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गन्ना छोड़ सब्जी की खेती पर लौटे किसान
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- गन्ने का समय पर भुगतान नहीं होने से किसान हुए परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट। क्षेत्र के गांव सूजती हिम्मतपुर, टीकरी और दोघट में इस बार सब्जी की खेती की ओर किसानों का रुझान बढ़ा है। सैंकड़ों बीघा भूमि पर किसान गोभी, मिर्च, पालक, मूली, शलजम और गाजर की फसल उगा रहे हैं। किसानों का कहना है कि वह पहले गन्ने की फसल उगाते थे। लेकिन पिछले पेराई सत्र मेें इंडेंट नहीं मिला और मुश्किलें खड़ी हो गई। इस बार सब्जी की फसल उग रहे हैं।
पूर्व प्रधान कृतपाल सिंह ने बताया कि हमारे क्षेत्र में गोभी की फसल सबसे ज्यादा हो रही है। इसकी बुवाई जुलाई-अगस्त में कर दी जाती है। जिसमें ज्यादा मुनाफा होता है क्योंकि यह अगैती फसल हो जाती है। रोजाना गोभी और अन्य सब्जियों की सप्लाई दिल्ली, बिजनौर, मेरठ, नजीबाबाद, टकनपुर तक की जा रही है।
किसान जसवीर, बहादुर, संसार, अर्जुन, रमेश, संगम, मोहन, श्यामलाल, भोपाल का कहना है कि सब्जी किसानों को आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। जिला उद्यान विभाग की टीम भेजकर किसानों का सहयोग करें। महंगी दवाई और महंगे बीज होने के कारण मुश्किल होती है और किसान का मुनाफा कम हो जाता है।
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मजदूरों के परिवारों को भी लाभ
दोघट। इस बार टमाटर, बैंगन, मिर्च की फसल भी काफी बोयी गई हैं। सब्जी की खेती के कार्य से किसानों के अलावा मजदूर परिवारों को भी लाभ हुआ है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट। क्षेत्र के गांव सूजती हिम्मतपुर, टीकरी और दोघट में इस बार सब्जी की खेती की ओर किसानों का रुझान बढ़ा है। सैंकड़ों बीघा भूमि पर किसान गोभी, मिर्च, पालक, मूली, शलजम और गाजर की फसल उगा रहे हैं। किसानों का कहना है कि वह पहले गन्ने की फसल उगाते थे। लेकिन पिछले पेराई सत्र मेें इंडेंट नहीं मिला और मुश्किलें खड़ी हो गई। इस बार सब्जी की फसल उग रहे हैं।
पूर्व प्रधान कृतपाल सिंह ने बताया कि हमारे क्षेत्र में गोभी की फसल सबसे ज्यादा हो रही है। इसकी बुवाई जुलाई-अगस्त में कर दी जाती है। जिसमें ज्यादा मुनाफा होता है क्योंकि यह अगैती फसल हो जाती है। रोजाना गोभी और अन्य सब्जियों की सप्लाई दिल्ली, बिजनौर, मेरठ, नजीबाबाद, टकनपुर तक की जा रही है।
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किसान जसवीर, बहादुर, संसार, अर्जुन, रमेश, संगम, मोहन, श्यामलाल, भोपाल का कहना है कि सब्जी किसानों को आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। जिला उद्यान विभाग की टीम भेजकर किसानों का सहयोग करें। महंगी दवाई और महंगे बीज होने के कारण मुश्किल होती है और किसान का मुनाफा कम हो जाता है।
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मजदूरों के परिवारों को भी लाभ
दोघट। इस बार टमाटर, बैंगन, मिर्च की फसल भी काफी बोयी गई हैं। सब्जी की खेती के कार्य से किसानों के अलावा मजदूर परिवारों को भी लाभ हुआ है।