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Baghpat News: राशन की दुकानें निलंबित करने में फर्जीवाड़ा
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बागपत। जिले में राशन की दुकानों के निलंबन और आवंटन में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। सुल्तानपुर हटाना में एक दुकान को निलंबित करने के लिए कार्ड धारकों के फर्जी बयान दर्ज किए गए। इसके अलावा खेड़ा इस्लामपुर और बसौद में भी अनियमितताएं पाई गई हैं।
सुल्तानपुर हटाना में सोनू की राशन दुकान के खिलाफ डेढ़ महीने पहले विपिन ने शिकायत की थी। शिकायत में कार्ड धारकों को कम चावल और गेहूं देने का आरोप था। तत्कालीन जिला पूर्ति अधिकारी अनूप तिवारी ने इस शिकायत की जांच की थी। उन्होंने सौ कार्ड धारकों के बयान दर्ज करने का दावा किया। जांच रिपोर्ट में सभी कार्ड धारकों की तरफ से राशन कम मिलने की बात लिखी गई थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर सोनू की दुकान निलंबित कर दी गई। दुकान को खेड़ा इस्लामपुर में संध्या की दुकान से जोड़ दिया गया। बाद में छानबीन के दौरान पता चला कि जांच रिपोर्ट में दर्ज बयान गलत थे।
सीता, ओमवती, मुनेश, सुमन, रोशनी और शिक्षा सहित 53 कार्ड धारकों ने अब तहसील में शपथ पत्र सौंपे हैं। इन सभी ने आरोप लगाया है कि उन्होंने कभी राशन कम मिलने की बात नहीं कही थी। उनके बयान गलत तरीके से दर्ज किए गए थे। कार्ड धारकों ने पूर्ति विभाग के अधिकारियों पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया है। सुल्तानपुर हटाना की दुकान निलंबित होने से 400 कार्ड धारकों की परेशानी बढ़ गई है। उन्हें अब राशन लेने के लिए खेड़ा इस्लामपुर जाना पड़ रहा है। खेड़ा इस्लामपुर में भी पहले फर्जीवाड़ा पकड़ा जा चुका है। बसौद में भी राशन वितरण में गड़बड़ी के बावजूद परिजनों को दुकान आवंटित की गई थी।
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- खेड़ा इस्लामपुर में दुकान आवंटन में खेल
खेड़ा इस्लामपुर गांव में राशन की दुकान का आवंटन करने को लेकर भी बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया। वहां तीन स्वयं सहायता समूह से आवेदन मांगा गया तो अधिकारियों ने खेल करते हुए तुलसी नाम के समूह को दुकान आवंटन करने का प्रस्ताव बनाकर एसडीएम को भेज दिया। इसकी शिकायत होने पर पता चला कि तुलसी समूह में पुलिसकर्मी की पत्नी भी सदस्य बनाई गई है तो वृद्ध समूह होने के बावजूद 25 साल से कम उम्र की महिलाएं भी इसमें रखी गई हैं। उस समूह का प्रस्ताव निरस्त किया गया मगर समूह पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं उस समूह का संचालन करने वाले के परिवार की संध्या को दुकान आवंटित कर दी गई।
-बसौद में दुकान आवंटन में लगे आरोप
बसौद गांव में शकुंतला पर राशन वितरण में गड़बड़ी का आरोप लगने पर पूर्ति विभाग ने उसकी दुकान को निरस्त कर दिया। वहां दोबारा से दुकान आवंटन की प्रक्रिया शुरू हुई तो शकुंतला के भतीजे विशाल ने आवेदन कर दिया। इसको लेकर काफी हंगामा हुआ और विरोध के बाद भी अब विशाल को दुकान आवंटित कर दी गई।
-जिसपर लगे आरोप, वह पूर्ति अधिकारी पकड़ा गया
जिस पूर्ति अधिकारी अनूप तिवारी पर यह सभी खेल करने के आरोप लगे हैं। वह दो दिन पहले बुढ़सैनी के राशन डीलर नरेंद्र से 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है। अब अन्य सभी मामलों में भी उस पर जांच शुरू करने की बात कही जा रही है।
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राशन की दुकानों के निलंबन व आवंटन में फर्जीवाड़े को लेकर शिकायतों के आधार पर जांच कराई जाएगी। जांच में जिस तरह की बात सामने आएगी, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। -अनिल कुमार सिंह, सीडीओ
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सुल्तानपुर हटाना में सोनू की राशन दुकान के खिलाफ डेढ़ महीने पहले विपिन ने शिकायत की थी। शिकायत में कार्ड धारकों को कम चावल और गेहूं देने का आरोप था। तत्कालीन जिला पूर्ति अधिकारी अनूप तिवारी ने इस शिकायत की जांच की थी। उन्होंने सौ कार्ड धारकों के बयान दर्ज करने का दावा किया। जांच रिपोर्ट में सभी कार्ड धारकों की तरफ से राशन कम मिलने की बात लिखी गई थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर सोनू की दुकान निलंबित कर दी गई। दुकान को खेड़ा इस्लामपुर में संध्या की दुकान से जोड़ दिया गया। बाद में छानबीन के दौरान पता चला कि जांच रिपोर्ट में दर्ज बयान गलत थे।
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सीता, ओमवती, मुनेश, सुमन, रोशनी और शिक्षा सहित 53 कार्ड धारकों ने अब तहसील में शपथ पत्र सौंपे हैं। इन सभी ने आरोप लगाया है कि उन्होंने कभी राशन कम मिलने की बात नहीं कही थी। उनके बयान गलत तरीके से दर्ज किए गए थे। कार्ड धारकों ने पूर्ति विभाग के अधिकारियों पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया है। सुल्तानपुर हटाना की दुकान निलंबित होने से 400 कार्ड धारकों की परेशानी बढ़ गई है। उन्हें अब राशन लेने के लिए खेड़ा इस्लामपुर जाना पड़ रहा है। खेड़ा इस्लामपुर में भी पहले फर्जीवाड़ा पकड़ा जा चुका है। बसौद में भी राशन वितरण में गड़बड़ी के बावजूद परिजनों को दुकान आवंटित की गई थी।
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- खेड़ा इस्लामपुर में दुकान आवंटन में खेल
खेड़ा इस्लामपुर गांव में राशन की दुकान का आवंटन करने को लेकर भी बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया। वहां तीन स्वयं सहायता समूह से आवेदन मांगा गया तो अधिकारियों ने खेल करते हुए तुलसी नाम के समूह को दुकान आवंटन करने का प्रस्ताव बनाकर एसडीएम को भेज दिया। इसकी शिकायत होने पर पता चला कि तुलसी समूह में पुलिसकर्मी की पत्नी भी सदस्य बनाई गई है तो वृद्ध समूह होने के बावजूद 25 साल से कम उम्र की महिलाएं भी इसमें रखी गई हैं। उस समूह का प्रस्ताव निरस्त किया गया मगर समूह पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं उस समूह का संचालन करने वाले के परिवार की संध्या को दुकान आवंटित कर दी गई।
-बसौद में दुकान आवंटन में लगे आरोप
बसौद गांव में शकुंतला पर राशन वितरण में गड़बड़ी का आरोप लगने पर पूर्ति विभाग ने उसकी दुकान को निरस्त कर दिया। वहां दोबारा से दुकान आवंटन की प्रक्रिया शुरू हुई तो शकुंतला के भतीजे विशाल ने आवेदन कर दिया। इसको लेकर काफी हंगामा हुआ और विरोध के बाद भी अब विशाल को दुकान आवंटित कर दी गई।
-जिसपर लगे आरोप, वह पूर्ति अधिकारी पकड़ा गया
जिस पूर्ति अधिकारी अनूप तिवारी पर यह सभी खेल करने के आरोप लगे हैं। वह दो दिन पहले बुढ़सैनी के राशन डीलर नरेंद्र से 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है। अब अन्य सभी मामलों में भी उस पर जांच शुरू करने की बात कही जा रही है।
राशन की दुकानों के निलंबन व आवंटन में फर्जीवाड़े को लेकर शिकायतों के आधार पर जांच कराई जाएगी। जांच में जिस तरह की बात सामने आएगी, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। -अनिल कुमार सिंह, सीडीओ