{"_id":"62b0b44af2f4a46016140013","slug":"four-years-job-in-the-army-a-joke-with-the-youth-tikait-baghpat-news-mrt593699092","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेना में चार साल की नौकरी युवाओं के साथ मजाक : टिकैत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेना में चार साल की नौकरी युवाओं के साथ मजाक : टिकैत
विज्ञापन
बागपत : निरपुड़ा गांव में पत्रकार वार्ता करते भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत।
- फोटो : BAGHPAT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दोघट (बागपत)। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि सेना में चार वर्ष की नौकरी करना सरकार ने भद्दा मजाक किया है। इसके विरोध में युवाओं को सड़क पर उतरकर आंदोलन करना होगा। नरेश टिकैत सोमवार को भाकियू कार्यकर्ता राजेंद्र चौधरी के आवास पर पत्रकार वार्ता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सेना की नौकरी के साथ छेड़छाड़ कर सरकार ने सही कदम नहीं उठाया है। पहले किसानों के साथ न्याय नहीं किया। किसान न्याय की मांग को लेकर 13 माह तक धरने पर बैठे रहे और अब सेना भर्ती चार वर्ष कर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। चार वर्ष में जवान हथियार चलाना एवं सेना के सही तौर तरीके सीखता था। अब चार वर्ष बाद घर वापस आ जाएगा।
लालबहादुर शास्त्री का नारा जय जवान जय किसान राष्ट्र हित में रहा है, लेकिन अब सरकार की मंशा ठीक नहीं है। पहले किसानों को अब जवानों के साथ मजाक किया जा रहा है। इसके विरोध में युवाओं को आंदोलन के लिए सड़कों पर आना पड़ा। सरकार को युवाओं के हित के लिए अपना फैसला वापस लेना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सेना की नौकरी के साथ छेड़छाड़ कर सरकार ने सही कदम नहीं उठाया है। पहले किसानों के साथ न्याय नहीं किया। किसान न्याय की मांग को लेकर 13 माह तक धरने पर बैठे रहे और अब सेना भर्ती चार वर्ष कर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। चार वर्ष में जवान हथियार चलाना एवं सेना के सही तौर तरीके सीखता था। अब चार वर्ष बाद घर वापस आ जाएगा।
विज्ञापन
लालबहादुर शास्त्री का नारा जय जवान जय किसान राष्ट्र हित में रहा है, लेकिन अब सरकार की मंशा ठीक नहीं है। पहले किसानों को अब जवानों के साथ मजाक किया जा रहा है। इसके विरोध में युवाओं को आंदोलन के लिए सड़कों पर आना पड़ा। सरकार को युवाओं के हित के लिए अपना फैसला वापस लेना चाहिए।
विज्ञापन