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किसानों का धरना, भूख हड़ताल जारी
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Mon, 11 Jan 2016 01:47 AM IST
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भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में किसानों ने दूसरे दिन भी धरना देकर शासन और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया, जबकि किसान देशपाल तोमर की भूख हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक 15 सूत्रीय मांगें नहीं मानी जाएंगी तब तक धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल जारी रहेगी।
जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह गुर्जर के नेतृत्व में किसान पूरी रात कलक्ट्रेट में धरने पर बैठे रहे। रात लगभग साढ़े 10 बजे अपर जिलाधिकारी राकेश कुमार मालपाणी किसानों को समझाने और धरना प्रदर्शन खत्म कराने के लिए कलक्ट्रेट पहुंचे, लेकिन किसान समस्याओं का समाधान हुए बगैर धरना समाप्त करने को तैयार नहीं हुए।
एडीएम ने भूख हड़ताल खत्म कराने की भी कोशिश की, लेकिन किसान नहीं माने। रविवार को पूरे दिन भाकियू कार्यकर्ता एवं किसान कलक्ट्रेट पर ही जमे रहे और शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता तब तक धरना चलता रहेगा। जिलाध्यक्ष का कहना है कि न तो सरकार को किसानों की कोई परवाह है और न ही प्रशासनिक अधिकारियों को ही किसानों की चिंता है।
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किसानों के गन्ने का भुगतान नहीं हो रहा है। गन्ने का रेट तय नहीं किया जा रहा है। जब पूरा गन्ना ले लिया जाएगा तब अपनी मनमानी से रेट तय कर देंगे। यह किसानों के साथ धोखा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धरने में शिवदत्त शर्मा, हरेंद्र दांगी, राजकुमार, अजब सिंह, भुपेंद्र तोमर, जितेंद्र वर्मा, प्रवीन तोमर, मुकेश, बबलू, विजयपाल, पुष्पेंद्र तोमर, धर्मपाल, धूम सिंह, प्रदीप गुर्जर, तेजपाल, विकास प्रधान, बहादुर, सोमपाल शास्त्री, डाक्टर आदेश, धर्मेंद्र, जितेंद्र मौजूद रहे।
ये हैं प्रमुख मांगें
- किसानों का गन्ने का बकाया भुगतान कराया
- गन्ना मूल्य तुरंत घोषित किया जाए
- नहरों में पानी छोड़ा जाए
- हिंडन और कृष्णा नदी को प्रदूषण मुक्त किया जाए
- दिल्ली यमुनोत्री हाईवे का निर्माण कराया जाए
- पेरीफेरल एक्सप्रेस वे से जुड़े किसानों को मुआवजा दिया जाए
- पुलिस महकमे में बिना परीक्षा के भर्ती न की जाए
- बिजली के बढ़े रेट कम किया जाए
- चिकित्सकों की तैनाती की जाए, आईसीयू की व्यवस्था की जाए
- स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति मानक के अनुसार की जाए
- नगर के श्मशान भूमि को कब्जामुक्त कराकर चारदीवारी कराएं
- स्कूली बस दुर्घटना के पीड़ितों को मुआवजा दिलाया जाए
- लहचौड़ा के एक्सप्रेस वे में गए स्कूल का निर्माण कराया जाए
- अवैध खनन पर पाबंदी लगाई जाए
- ओवरलोड वाहनों पर प्रतिबंध लगाया जाए
- डूंडाहेड़ा बिजलीघर का लोड कम किया जाए
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जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह गुर्जर के नेतृत्व में किसान पूरी रात कलक्ट्रेट में धरने पर बैठे रहे। रात लगभग साढ़े 10 बजे अपर जिलाधिकारी राकेश कुमार मालपाणी किसानों को समझाने और धरना प्रदर्शन खत्म कराने के लिए कलक्ट्रेट पहुंचे, लेकिन किसान समस्याओं का समाधान हुए बगैर धरना समाप्त करने को तैयार नहीं हुए।
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एडीएम ने भूख हड़ताल खत्म कराने की भी कोशिश की, लेकिन किसान नहीं माने। रविवार को पूरे दिन भाकियू कार्यकर्ता एवं किसान कलक्ट्रेट पर ही जमे रहे और शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता तब तक धरना चलता रहेगा। जिलाध्यक्ष का कहना है कि न तो सरकार को किसानों की कोई परवाह है और न ही प्रशासनिक अधिकारियों को ही किसानों की चिंता है।
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किसानों के गन्ने का भुगतान नहीं हो रहा है। गन्ने का रेट तय नहीं किया जा रहा है। जब पूरा गन्ना ले लिया जाएगा तब अपनी मनमानी से रेट तय कर देंगे। यह किसानों के साथ धोखा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धरने में शिवदत्त शर्मा, हरेंद्र दांगी, राजकुमार, अजब सिंह, भुपेंद्र तोमर, जितेंद्र वर्मा, प्रवीन तोमर, मुकेश, बबलू, विजयपाल, पुष्पेंद्र तोमर, धर्मपाल, धूम सिंह, प्रदीप गुर्जर, तेजपाल, विकास प्रधान, बहादुर, सोमपाल शास्त्री, डाक्टर आदेश, धर्मेंद्र, जितेंद्र मौजूद रहे।
ये हैं प्रमुख मांगें
- किसानों का गन्ने का बकाया भुगतान कराया
- गन्ना मूल्य तुरंत घोषित किया जाए
- नहरों में पानी छोड़ा जाए
- हिंडन और कृष्णा नदी को प्रदूषण मुक्त किया जाए
- दिल्ली यमुनोत्री हाईवे का निर्माण कराया जाए
- पेरीफेरल एक्सप्रेस वे से जुड़े किसानों को मुआवजा दिया जाए
- पुलिस महकमे में बिना परीक्षा के भर्ती न की जाए
- बिजली के बढ़े रेट कम किया जाए
- चिकित्सकों की तैनाती की जाए, आईसीयू की व्यवस्था की जाए
- स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति मानक के अनुसार की जाए
- नगर के श्मशान भूमि को कब्जामुक्त कराकर चारदीवारी कराएं
- स्कूली बस दुर्घटना के पीड़ितों को मुआवजा दिलाया जाए
- लहचौड़ा के एक्सप्रेस वे में गए स्कूल का निर्माण कराया जाए
- अवैध खनन पर पाबंदी लगाई जाए
- ओवरलोड वाहनों पर प्रतिबंध लगाया जाए
- डूंडाहेड़ा बिजलीघर का लोड कम किया जाए