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धार्मिक कार्यक्रमो के साथ घीसा संत महाराज का निर्वाण महोत्सव सम्पन्न
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संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। कस्बे में घीसा संत का निर्वाण महोत्सव संपन्न होने पर साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर घीसा संत की पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं ने ग्रंथ साहिब के पाठ का श्रवण किया।
कस्बे मोहल्ला मुंडाला स्थित घीसा संत दरबार मे रविवार को घीसा संत का निर्वाण महोत्सव शुरू हुआ था। श्रद्धालुओं ने ग्रंथ साहिब के पाठ का श्रवण किया। सोमवार सुबह धार्मिक अनुष्ठान के साथ महिला, पुरुष श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। महंत देवेंद्र दास ने घीसा संत की पूजा-अर्चना कर भोग लगाया। इसके बाद साधु-संतों और श्रद्धालुओं के लिए घीसा संत की गुफा के द्वार खोल दिए। दिनभर श्रद्धालुओं ने घीसा संत की पूजा-अर्चना कर धर्म लाभ उठाया। घीसा संत के जयकारों से दरबार गूंज उठा। माहौल पूरी तरह घीसा संतमय होकर रह गया। दोपहर में भंडारा शुरू हुआ। शाम तक चले भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर धर्म लाभ उठाया। महंत देवेंद्रदास ने सभी श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। उन्हें धर्म के मार्ग पर चलने की सीख दी। इस दौरान सावनदास, फागुनदास, रोहताश धामा, सदानंद, भोलादास, रवीद्र, महेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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खेकड़ा। कस्बे में घीसा संत का निर्वाण महोत्सव संपन्न होने पर साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर घीसा संत की पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं ने ग्रंथ साहिब के पाठ का श्रवण किया।
कस्बे मोहल्ला मुंडाला स्थित घीसा संत दरबार मे रविवार को घीसा संत का निर्वाण महोत्सव शुरू हुआ था। श्रद्धालुओं ने ग्रंथ साहिब के पाठ का श्रवण किया। सोमवार सुबह धार्मिक अनुष्ठान के साथ महिला, पुरुष श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। महंत देवेंद्र दास ने घीसा संत की पूजा-अर्चना कर भोग लगाया। इसके बाद साधु-संतों और श्रद्धालुओं के लिए घीसा संत की गुफा के द्वार खोल दिए। दिनभर श्रद्धालुओं ने घीसा संत की पूजा-अर्चना कर धर्म लाभ उठाया। घीसा संत के जयकारों से दरबार गूंज उठा। माहौल पूरी तरह घीसा संतमय होकर रह गया। दोपहर में भंडारा शुरू हुआ। शाम तक चले भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर धर्म लाभ उठाया। महंत देवेंद्रदास ने सभी श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। उन्हें धर्म के मार्ग पर चलने की सीख दी। इस दौरान सावनदास, फागुनदास, रोहताश धामा, सदानंद, भोलादास, रवीद्र, महेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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