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यूरिया के साथ जबरन थोपा जा पेस्टिसाइड
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अमीनगर सराय। उर्वरकों की दुकानों पर यूरिया के साथ किसानों को जबरन पेस्टीसाइड थोपा जा रहा है। पेस्टीसाइड न लेने पर दुकानदार किसानों को यूरिया नहीं दे रहे हैं, जिससे किसान मजबूरन पेस्टीसाइड खरीदने के लिए विवश है।
प्राईवेट उर्वरक विक्रेताओं की मनमानी किसानों पर भारी पड़ रही है। दुकानदार किसानों को यूरिया के साथ सल्फर व अन्य पेस्टीसाइड देने का दबाव बना रहे हैं। अन्य रसायन न लेने वाले किसानों को यूरिया नहीं दिया जा रहा है। जिसका असर किसानों की जेब पर पड़ रहा है। किसानों को यूरिया लेने पर सौ से डेढ़ सौ रुपये अतिरिक्त खर्च करने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
सिंघावली अहीर के किसान दीपक यादव का कहना है कि बाजार से यूरिया का एक बैग खरीदने पर सौ से डेढ़ सौ रुपये अतिरिक्त खर्च करने के लिए विवश होना पड़ रहा है। चरण सिंह का कहना है कि उर्वरक विक्रेताओं की मनमानी किसानों पर भारी पड़ रही है। उर्वरक विक्रेता किसानों पर यूरिया के साथ अन्य रसायन खरीदने का दबाव बना रहे हैं। यूरिया के साथ पेस्टीसाइड खरीदने पर किसानों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ रहा है।
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बबली का कहना है कि उर्वरक विक्रेता अपनी मनमानी कर रहे हैं। उन्होंने इनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मोनू का कहना है कि एक बैग पर सौ से डेढ़ सौ रुपये का बोझ बढ़ने से चार बैग के दाम में सिर्फ तीन बैग ही मिल रहे हैं।
कोट...
किसान यूरिया के बैग के साथ पेस्टीसाइड या अन्य रसायन लेने के लिए बाध्य नहीं है। विभाग की ओर से जांच कराई जाएगी और किसानों पर यूरिया के साथ जबरन अन्य रसायन थोपने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - प्रशांत कुमार, कृषि उपनिदेशक
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प्राईवेट उर्वरक विक्रेताओं की मनमानी किसानों पर भारी पड़ रही है। दुकानदार किसानों को यूरिया के साथ सल्फर व अन्य पेस्टीसाइड देने का दबाव बना रहे हैं। अन्य रसायन न लेने वाले किसानों को यूरिया नहीं दिया जा रहा है। जिसका असर किसानों की जेब पर पड़ रहा है। किसानों को यूरिया लेने पर सौ से डेढ़ सौ रुपये अतिरिक्त खर्च करने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
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सिंघावली अहीर के किसान दीपक यादव का कहना है कि बाजार से यूरिया का एक बैग खरीदने पर सौ से डेढ़ सौ रुपये अतिरिक्त खर्च करने के लिए विवश होना पड़ रहा है। चरण सिंह का कहना है कि उर्वरक विक्रेताओं की मनमानी किसानों पर भारी पड़ रही है। उर्वरक विक्रेता किसानों पर यूरिया के साथ अन्य रसायन खरीदने का दबाव बना रहे हैं। यूरिया के साथ पेस्टीसाइड खरीदने पर किसानों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ रहा है।
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बबली का कहना है कि उर्वरक विक्रेता अपनी मनमानी कर रहे हैं। उन्होंने इनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मोनू का कहना है कि एक बैग पर सौ से डेढ़ सौ रुपये का बोझ बढ़ने से चार बैग के दाम में सिर्फ तीन बैग ही मिल रहे हैं।
कोट...
किसान यूरिया के बैग के साथ पेस्टीसाइड या अन्य रसायन लेने के लिए बाध्य नहीं है। विभाग की ओर से जांच कराई जाएगी और किसानों पर यूरिया के साथ जबरन अन्य रसायन थोपने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - प्रशांत कुमार, कृषि उपनिदेशक