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कोरोना से ज्यादा घातक साबित हो रहा बुखार

Sun, 25 Apr 2021 11:10 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 25 Apr 2021 11:10 PM IST
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Fever proving to be more deadly than corona
- जिले में आठ दिन में 30 लोगों की बुखार से जान गई
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- स्वास्थ्य विभाग की नहीं टूट रही नींद, ग्रामीणों में रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिले के कई क्षेत्रों में जानलेवा बुखार कोरोना से ज्यादा घातक साबित हो रहा है। स्थिति यह है कि आठ दिन में करीब 30 लोगों की जिंदगी जानलेवा बुखार लील चुका है। बड़ी संख्या में लोग बुखार से जूझ रहे हैं। खेकड़ा और पिलाना ब्लॉक क्षेत्र में बुखार से हाहाकार मचा हुआ है। कई घरों में बुखार के चलते मातम पसरा हुआ है। लगभग सभी गांवों में बुखार के मरीज लगातार तेजी से बढ़ रहे हैं। खेकड़ा कस्बा, बसी, रटौल, फुलेरा, सांकलपुठी समेत कई गांवों में इस बुखार के चलते ग्रामीणों में दहशत फैली है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की नींद नहीं टूट रही है।
तीन से चार दिन में मौत की नींद सो रहे मरीज
बुखार की वजह से ज्यादातर मरीजों की तीन से चार दिन में ही मौत हो रही है। मरने वालों के परिजनों के साथ ग्रामीण भी इस बुखार के तेजी से जानलेवा होने का कारण समझ नहीं पा रहे हैं। पहले इसे सामान्य बुखार समझ कर खुद ही इलाज कर रहे हैं। जब तक विशेषज्ञ चिकित्सक के पास मरीज को ले जाया जाता है। तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।
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टाइफाइड जैसे हैं लक्षण
इस बुखार के लक्षण भी टाइफाइड जैसे हैं। कुछ लोग तो टाइफाइड मानकर ही इसका इलाज करा रहे हैं। बसी गांव निवासी राजेश नैन ने बताया कि हमारे गांव में कई लोगों की बुखार से मौत हुई है। ज्यादातर मरीजों को तेज बुखार, शरीर में कमजोरी, ठंड लगना, खांसी, बेचैनी, सिरदर्द, पेट दर्द, उल्टी, दस्त आदि लक्षण इस बीमारी में दिखाई देते हैं।
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सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बंद, मेडिकल स्टोर से हो रहा इलाज
कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकारी अस्पतालों की ओपीडी फिलहाल बंद है। कोरोना को लेकर भी लोग डरे हुए हैं। ऐसे में ज्यादातर ग्रामीण महंगे इलाज की वजह से मेडिकल स्टोरों से दवाई लेकर खा रहे हैं। हालत बिगड़ने पर भी अप्रशिक्षितों से अपना इलाज करा रहे हैं। इससे शुरूआत में सामान्य लगने वाला बुखार मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। बुखार के कई मरीजों की मौत मेरठ के अस्पताल में हुई है। ज्यादातर मामलों में कोरोना जांच भी नहीं कराई गई। शवों का भी चुपचाप अंतिम संस्कार कर दिया गया। एक दो मामलों में मरीजों की जांच हुई तो रिपोर्ट कोरोना पॉजीटिव आई। कुछ मरीजों का तो परिजनों ने मेरठ में ही कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार कर दिया।

मरीजों की मौत के कई कारण हो सकते हैं। अभी तक हमें बुखार से मरने वालों की कोई जानकारी नहीं मिली है। यदि ऐसा है तो हम क्षेत्र में टीम भेजकर इसकी जांच कराएंगे। - डॉ. यशवीर सिंह, डिप्टी सीएमओ।
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