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खत्म हुआ वित्तीय वर्ष, रुके काम निपटाने में लगे रहे कर्मचारी
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बागपत के एचएफडीसी बैंक में देर शाम करते बैंक कर्मचारी
- फोटो : BAGHPAT
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- सरकारी दफ्तर और, बैंकों में देर रात तक हुआ काम
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। वित्तीय वर्ष 2020-21 बुधवार को समाप्त हो गया। अंतिम दिन सभी सरकारी कार्यालय और बैंकों में देर रात तक कार्य चलता रहा। बुधवार को सबसे अधिक भीड़ बैंक और विभागों के एकाउंट विभाग में देखने को मिली। अधिकारियों ने बैंकिंग के अलावा अन्य विभागीय काम भी निपटाए।
वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन कोषागार, कलक्ट्रेट और विकास भवन के अलावा बैंकों में देर रात तक विभाग के अधिकारी और कर्मचारी काम में जुटे रहे। अधिकारियों ने योजनाओं के लिए आए बजट और खर्च का ब्योरा तैयार किया। नगर की एसबीआई, कैनरा बैंक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई, एचडीएफसी और अन्य बैंकों की शाखाओं में भी दिन भर लोगों की भीड़ लगी रही।
चार दिन से चल रही थी प्रक्रिया
डीडीओ हुबलाल ने बताया कि विकास कार्य और बजट खर्च का पूरा डाटा ऑनलाइन है। वित्तीय वर्ष का डाटा तैयार करने की प्रक्रिया पिछले चार दिन से चल रही थी। जिसके चलते समय रहते पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
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आठ से दस दिन में तैयार होता है डाटा
बागपत। डीएसटीओ एमपी सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने पर विभाग अपना लेखा-जोखा तैयार कर बचीं हुई राशि कोषागार में जमा करते हैं। धनराशि जमा होने के बाद कार्य योजना तैयार करने में आठ से दस दिन का समय लगता है।
दस करोड़ से अधिक का किया गया भुगतान
बागपत। वित्त एवं लेखाधिकारी व प्रभारी कोषाधिकारी राजन जौहरी ने बताया कि सरकारी विभाग की विभिन्न योजनाओं से संबंधित दस करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की गई है। बुधवार को वित्तीय वर्ष का अंतिम दिन होने के चलते कार्यालय में पूरा दिन गहमागहमी मची रही।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। वित्तीय वर्ष 2020-21 बुधवार को समाप्त हो गया। अंतिम दिन सभी सरकारी कार्यालय और बैंकों में देर रात तक कार्य चलता रहा। बुधवार को सबसे अधिक भीड़ बैंक और विभागों के एकाउंट विभाग में देखने को मिली। अधिकारियों ने बैंकिंग के अलावा अन्य विभागीय काम भी निपटाए।
वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन कोषागार, कलक्ट्रेट और विकास भवन के अलावा बैंकों में देर रात तक विभाग के अधिकारी और कर्मचारी काम में जुटे रहे। अधिकारियों ने योजनाओं के लिए आए बजट और खर्च का ब्योरा तैयार किया। नगर की एसबीआई, कैनरा बैंक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई, एचडीएफसी और अन्य बैंकों की शाखाओं में भी दिन भर लोगों की भीड़ लगी रही।
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चार दिन से चल रही थी प्रक्रिया
डीडीओ हुबलाल ने बताया कि विकास कार्य और बजट खर्च का पूरा डाटा ऑनलाइन है। वित्तीय वर्ष का डाटा तैयार करने की प्रक्रिया पिछले चार दिन से चल रही थी। जिसके चलते समय रहते पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
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आठ से दस दिन में तैयार होता है डाटा
बागपत। डीएसटीओ एमपी सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने पर विभाग अपना लेखा-जोखा तैयार कर बचीं हुई राशि कोषागार में जमा करते हैं। धनराशि जमा होने के बाद कार्य योजना तैयार करने में आठ से दस दिन का समय लगता है।
दस करोड़ से अधिक का किया गया भुगतान
बागपत। वित्त एवं लेखाधिकारी व प्रभारी कोषाधिकारी राजन जौहरी ने बताया कि सरकारी विभाग की विभिन्न योजनाओं से संबंधित दस करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की गई है। बुधवार को वित्तीय वर्ष का अंतिम दिन होने के चलते कार्यालय में पूरा दिन गहमागहमी मची रही।