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पशु संरक्षण केंद्र में चार गायों की मौत, कई की हालत गंभीर

Thu, 18 Mar 2021 12:22 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 18 Mar 2021 12:22 AM IST
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Four cows died in animal protection center, many in critical condition
बड़ौत में दिल्ली रोड़ स्थित गौशाला में बीमार गौवंश का इलाज करते चिकित्सक। - फोटो : BARAUT
शादी से बचा खाना डालने का आरोप, हिंदू युवा वाहिनी कार्यकर्ताओं ने किया हंगामा
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एसडीएम और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी की टीम मौके पर पहुंची, उपचार में जुटी
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत (बागपत)। दिल्ली-सहारनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित आचार्य विद्यासागर पशु संरक्षण केंद्र में बुधवार को अचानक चार गायों की मौत हो गई जबकि आधा दर्जन से अधिक गोवंश हालत बिगड़ गई। हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और अव्यवस्थाओं का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। आरोप लगाया कि बड़ौली गांव के कुछ लोगों ने गोवंश को शादी में बचा हुआ खाना डाल दिया था। इससे उनकी हालत बिगड़ गई। एसडीएम और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। साथ ही बीमार गोवंश का उपचार शुरू किया।
आचार्य विद्यासागर पशु संरक्षण केंद्र में बुधवार को चार गायों की अचानक मौत होने से हड़कंप मच गया। इसकी सूचना गोशाला की देखरेख कमेटी के धनपाल जैन और पवन जैन ने इसकी सूचना एसडीएम दुर्गेश मिश्र व मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रमेश चन्द्र को दी। एसडीएम व पशु पालन विभाग विभाग की टीम में शामिल डॉ. रोहित, डॉ. केके गुप्ता, विकास मलिक, संदीप, जयवीर, जितेन्द्र, आशुतोष गुप्ता आदि मौके पर पहुंचे और गोवंशों के उपचार शुरू कराया। मृत गायों को गोशाला के अंदर ही दफना दिया गया।
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इसकी सूचना पर हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ता आलोक शास्त्री, पंकज शास्त्री, अतुल जैन, अनुज जैन, हिमांशु शर्मा आदि मौके पर पहुंचे और अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। दो दिन पहले बड़ौली गांव में एक शादी समारोह था। कुछ लोग इसमें बचा हुआ खाना दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित आचार्य विद्यासागर पशु संरक्षण केंद्र (दयोदय तीर्थ) के गोवंशों को डाल गए। यह खाना खाने से गोवंश की मौत हुई है। उनकी अधिकारियों से नोकझोंक भी हुई। एसडीएम ने किसी तरह मामला शांत किया।
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आखिर क्यों नहीं कराया जाता पोस्टमार्टम
बड़ौत। आचार्य विद्यासागर पशु संरक्षण केंद्र में इस समय 140 गाय, 21 बछड़े, 35 बछिया, 15 सांड़ व एक बैल मौजूद है। कुल 212 गोवंश है। गौशाला से मिले आंकड़ों के अनुसार 26 फरवरी में 2 और 6 मार्च को 2 गायों की बीमारी के चलते मौत हुई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि मरने वाली एक भी गाय का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। मृत गायों को गोशाला परिसर में ही दफना दिया गया।
मामला बेहद गंभीर है। जांच में जो दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी। गोशाला संचालकों ने मृत गोवंशों को दफनाने की समस्या पहली बार बताई है। जल्द ही इसका समाधान किया जाएगा। - दुर्गेश मिश्र, एसडीएम।
फूड पाइजनिंग से चार गायों की मौत हुई है, जबकि आधा दर्जन गोवंशों की हालत खराब है। जिनका उपचार किया जा रहा है। पूरे मामले में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - डॉ रमेश चंद्रा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।

ये बोले गौशाला कमेटी के पदाधिकारी
गोशाला कमेटी के पदाधिकारियों का तर्क है कि अधिकारी ही पोस्टमार्टम नहीं कराते। हम तो नि:स्वार्थ गोवंशों की सेवा कर रहे है। कमेटी के अध्यक्ष धनपाल जैन व प्रबंधक पवन जैन का कहना है कि उनके पास मृत गायों को दफनाने के लिए अतिरिक्त भूमि नहीं है। बताया कि बड़ौली गांव के कुछ लोगों द्वारा शादी में बचा हुआ खाना गोशाला में जबरन घुसकर गायों को डाला गया था।
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