विषय में जानकारी देती शिक्षिका।
- फोटो : BARAUT
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हिंदी है हम
बोलचाल और कार्यक्षेत्र में हिंदी भाषा को बढ़ावा देने का संकल्प दोहराया
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। सेंट आरवी कान्वेंट स्कूल में बुधवार को अमर उजाला फाउंडेशन के ‘हिंदी है हम’ के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कहा कि हिंदी हमारी राजभाषा है, इससे ही हमारी पहचान है। बोलचाल और कार्यक्षेत्र में हिंदी भाषा को बढ़ावा देने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल के डायरेक्टर अनुराग जैन, निर्देशिका चारू जैन, प्रधानाचार्य पंकज शर्मा, शिक्षा निदेशक निर्दोष शर्मा ने संयुक्त रूप से किया। डायरेक्टर अनुराग जैन व निर्देशिका चारू जैन ने कहा कि राजभाषा हिंदी के महत्व को स्कूली छात्र स्वयं ही बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। प्रार्थना सभा में हिंदी में ही कविता पाठ का उच्चारण किया जाता है। शिक्षा निदेशक निर्दोष शर्मा ने कहा कि हिंदी के कम होते महत्व का सबसे बड़ा कारण अभिभावकों द्वारा बच्चों पर अंग्रेजी सीखने के लिए दबाव बनाना है। समाज में ऐसा वर्ग तैयार हो गया है। प्रधानाचार्य पंकज शर्मा ने कहा कि हिंदी को महत्व दिलवाना हमारा काम है। जिस तरह से हिंदी का चलन प्रचलन कम हो रहा है, उससे धीरे-धीरे प्रत्येक छात्र केवल अंग्रेजी भाषा के अधीन हो जाएगा।
ये बोली छात्राएं
छात्रा वंशिका ने बताया कि कोरोना के कारण प्रार्थना सभा मैदान में न होकर कक्षा में ही होती है। जहां पर वह हिंदी पाठ और कविता का उच्चारण करते हैं ताकि हिंदी के शुद्ध प्रयोग को बढ़ावा दिया जा सके। कहा कि हिंदी हमारी राजभाषा है और इससे ही हम सबकी पहचान है। छात्रा दृष्टि का कहना है कि अगर हमें अंग्रेजी भाषा सीखनी है तो उसे भी हमें हिंदी में ही समझकर सीखना पड़ता है। क्योंकि शुरुआत से ही हमने हिंदी में ही प्रत्येक अर्थ जाना है। इसी कारण अंग्रेजी शब्द का अर्थ जानने के लिए हमें हिंदी का सहारा लेना पड़ता है।
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आकृति ने कहा कि हम अधिकतर हिंदी में ही बातचीत करते हैं। लेकिन अब धीरे-धीरे हिंदी में भी अंग्रेजी शब्द शामिल हो रहे हैं। बहुत से हिंदी के शब्द तो ऐसे हैं जो हम पूरी तरह से ही भूल ही गए हैं। हिंदी को बढ़ावा देने के लिए हम छात्रों को स्वयं ही प्रयास करना होगा, क्योंकि हिंदी हमारी राजभाषा है।
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बोलचाल और कार्यक्षेत्र में हिंदी भाषा को बढ़ावा देने का संकल्प दोहराया
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। सेंट आरवी कान्वेंट स्कूल में बुधवार को अमर उजाला फाउंडेशन के ‘हिंदी है हम’ के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कहा कि हिंदी हमारी राजभाषा है, इससे ही हमारी पहचान है। बोलचाल और कार्यक्षेत्र में हिंदी भाषा को बढ़ावा देने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल के डायरेक्टर अनुराग जैन, निर्देशिका चारू जैन, प्रधानाचार्य पंकज शर्मा, शिक्षा निदेशक निर्दोष शर्मा ने संयुक्त रूप से किया। डायरेक्टर अनुराग जैन व निर्देशिका चारू जैन ने कहा कि राजभाषा हिंदी के महत्व को स्कूली छात्र स्वयं ही बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। प्रार्थना सभा में हिंदी में ही कविता पाठ का उच्चारण किया जाता है। शिक्षा निदेशक निर्दोष शर्मा ने कहा कि हिंदी के कम होते महत्व का सबसे बड़ा कारण अभिभावकों द्वारा बच्चों पर अंग्रेजी सीखने के लिए दबाव बनाना है। समाज में ऐसा वर्ग तैयार हो गया है। प्रधानाचार्य पंकज शर्मा ने कहा कि हिंदी को महत्व दिलवाना हमारा काम है। जिस तरह से हिंदी का चलन प्रचलन कम हो रहा है, उससे धीरे-धीरे प्रत्येक छात्र केवल अंग्रेजी भाषा के अधीन हो जाएगा।
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ये बोली छात्राएं
छात्रा वंशिका ने बताया कि कोरोना के कारण प्रार्थना सभा मैदान में न होकर कक्षा में ही होती है। जहां पर वह हिंदी पाठ और कविता का उच्चारण करते हैं ताकि हिंदी के शुद्ध प्रयोग को बढ़ावा दिया जा सके। कहा कि हिंदी हमारी राजभाषा है और इससे ही हम सबकी पहचान है। छात्रा दृष्टि का कहना है कि अगर हमें अंग्रेजी भाषा सीखनी है तो उसे भी हमें हिंदी में ही समझकर सीखना पड़ता है। क्योंकि शुरुआत से ही हमने हिंदी में ही प्रत्येक अर्थ जाना है। इसी कारण अंग्रेजी शब्द का अर्थ जानने के लिए हमें हिंदी का सहारा लेना पड़ता है।
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आकृति ने कहा कि हम अधिकतर हिंदी में ही बातचीत करते हैं। लेकिन अब धीरे-धीरे हिंदी में भी अंग्रेजी शब्द शामिल हो रहे हैं। बहुत से हिंदी के शब्द तो ऐसे हैं जो हम पूरी तरह से ही भूल ही गए हैं। हिंदी को बढ़ावा देने के लिए हम छात्रों को स्वयं ही प्रयास करना होगा, क्योंकि हिंदी हमारी राजभाषा है।