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EXCLUSIVE: किसानों को नहीं मिले गेहूं उतराई, छनाई और सफाई के 11 लाख रुपये
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- जिले के क्रय केंद्रों पर खरीदा गया था 5897 मीट्रिक टन गेहूं
- विपणन विभाग के चक्कर काटने को मजबूर हो रहे किसान
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। सरकारी केंद्रों पर गेहूं खरीद के दौरान किसानों के खाते से काटे जाने वाले प्रति क्विंटल बीस रुपये अभी तक वापस नहीं मिले हैं। जिले में 18 केंद्रों पर करीब 5897 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था। किसानों के 11 लाख से अधिक रुपये विपणन विभाग पर बकाया चले आ रहे हैं।
सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद के दौरान गेहूं की उतराई, छनाई और सफाई के व्यय के नाम पर प्रति क्विंटल 20 रुपये के हिसाब से किसानों के खाते से काटा जाता है। इस बार भी यह रुपये किसानों के खाते से काटे गए थे। नियम यह है कि केंद्र सरकार से अनुमति प्राप्त होने के बाद सीएम के अनुमोदन के पश्चात यह धनराशि प्रतिपूर्ति के रूप में किसानों के खातों में डालने की प्रक्रिया होती है। लेकिन अभी तक किसानों को यह रुपये नहीं मिले हैं। किसान विपणन विभाग के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
18 केंद्रों पर खरीदा गया 5897 मीट्रिक टन गेहूं
बागपत। जिले में खाद्य विभाग, पीसीएफ, यूपी एग्रो और निगम के 18 केंद्र बनाए गए थे। इन 18 केंद्रों पर किसानों से 5897 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया, जिसकी प्रतिपूर्ति करीब 11 लाख रुपये बैठती है।
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प्रतिपूर्ति का शासन से कोई आदेश नहीं मिला है। जैसे ही धनराशि और आदेश की प्राप्ति होगी, यह प्रतिपूर्ति किसानों को उपलब्ध करा दी जाएगी। - कौशल देव, जिला खाद्य विपणन अधिकारी।
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- विपणन विभाग के चक्कर काटने को मजबूर हो रहे किसान
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। सरकारी केंद्रों पर गेहूं खरीद के दौरान किसानों के खाते से काटे जाने वाले प्रति क्विंटल बीस रुपये अभी तक वापस नहीं मिले हैं। जिले में 18 केंद्रों पर करीब 5897 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था। किसानों के 11 लाख से अधिक रुपये विपणन विभाग पर बकाया चले आ रहे हैं।
सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद के दौरान गेहूं की उतराई, छनाई और सफाई के व्यय के नाम पर प्रति क्विंटल 20 रुपये के हिसाब से किसानों के खाते से काटा जाता है। इस बार भी यह रुपये किसानों के खाते से काटे गए थे। नियम यह है कि केंद्र सरकार से अनुमति प्राप्त होने के बाद सीएम के अनुमोदन के पश्चात यह धनराशि प्रतिपूर्ति के रूप में किसानों के खातों में डालने की प्रक्रिया होती है। लेकिन अभी तक किसानों को यह रुपये नहीं मिले हैं। किसान विपणन विभाग के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
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18 केंद्रों पर खरीदा गया 5897 मीट्रिक टन गेहूं
बागपत। जिले में खाद्य विभाग, पीसीएफ, यूपी एग्रो और निगम के 18 केंद्र बनाए गए थे। इन 18 केंद्रों पर किसानों से 5897 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया, जिसकी प्रतिपूर्ति करीब 11 लाख रुपये बैठती है।
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प्रतिपूर्ति का शासन से कोई आदेश नहीं मिला है। जैसे ही धनराशि और आदेश की प्राप्ति होगी, यह प्रतिपूर्ति किसानों को उपलब्ध करा दी जाएगी। - कौशल देव, जिला खाद्य विपणन अधिकारी।