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दूब से प्रसन्न होते हैं गणेश जी
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Mon, 12 Sep 2016 01:21 AM IST
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बागपत। गणेश महोत्सव के सातवें दिन बागेश्वर और बड़ा बाजार में विघ्न विनाशक की भक्ति भाव से पूजा- अर्चना की । श्रद्धालुओं ने गुड़हल के फूल और फल अर्पित किए। गणपति पर लक्ष्मी बहन दूर्वा (दूब घास) को समर्पित किया।
रविवार को विभिन्न स्थानों पर गणेश महोत्सव में श्रद्धालुओं ने गणपति की पूजा- अर्चना की। बागेश्वर महादेव मंदिर में चले महोत्सव में ज्योतिषाचार्य राज कुमार शास्त्री ने बताया दुर्वा (दूब घास) और लक्ष्मी समुद्र से उत्पन्न हुई। इस कारण ये दोनों बहन हैं। विपरीत परिस्थितियों में भी दूर्वा जीवित रहती है। देवताओं की प्रिय है। मनुष्य के लिए मंगलकारी है। इसकी जड़े पाताल लोक तक जाती है। विनम्रता, दृढ़ता, अमरत्व, सर्व मंगलकारी होने के कारण इसका इतना महत्व होता है कि यह कभी समाप्त नहीं होती। पूजा - अर्चना के बाद दिव्य आरती हुई।
इसमें प्रदीप पिंडारी, लोकेश विकल, विगश चौहान, मोनू चौहान, सुशील, संजय चौहान, अंकुर राज सिंह, सोनू चौहान, डब्बू चौहान, कमलेश, सुशीला, सोनवीरी, सरिता, माया, श्रवण शास्त्री, उमादास शास्त्री आदि रहे। बड़ा बाजार में चल रहे गणेश महोत्सव में पूजा-अर्चना के बाद ज्योतिषाचार्य सोमदत्त शास्त्री ने कहा गणपति को दूब और मोदक अति प्रिय है।
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मोदक के चढ़ाने पर मन वांछित फल की प्राप्ति होती है। 14 सितंबर को हवन और भंडारा होगा। 15 सितंबर को गणपति का विसर्जन होगा। इसमें नीरज शास्त्री, शोभित शास्त्री, कमल वर्मा, प्रदीप वर्मा, नीरज चौहान, रवि गुप्ता, रमेश वर्मा, राजा, नकुल, वरूण, इलू, अरुण, भोलू, गौरी, प्रतीक रहे।
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रविवार को विभिन्न स्थानों पर गणेश महोत्सव में श्रद्धालुओं ने गणपति की पूजा- अर्चना की। बागेश्वर महादेव मंदिर में चले महोत्सव में ज्योतिषाचार्य राज कुमार शास्त्री ने बताया दुर्वा (दूब घास) और लक्ष्मी समुद्र से उत्पन्न हुई। इस कारण ये दोनों बहन हैं। विपरीत परिस्थितियों में भी दूर्वा जीवित रहती है। देवताओं की प्रिय है। मनुष्य के लिए मंगलकारी है। इसकी जड़े पाताल लोक तक जाती है। विनम्रता, दृढ़ता, अमरत्व, सर्व मंगलकारी होने के कारण इसका इतना महत्व होता है कि यह कभी समाप्त नहीं होती। पूजा - अर्चना के बाद दिव्य आरती हुई।
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इसमें प्रदीप पिंडारी, लोकेश विकल, विगश चौहान, मोनू चौहान, सुशील, संजय चौहान, अंकुर राज सिंह, सोनू चौहान, डब्बू चौहान, कमलेश, सुशीला, सोनवीरी, सरिता, माया, श्रवण शास्त्री, उमादास शास्त्री आदि रहे। बड़ा बाजार में चल रहे गणेश महोत्सव में पूजा-अर्चना के बाद ज्योतिषाचार्य सोमदत्त शास्त्री ने कहा गणपति को दूब और मोदक अति प्रिय है।
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मोदक के चढ़ाने पर मन वांछित फल की प्राप्ति होती है। 14 सितंबर को हवन और भंडारा होगा। 15 सितंबर को गणपति का विसर्जन होगा। इसमें नीरज शास्त्री, शोभित शास्त्री, कमल वर्मा, प्रदीप वर्मा, नीरज चौहान, रवि गुप्ता, रमेश वर्मा, राजा, नकुल, वरूण, इलू, अरुण, भोलू, गौरी, प्रतीक रहे।