'आई लव मोहम्मद' विवाद: बागपत में जुलूस निकालने पर पुलिस ने रोका, चार युवकों पर मुकदमा
बागपत जनपद के रटौल में रविवार रात आई लव मोहम्मद के पोस्टर लेकर बिना अनुमति जुलूस निकाले जाने पर पुलिस ने रोक लगा दी। नोकझोंक और हंगामा हुआ, चार युवकों को गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज किया गया।
विस्तार
बागपत जनपद के रटौल में रविवार रात को बिना अनुमति के 'आई लव मोहम्मद' के पोस्टर लेकर जुलूस निकालने पर पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस द्वारा जुलूस रोकने पर नोकझोंक और हंगामा हुआ। इस घटना के बाद पुलिस ने चार युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
बिना अनुमति जुलूस निकालने का प्रयास
सूत्रों के अनुसार, रविवार की रात कुछ युवक 'आई लव मोहम्मद' के पोस्टर लेकर बिना किसी पूर्व अनुमति के रटौल में जुलूस निकाल रहे थे। पुलिस को इस बात की जानकारी मिली और पुलिस ने मौके पर पहुँचकर जुलूस को रोकने का प्रयास किया। युवकों से अनुमति पत्र दिखाने को कहा गया, परन्तु वे अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाए।
पुलिस और युवकों के बीच नोकझोंक और हंगामा
पुलिस द्वारा जुलूस रोकने के बाद भी युवक जुलूस निकालने पर अड़े रहे, जिससे पुलिस और युवकों के बीच नोकझोंक हुई और हंगामा हो गया। स्थिति कुछ देर के लिए तनावपूर्ण बनी रही।
चार युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
हंगामे के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में किया और जुलूस का नेतृत्व कर रहे चार युवकों-साजिद, यूनुस, शोएब और सैय्यद - के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मंगलवार को उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा।
यह भी पढ़ें: Meerut: सलावा विवाद में पुलिस पर पक्षपात का आरोप, नेताओं ने की निष्पक्ष जांच की मांग
गौरतलब है कि 'आई लव मोहम्मद' मुहिम के समर्थन में कई जगहों पर जुलूस निकाले जा रहे हैं। यह मुहिम धार्मिक सद्भाव और प्रेम का संदेश देती है, लेकिन बिना अनुमति के जुलूस निकालने से कानून व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है।
रटौल में हुई इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि बिना अनुमति के किसी भी प्रकार का जुलूस या प्रदर्शन निकालना कानूनन अपराध है। लोगों को किसी भी तरह के जुलूस या सभा आयोजित करने से पहले प्रशासन से अनुमति लेनी चाहिए ताकि कानून व्यवस्था बनाए रखी जा सके और अवांछनीय घटनाओं को रोका जा सके। पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने स्थिति को बिगड़ने से रोका, लेकिन इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जन जागरूकता और प्रशासन की सतर्कता दोनों आवश्यक हैं।