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आरएसएस नेता के बेटे की फोरेंसिक रिपोर्ट मिली, मौत का मामला उलझा
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बागपत। रंछाड़ के रहने वाले आरएसएस नेता श्रीनिवास के बेटे अक्षय की मौत के बाद कराई गई फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट पुलिस के पास पहुंच गई है। फोरेंसिक रिपोर्ट से पोस्टमार्टम रिपोर्ट को समर्थन मिलने की चर्चा चल रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अक्षय के गले की हड्डी टूटी मिली थी। इससे मौत का मामला उलझता दिख रहा है। हालांकि पुलिस अधिकारी अभी रिपोर्ट का अवलोकन नहीं करने की बात कह रहे है।
रंछाड़ के रहने वाले आरएसएस के खंड संचालक श्रीनिवास के बेटे अक्षय का 26 जुलाई को टीकाकरण कैंप में कोरोनारोधी टीका लगवाने के दौरान पुलिसकर्मियों से विवाद हो गया था। इसे लेकर बिनौली पुलिस पर अक्षय के घर तोड़फोड़ व परिवार का उत्पीड़न करने का आरोप लगा था। उस दिन शाम को अक्षय का शव खेत में फांसी पर लटका मिला था। इसके बाद पुलिस के खिलाफ खूब हंगामा हुआ था। अक्षय के परिजनों का ग्रामीणों के साथ ही रालोद नेताओं ने समर्थन करते हुए हंगामा किया था। बवाल बढ़ता देखकर पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया था। साथ ही तत्कालीन बिनौली थाना प्रभारी चंद्रकांत पांडेय सहित 13 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई थी। युवक के शव का डाक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गले की हड्डी टूटी मिली थी। इसके बाद अक्षय की मौत के सही कारण का पता लगाने के लिए एफआईआर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वीडियोग्राफी आदि दस्तावेज लखनऊ फोरेंसिक लैब भेजी थी। इसकी रिपोर्ट करीब एक सप्ताह पहले पुलिस अधिकारियों के पास पहुंच चुकी है, लेकिन उसे लेकर अधिकारी कुछ भी बोलने से बचते दिख रहे है।
फोरेंसिक रिपोर्ट आई है, लेकिन उसको अभी देखा नहीं है। उसको देखकर ही कुछ बताया जा सकता है। - मनीष मिश्रा, एएसपी।
फोरेंसिक रिपोर्ट आई जरूर है, लेकिन उसका अभी अवलोकन नहीं किया गया है और वह गोपनीय होती है। - अनुज मिश्र, सीओ बागपत।
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रंछाड़ के रहने वाले आरएसएस के खंड संचालक श्रीनिवास के बेटे अक्षय का 26 जुलाई को टीकाकरण कैंप में कोरोनारोधी टीका लगवाने के दौरान पुलिसकर्मियों से विवाद हो गया था। इसे लेकर बिनौली पुलिस पर अक्षय के घर तोड़फोड़ व परिवार का उत्पीड़न करने का आरोप लगा था। उस दिन शाम को अक्षय का शव खेत में फांसी पर लटका मिला था। इसके बाद पुलिस के खिलाफ खूब हंगामा हुआ था। अक्षय के परिजनों का ग्रामीणों के साथ ही रालोद नेताओं ने समर्थन करते हुए हंगामा किया था। बवाल बढ़ता देखकर पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया था। साथ ही तत्कालीन बिनौली थाना प्रभारी चंद्रकांत पांडेय सहित 13 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई थी। युवक के शव का डाक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गले की हड्डी टूटी मिली थी। इसके बाद अक्षय की मौत के सही कारण का पता लगाने के लिए एफआईआर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वीडियोग्राफी आदि दस्तावेज लखनऊ फोरेंसिक लैब भेजी थी। इसकी रिपोर्ट करीब एक सप्ताह पहले पुलिस अधिकारियों के पास पहुंच चुकी है, लेकिन उसे लेकर अधिकारी कुछ भी बोलने से बचते दिख रहे है।
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फोरेंसिक रिपोर्ट आई है, लेकिन उसको अभी देखा नहीं है। उसको देखकर ही कुछ बताया जा सकता है। - मनीष मिश्रा, एएसपी।
फोरेंसिक रिपोर्ट आई जरूर है, लेकिन उसका अभी अवलोकन नहीं किया गया है और वह गोपनीय होती है। - अनुज मिश्र, सीओ बागपत।